स्वतंत्र प्रभात-देश में झोलाछाप नहीं कर सकेंगे इलाज योग्यता ना होने पर ना करें इलाज नहीं तो होगी कार्रवाई

 

प्रशांत तिवारी

स्टेट रिपोर्टर

 

देश में झोलाछाप नहीं कर सकेंगे इलाज बिना डिग्री के इलाज करने वालों पर होगी कार्रवाई

लाखों झोलाछापों पर गिरेगी गाज योग्यता नहीं तो ना करें इलाज

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिना स्वीकृति या अनुमोदित  योग्यता के किसी भी व्यक्ति को इस आधार पर मरीजों के इलाज  का अधिकार नहीं दिया जा सकता है कि उनका व्यवसाय पुश्तैनी है ।

किसी भी व्यवसाय को अपनाने के अधिकार पर लगेगा लगाम

किसी भी पेशे या व्यवसाय को अपनाने के मौलिक अधिकार का यह कतई मतलब नहीं है कि बिना स्वीकृति योग्यता के देसी और पारंपरिक तरीके से झोलाछाप डॉक्टर आम लोगों के जिंदगी यों के साथ खिलवाड़ करते रहें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि भारतीय संविधान के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी पैसे और व्यवसाय को अपनाने का अधिकार रखता है लेकिन उस व्यवसाय के संबंधित कानून के दायरे में रहकर ही व्यवसाय किया जाए

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इलाज करने वाले का अधिकार महत्वपूर्ण है लेकिन उनकी योग्यता भी नए तकनीकी युग में  महत्वपूर्ण है इसके साथ ही मरीजों को उचित चिकित्सा सुविधा पाने के अधिकार भी  महत्वपूर्ण है इन सभी बिंदुओं पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एक फैसले में कहा कि हमारे देश में आवश्यकता है डॉक्टरों की किंतु आजादी के बाद तमाम तरह की प्रशिक्षण केंद्र देश में मौजूद हैं और सुधार आया है मेडिकल के क्षेत्र में तो कम से कम डॉक्टरों की योग्यता इलाज करने के लायक तो होनी चाहिए

मेडिकल संबंधी दावो के लिए समिति बनाएं

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत 7 दिनों में उच्च अधिकार प्राप्त समिति का गठन करने के लिए कहा है शीर्ष अदालत ने समिति में विशेष महानिदेशक महानिदेशक दो अतिरिक्त निदेशक और एक विशेषज्ञ होने की बात कही जो इस व्यवसाय से संबंधित कानून को और इस व्यवसाय को बेलगाम होने से रोक सके इस समिति की गठन जल्द से जल्द होनी चाहिए

 

 

PRASHANT TIWARI
recommend to friends

Comments (0)

Leave comment