स्वतंत्र प्रभात-बहू ने किया था इनकार ससुर ने बड़े बेटे के साथ मिलकर किया  ठिकाने लगाने का प्रयास

 

बहू ने किया था इनकार ससुर ने बड़े बेटे के साथ मिलकर किया  ठिकाने लगाने का प्रयास

 पिता के घर से विदाई के बाद से  पिता का स्थान ससुर को  मिल जाता है  किंतु कलयुगी ससुर ने ही सारे रिश्ते नाते को ताक पर रखकर नशेड़ी बेटे के अर्धांगिनी पर ही नज़र टिका ली थी

जी हां अब आप सही समझ रहे हैं यह वारदात गुडंबा में बीते 4 मार्च की रात पत्नी अनुसुइया को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने वाले पति को पुलिस ने अरेस्ट करके जेल भेज दिया था। लेकिन इस साजिश में सामिल मृतका के प्रिंसिपल ससुर अचलसिंह को पुलिस के गिरफ्त से बाहर बताया जा रहा है

अभी तक गिरफ्तार नही कर सकी है राजधानी पुलिस ।

 

इस मामले में एक पड़ोसी के घर से  धोखे मे प्रिंसिपल ने बहू की बीमारी की बता कर रात में कार मांगी थी और कार में बहू की लाश रखकर ठिकाने लगाने का असफल प्रयास किया था। कार मालिक को जब रास्ते में हकीकत का पता चला,तो उसने विरोध करके कार वापस लाकर लाश उनके घर उतराई थी।

5 मार्च सुबह करीब दस बजे पुलिस व मृतका के मायके वालों को घटना की जानकारी दी थी। मृतका के भाई ने बहनोई व उसके पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सूत्र बताते हैं,कि इस मामले गुडंबा के एक दारोगा ने कार मालिक से बारी-बारी में 90 हजार रुपये बचाने के लिए उससे ले लिए।

जबकि नामजद आरोपी प्रिंसिपल को बचाने के लिए डीलिंग चल रही है। यह डीलिंग एक व्यापारी नेता के द्वारा कराई जा रही है। मोल भाव में मामला बनते-बनते कई बार रह गया।


क्या था पूरा मामला 


बारांबकी के सतरिख में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में अचलसिंह प्राधानाचार्य हैं और वह परिवार के साथ गुडंबा के सेक्टर-G जानकीपुरम् कालोनी में दो बेटे और उनकी बहुओं के साथ रहते हैं। बताया जाता है,कि अचलसिंह का बड़ा बेटा अजयसिंह नशेड़ी है,जबकि उसकी पत्नी अनुसुइया आंगनबाड़ी में काम करती थी।

नशेड़ी अजय अक्सर अपने पत्नी से मारपीट करता रहता था। इन्हीं सारी बातों का फायदा उठाते हुए प्रिंसिपल साहब का नजर अपने ही बहू पर  लटकी रहती थी क्योंकि बेटा नशे में हुआ करता था इसी का फायदा प्रिंसिपल साहब  उठाया करते थे

पड़ोसियों के मुताबिक अजय रात में नशे में धुत होकर घर आता था और अपनी पत्नी से मारपीट करता था। बीते 4 मार्च की देर रात अजय की पत्नी की रोने चिल्लाने की आवाजें आ रही थी।

 

पड़ोसी से रात में बीमारी के बहाने मांग लिया कार

 सुत्रों ने बताया, कि 5 मार्च की सुबह करीब चार बजे प्रिसिंपल अचलसिंह एक पड़ोसी के घर गये और बोले उसकी पुत्र बहू अनुसुइया अचानक बीमार हो गयी है,उसे इलाज की शक्त जरूरत है। प्रिसिंपल के अनुरोध पर उस पड़ोसी ने अधमरी अनुसुइया को कार में लाद कर इलाज के लिए निकल पड़ा।

बताया जाता है,कि चालक ने एक निजी अस्पताल के पास कार रोंकी। लेकिन प्रिंसिपल ने चालक से कहा इलाज बहू का बारांबकी के एक अस्पताल में होगा। प्रिसिंपल की बात मान कर कार चालक चल पड़ा। कार बारांबकी के सफेदाबाद पहुंची थी,

तभी पता चला कि अनुसुइया की मौत हो चुकी है। अनुसुइया की शांसे थम जाने पर नशेड़ी के पिता प्रिसिंपल ने कार को वापस घर लाया और मृत बहू को बेड पर लिटवा दिया। सूत्र बताते हैं,कि बाप-बेटा मिलकर लाश को ठिकाने लगाने के प्रयास में थे।

लेकिन दोनों का प्रयास चालक के विरोध में असफल रहा।

PRASHANT TIWARI
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