स्वतंत्र प्रभात-रेपिस्टों को एक साथ एक दिन एक समय एक सजा दो सरकार वरना इस्तीफा दे दो।

 

किसी ज्ञानी ने कहा है कि जब किसी जघन्य अपराध में बदरंग राजनीति घुसेड़ने और अपराध को बेवजह बेअसर शब्दों से बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा हो तो

दाल में कुछ काला है।

लेकिन यहां तो दाल ही काली नजर आ रही है।
हां हम बात कर रहे हैं कठुआ रेप केस की। 


अब साहब रेप तो अपने आप में जघन्यतम अपराध है

इसकी जितनी भत्र्सना की जाय कम होगी। हो सकता है कुछ लोग देश द्रोह को सबसे बड़ा अपराध मानते हों और हो सकता है कि वे सही भी हों लेकिन मैं उनसे कतई सहमत नहीं हूं और मैं बलात्कार को सबसे बडा अपराध मानता हूं।

लेकिन बलात्कार जैसे अपराध को हिन्दू मुसलमान का एंगिल जोड़ते हैं तो शंका उत्पन्न होती है। और सबसे बड़ी शंका ये उत्पन्न होती है कि ऐसे लोगों की नीयत क्या है?

समझ में नहीं आता कि दुनिया के सबसे बड़े अपराध को एक हिन्दू मुसलमान का अपराध क्यों बताते हैं जब कि देश में जगह जगह हर इन्सान अपने बगल वाले से एक युद्ध लड़ रहा है। आप पीड़ित को न्याय दिलाना चाहते हैं या एजेण्डा मिक्सिंग के द्वारा आप अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं ? मैं उस बच्ची को वास्तव में न्याय दिलाना चाहता हूं

और एक ही सजा चाहता हूं कि ऐसे अपराधी को हिजड़ा बना दिया जाना चाहिए और पूरे देश को बता दिया जाना चाहिए कि अब इस अपराधी से डरने की जरूरत नहीं है और जो लोग मन में ऐसा विचार भी ला रहे हों वे भी सुधर जायं ।

मैं आपको शब्दों में बता नहीं सकता हूं लेकिन वास्तव में बच्चियों के लिए इन्साफ चाहता हूं लेकिन देश की सभी बच्चियों के लिए इंसाफ चाहता हूं। अब आप सोंचिए कि आप किसके साथ हैं क्या उन लोगों के साथ जो कि एक बच्ची के मामले को हिन्दू मुसलमान कर रहे हैं या फिर उन सभी बच्चियों जो प्रतिवर्ष बलात्कार जैसी घटनाएं हो रही हैं और प्रतिवर्ष 36000 बच्चिायों के साथ रेप होता चला आ रहा है l

मैं उन सभी बच्चियों के लिए एक ही न्याय मांगना चाहता हूं कि रेप करके बच्ची का अंग भंग करने वाले को केवल एक सजा दी जानी चाहिए वो ये रेप करने वाले का भी अंग भंग कर देना चाहिए।

लेकिन 36000 बच्चियों के साथ रेप करने वाले सभी अपराधियों को एक साथ एक बार में ये सजा देकर दिखाये सरकार वरना कुर्सी छोड़ दे और जो यह कारनामा करके दिखायेगा उसको कुर्सी पर बैठाया जायेगा।

अगर आप सहमत हैं तो हर बलात्कार के लिए सी बी आई जांच की मांग करता हूं क्योंकि जब सेंगर के मामले में सी बी आई जांच जायज है

तो देश की हर बच्ची के साथ हुए बलात्कार की जांच करने की जिम्मेदारी सी बी आई की है वरना सी बी आई को स्वीकार करना चाहिए कि वह वास्तव में सरकार के पिंजरे का तोता है।
धन्यवाद........
लेखक आशुतोष पाण्डेय


रेपिस्टों को एक साथ एक दिन एक समय एक सजा दो सरकार वरना इस्तीफा दे दो।
 

ASHUTOSH PANDEY
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