स्वतंत्र प्रभात-इस शख्स ने ऐसे जीती 325 करोड़ रुपये की शर्त

 

एलन मस्क दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी लिथियम ऑयन बैटरी बनाकर 325 करोड़ रुपये की शर्त जीतने में कामयाब रहे हैं.

टेस्ला के चेयरमैन एलन मस्क ने एक और बड़ा कारनामा कर दिखाया है. बैटरी से चलने वाला ट्रक और जेट से तेज दौड़ने वाली कार बनाने के बाद एलन मस्क दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी लिथियम ऑयन बैटरी बनाकर 325 करोड़ रुपये की शर्त जीतने में कामयाब रहे हैं. मस्क की कंपनी ने 100 दिन की समय अवधि के भीतर इतनी बैटरी बनाई है. मस्क ने यह रिन्यूबल एनर्जी प्रोजेक्ट साउथ ऑस्ट्रेलिया के लिए बनाया है. मार्च 2016 में तेज तूफान के बाद साउथ ऑस्ट्रेलिया में ब्लैकआउट हो गया था, जिसके बाद मस्क और टेस्ला की बैटरी डिवीजन के हेड लैंडन राइव ने एक एनर्जी स्टोरेज फैसिलिटी बनाने का प्रस्ताव रखा.

1 दिसंबर थी प्रोजेक्ट की डेडलाइन

उस समय मस्क ने एक शर्त लगाई थी. शर्त यह थी कि अगर कॉन्ट्रैक्ट पर दस्तखत किए जाने के 100 दिनों के भीतर बैटरी इंस्टॉल होने के साथ यह काम करना शुरू नहीं करती है तो 50 मिलियन डॉलर (करीब 325 करोड़ रुपये) का यह सिस्टम फ्री होगा. इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन 1 दिसंबर को खत्म हो रही थी, उसके पहले स्टेट प्रीमियर जे वेथरिल ने घोषणा की है कि यह प्रोजेक्ट पूरा हो गया है. मस्क के बनाए गए इस प्रोजेक्ट के तहत लिथियम ऑयन बैटरी फ्रेंच रिन्यूबल एनर्जी कंपनी नियोएन के विंड फर्म के द्वारा पैदा की जाने वाली एनर्जी को स्टोर करेगी.

एनर्जी स्टोरेज में मस्क ने किया है बड़ा निवेश

प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद मस्क ने ट्वीट किया, 'टेस्ला के कर्मचारियों और साउथ ऑस्ट्रेलियाई अथॉरिटीज को बधाई, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को रिकॉर्ड टाइम में बनाने और बैटरी इंस्टॉल करने के लिए जी-तोड़ मेहनत की.' टेस्ला ने एनर्जी स्टोरेज और सोलर पैनल टेक्नोलॉजी में भी भारी भरकम निवेश कर रखा है. कंपनी का मानना है कि उसकी टेक्नोलॉजी व्हीकल्स के अलावा दूसरी चीजों के लिए भी टेक्नोलॉजी डिवेलप सकती है और ग्रिड को पावर सप्लाई कर सकती है.

recommend to friends

Comments (0)

Leave comment