स्वतंत्र प्रभात-कुलभूषण जाधव ने बिना मंगलसूत्र के मां को देखते ही पहला सवाल पूछा-'बाबा कैसे हैं', जानें क्‍यों

 

सुषमा स्‍वराज ने बताया कि कुलभूषण जाधव की मां को मराठी में नहीं बोलने दिया गया. दो पाकिस्‍तानी अधिकारी मीटिंग के दौरान लगातार उनको टोकते रहे. बीच में तो एक वक्‍त इंटरकॉम ही रोक दिया गया. 

खास बातें :

  1. कुलभूषण जाधव के परिवार के साथ पाकिस्‍तान में हुई बदसलूकी

  2. विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने इस मसले पर सदन में दिया बयान

  3. बुधवार को कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से मांगा था जवाब

नई दिल्‍ली: जब पाकिस्‍तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव की मां और पत्‍नी उनसे मिलने पहुंचे तो अपनी मां को मंगलसूत्र, बिंदी और चूड़ी में नहीं देखकर आशंकित आवाज में सबसे पहला सवाल यही पूछा कि 'बाबा कैसे हैं.' वह दरअसल अपने पिता की कुशलक्षेम जानने के लिए व्‍याकुल हो गए थे. इस बात की जानकारी विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने राज्‍यसभा में दी. पाकिस्‍तान में जाधव के परिजनों से हुए दुर्व्‍यवहार के मसले पर बयान देते हुए सदन में विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्‍तान ने मुलाकात के दौरान बेहद अमानवीयता का परिचय दिया.

उसने मानवीय गरिमा को तार-तार कर दिया. कुलभूषण की मां और पत्‍नी के मंगलसूत्र, बिंदी और चूडि़यां तक उतरवा ली गईं. इस दौरान कुलभूषण की मां ने पाकिस्‍तानी अधिकारियों से कहा कि ये सुहाग की निशानियां हैं, कृपया इनको मत उतरवाएं. इस पर भी पाकिस्‍तानी अधिकारियों का दिल नहीं पसीजा. दोनों सुहागिनों को विधवा की तरह पेश किया गया. इसी वेशभूषा की वजह से जाधव के मन में आशंका हुई कि उनकी गैरमौजूदगी में घर में कोई घटना तो घटित नहीं हो गई. इसलिए ही अपने पिता के बारे में उन्‍होंने सबसे पहले जानना चाहा. 

सुषमा स्‍वराज ने बताया कि कुलभूषण जाधव की मां को मराठी में नहीं बोलने दिया गया. दो पाकिस्‍तानी अधिकारी मीटिंग के दौरान लगातार उनको टोकते रहे. बीच में तो एक वक्‍त इंटरकॉम ही रोक दिया गया. मुलाकात से पहले कुलभूषण की पत्‍नी के जूते उतरवा लिए गए. उनको वापस भी नहीं किया गया. पाकिस्‍तान ने कहा कि उन जूतों में रिकॉर्डर या टेप है. इससे ज्‍यादा असंगत कुछ नहीं हो सकता क्‍योंकि पाकिस्‍तान की यात्रा के दौरान इन लोगों ने दो फ्लाइटों में सफर किया. यदि ऐसा होता तो एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान तो ऐसी चीज पकड़ में आती. इस अतार्किक व्‍यवहार की व्‍याख्‍या नहीं की जा सकती. जाधव की पत्‍नी बार-बार अपने जूते वापस मांगती रहीं लेकिन उनको वापस नहीं किया गया. 

विदेश मंत्री ने कहा कि अपने परिवार के साथ मुलाकात के दौरान जाधव काफी तनाव में थे. साफ पता चल रहा था कि उन्‍हें कैद करने वालों ने उन्‍हें जो सिखा-पढ़ाकर भेजा गया, वो वही बोल रहे थे. वह पूरी तरह स्‍वस्‍थ भी नहीं है, यह साफ दिख रहा था. मुलाकात के दौरान किसी भी प्रकार के मानवीय तकाजे का ख्‍याल नहीं रखा गया. परिवार के मानवाधिकारों का बारंबार उल्‍लंघन किया गया एवं भय का माहौल बनाया गया. 

इस मुलाकात के बाद पाकिस्‍तानी अधिकारियों ने उनकी कार को जानबूझकर रोका गया ताकि मीडिया उनके परिवार को तंग कर सकें और उनसे अभद्र सवाल करके परेशान किया गया. जाधव की पत्‍नी के जूतों को लेकर पाकिस्‍तानी अधिकारी कुछ शरारत करने वाले हैं यह हमें आशंका है. 

गौरतलब है कि जाधव की मां और पत्नी ने बीते सोमवार को उनसे पाकिस्तान में मुलाकात की थी. इस दौरान जाधव की मां और पत्नी की चूड़ियां, बिंदी, मंगलसूत्र उतरवा लिया गया था. कल विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था कि यह स्पष्ट रूप से आपसी समझ की भावना का उल्लंघन है. जाधव की पत्‍नी के जूते उतरवाए जाने के संदर्भ में पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने बयान में दावा करते हुए कहा था कि कुलभूषण की पत्नी के जूते सुरक्षा कारणों से जब्त किए गए थे, क्योंकि उसमें 'कुछ' था. पाकिस्‍तान ने कहा था कि उनके जूतों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.

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