स्वतंत्र प्रभात-राजधानी में खुलेआम चल रही अवैध फूड फैक्ट्रियां...फ़ूड इंस्पेक्टर लेते है चंदा

 

अवैध रूप से चल रही फूड फैक्ट्रियां-


लखनऊ :-

चिनहट क्षेत्र में कई ऐसी फैक्ट्रियां हैं जो की अवैध रूप से चल रही है, साथ ही लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।


इन फैक्ट्रियों में ना तो मानकों के अनुसार खाद्य पदार्थों का निर्माण हो रहा है ,और ना ही साफ सफाई का ध्यान रखा जा रहा है चारों तरफ गंदगी एवं खाद्य पदार्थों को बनाने के लिए घटिया किस्म की खाद सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है

इसके बावजूद एफएसएसएआई की तरफ से इनको क्लीन सर्टिफिकेट दे दिया जाता है। ताजा मामला चिनहट क्षेत्र के कल्याणी विहार, विमल नगर ,तकरोही जैसे क्षेत्रो में आवासीय कॉलोनियों के बीच में अवैध रूप से फूड फैक्ट्रियां फल-फूल रही हैं।

पत्रकारों की टीम हकीकत जानने के लिए जब फूड फैक्ट्रियों के अंदर पहुंची तब वहां का नजारा और भी चौंकाने वाला था टीम ने वहां के नजारे को कैमरे में कैद कर लिया।

 

टीम ने देखा वहां घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल हो रहा था चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी ,

सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था डिब्बो पर गंदगी जमी हुई थी साथ ही बच्चों से काम कराया जा रहा था।

कुछ फैक्ट्रियों का तो रजिस्ट्रेशन भी नहीं था।

और जिन फैक्टरीयों का रजिस्ट्रेशन था उनके मालिकों से पूछने पर उन्होंने बताया कि हर महीने फूड इंस्पेक्टर आते हैं और खाद्य पदार्थों का नमूना ले जाते हैं, और साथ ही अपनी फीस भी ले जाते हैं।

असल बात यह है कि खाद्य विभाग एवं फैक्ट्रियों के बीच कुछ लेन-देन का मामला चलता है। क्योंकि एफएसएसएआई का सर्टिफिकेट बिना शुद्धता के नहीं मिलता और इन फैक्ट्रियों को एफएसएसएआई का सर्टिफिकेट प्राप्त है,

 

इसके एवज में समय-समय पर खाद्य निरीक्षकों को इन फैक्ट्रियों से एक मोटी रकम कमीशन के रूप में मिलती रहती है

अब देखना तो यह है कि मामला प्रकाश में आने के बाद खाद विभाग की ओर से क्या कार्यवाही होती है।

DILIP THAKUR
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