स्वतंत्र प्रभात-खास बातें इस मामले में एक सत्र अदालत ने प्रजापति की जमानत को मंजूरी दे दी थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने

 

पुतिन के मुताबिक उत्तर कोरिया अमेरिका से डरा हुआ महसूस करता है और उसे अपने असतित्व के लिये जनसंहार के हथियार विकसित करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं सूझ रहा.

खास बातें :

  1. उत्तर कोरिया ने 29 नवंबर को द्विस्तरीय तरल ईंधन वाले मिसाइल का परीक्षण किया था. 

  2. यह मिसाइल 13 हजार किलोमीटर तक मार करने की क्षमता रखता है.

  3. यह मिसाइल उत्तर कोरिया के पहले के आईसीबीएम, द ह्वासोंग-14 से बड़ा है.

मास्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार (14 दिसंबर) को कहा कि उत्तर कोरिया के साथ अमेरिका के बिना पूर्व शर्त बातचीत को तैयार होने की वॉशिंगटन की घोषणा के बाद हकीकत से वाकिफ होने के अमेरिकी रुख का वह स्वागत करते हैं. पुतिन ने अपने साल के आखिर में होने वाले सम्मेलन में कहा कि यह एक बहुत अच्छा संकेत है जो यह यह दिखाता है कि अमेरिकी नेतृत्व हकीकत से वाकिफ होने की दिशा में बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि दोनों देशों को स्थिति को उकसाने को रोकने की जरूरत है.’’ पुतिन के मुताबिक उत्तर कोरिया अमेरिका से डरा हुआ महसूस करता है और उसे अपने असतित्व के लिये जनसंहार के हथियार विकसित करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं सूझ रहा. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस उत्तर कोरिया के परमाणु दर्जे को मान्यता नहीं देता. उन्होंने कहा, ‘‘हमें अत्यधिक सावधान रहने की जरूरत है.’’

उल्लेखनीय है कि उत्तर कोरिया को दुनिया का सबसे मजबूत परमाणु शक्ति वाला देश बनाने की किम जोंग-उन की घोषणा के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने बीते 13 दिसंबर को कहा कि अमेरिका परमाणु नि:शस्त्रीकरण मुद्दे पर बिना पूर्व शर्त के उत्तर कोरिया के साथ वार्ता शुरू करने को तैयार है. अमेरिका ने उत्तर कोरिया को यह पेशकश ऐसे समय की है जब उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़ने वाले कई प्रतिबंध उत्तर कोरिया पर लगे हुए हैं और दो सप्ताह पहले ही इस देश ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टक मिसाइल का परीक्षण किया है.

इस पेशकश से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि टिलरसन के पहले वाले रुख में अंतर आया है क्योंकि टिलरसन ने एक बार कहा था कि अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ कोई मोल-तोल नहीं करेगा और वार्ता तभी संभव है जब किम-जोंग उन सरकार परमाणु नि:शस्त्रीकरण के लिए तैयार हो. टिलरसन ने कहा, ' हमने इसे कूटनीतिक तौर पर कहा है कि अगर उत्तर कोरिया बातचीत को तैयार होता है तो हम कभी भी बातचीत को तैयार हैं. हम पहली वार्ता बिना किसी पूर्व शर्त के करने को तैयार हैं.'

टिलरसन अटलांटिक काउंसिल कोरिया फाउंडेशन फोरम की ओर से आयोजित 'मीटिंग द फॉरेन पॉलिसी चैलेंजेज ऑफ 2017 एंड बियॉन्ड' कार्यक्रम में बोल रहे थे. यह पेशकश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी से ठीक उलट है. राष्ट्रपति ने कहा था कि बातचीत विफल हो चुकी है और टिलरसन अपना समय बर्बाद कर रहे हैं. टिलरसन ने कहा है कि उत्तर कोरिया से यह मांग करना कि वह बातचीत शुरू करने से पहले अपने हथियार छोड़ दे, यह मांग व्यवहार्य नहीं है.

अमेरिका के विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन अपने देश को दुनिया की सबसे मजबूत परमाणु शक्ति बनाने की कसमें खा रहे हैं. हालांकि व्हाइट हाउस ने तत्काल यह कहा है कि उत्तर कोरिया को लेकर राष्ट्रपति के विचार में कोई बदलाव नहीं आया है.

 

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