स्वतंत्र प्रभात-शालीनता से मनायें नया साल

 

आजकल विश्व के अधिकांश देश में एक जनवरी को ही नव वर्ष मनाया जाता है । एक सप्ताह पूर्व क्रिसमस के दिन से ही नव वर्ष के बधाई पत्र भेजे जाते हैं । दीपावली की भांति ही नव वर्ष पर ही अब मिठाइयां देने का प्रचलन बढ़ रहा है । व्यापारिक कम्पनियां नये-नये कलैंडर छपवाती हैं और प्रचारार्थ बांटती है ।

दूरदर्शन से 31 दिसम्बर की रात को अनेक प्रकार के रंगारंग कार्यक्रमों का प्रसारण होता है । सप्ताह भर पहले ही होटलों और रेस्तराँओं में अग्रिम बुकिंग हो जाती है । बड़े-बड़े नगरों में पुलिस को इस दिन व्यापक बन्दोबस्त करना पड़ता है । जैसे ही रात्रि के बारह बजते हैं, नववर्ष की उल्लासमयी घोषणाएं प्रारम्भ हो जाती हैं । युवक-युवतियों के समूह नाचते-गाते, मौज-मस्ती मनाते देखे जाते हैं । कुछ लोग मदिरापान करके अभद्र प्रदर्शन करते हुए भी पाये जाते हैं । पुलिस ऐसे लोगों को चेतावनी देकर छोड़ देती है । अश्लील हरकतें करने वालों के चालान भी कर दिए जाते हैं ।

हमें नव वर्ष का स्वागत भारतीय अथवा अभारतीय किसी भी दृष्टि से करें, हमारे कार्यक्रम शालीन एवं संगत तथा राष्ट्र को जोड़ने वाले होने चाहिए । लेखक

SUSHIL KUMAR VERMA
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