स्वतंत्र प्रभात-चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ की समाधि पर होगा भव्य मेले का आयोजन

 

अवध नगरी के प्रतीकों में आध्यात्मिक धार्मिक इतिहास समेटे चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ के समाधि स्थल मंदिर परिसर में बैशाखी अमावस्या पर सोमवार को भव्य वार्षिक मेले का आयोजन होगा।

यहां दूर दराज से आए साधक व भक्तजन अपनी अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए विधि विधान से पूजन अर्चन कर पौराणिक समाधि स्थल पर मत्था टेकेंगे।

पूरा बाजार ग्राम पंचायत के मध्य मांझा मांझा मूडाडीहा के निकट बिल्‍वहरि घाट पर चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ की श्वेत संगमरमर से निर्मित समाधि व भव्य मंदिर यहां स्थित है। जो रामायणकालीन चुनिंदा पौराणिक प्रतीकों में से एक है।

जहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं ।

मान्यता है कि दशरथ समाधि स्थल पर पूरे विधि-विधान से पूजन अर्चन करने से शनि की साढ़ेसाती जैसी महादशा के प्रकोप से छुटकारा मिलता है। 


पौराणिक कथा - पद्म पुराण के अनुसार ज्योतिषियों ने राजा दशरथ को बताया कि ग्रह योग के ब्रह्मा जी के नक्षत्र रोहिणी का भेदन शनिदेव करके आगे निकल जाएंगे यह संकट भेद नामक योग है। जो तीनों लोकों के लिए भयंकर है। जिसमें 12 वर्षों तक अकाल तूफान तथा अकाल मृत्यु से चारों ओर हाहाकार हो जाएगा।

गुरु वशिष्ठ के आदेश पर राजा दशरथ प्रजा की सुरक्षा के लिए दिव्यास्त्रों सहित दिव्‍य धनुष लेकर रोहिणी पृष्ठ जो सूर्य से सवा लाख योजन पर स्थित है की ओर चल पड़े। धनुष की टंकार से भयभीत होकर शनि बोले हम आप से युद्ध नहीं करेंगे।

आपके तेज और पौरूष से संतुष्ट हैं आप कुछ भी मंगिए। राजा दशरथ ने कहा आज से आप मनुष्य पशु पक्षी तथा किसी भी प्राणी को पीड़ा ना दें। तभी से मान्यता है कि दशरथ समाधि स्थल पर पूजन अर्चन से मनुष्य शनि देव की पीड़ा से मुक्त हो जाता है। 


पूजन की शास्त्रीय विधि - महंत दिलीप दास ने बताया कि जिससे भगवान श्री शनिदेव अरिष्‍ट हों और साढ़ेसाती या ढैय्या के महादशा का श्राप झेल रहा हो। उन व्यक्तियों को बैशाखी अमावस्या के दिन प्रातः काल स्नान ध्यान करके समाधि स्थल पर एक पीला चादर,

सवा मीटर काला कपड़ा, सवा पाव सरसों का तेल, सवा पाव काला, तिल ,धूपबत्ती, मिट्टी का दिया, यथासंभव द्रव्य, व मिष्‍ठान चढ़ाकर भगवान शनिदेव का मंत्र जपते हुए समाधि की परिक्रमा करने से शनि की महादशा से छुटकारा मिल जाता है। 


अमावस्या उत्सव की तैयारियां तेज- अमावस्या उत्सव की तैयारियों का संचालन कर रहे संदीप दास ने बताया कि क्षेत्राधिकारी सदर धीरेंद्र विक्रम सिंह व प्रभारी निरीक्षक जगदीश उपाध्याय ने मेला स्थल का जायजा लेकर पुलिस व पीएसी के जवान तैनात कर दिए हैं। मेलार्थियों की सुविधा के लिए पानी की टंकी शौचालय तथा पर्याप्त सफाई कर्मी तैनात है।

VINAY KUMAR GUPTA
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