स्वतंत्र प्रभात-समित की ट्रिपल सेंचुरी से पहले लग चुका है नाबाद चौहरा शतक, टूट जाता डॉन ब्रैडमैन का रिकॉर्ड, विरोधी कप्तान ने छोड़ा था मैदान...

नई दिल्ली: गुजरात के बल्लेबाज समित गोहेल ने 117 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए अपनी टीम को रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंचा दिया. उन्होंने ओपनर के रूप में 359 रनों की नाबाद पारी खेली थी, जो वर्ल्ड क्रिकेट में अब तक इंग्लिश बल्लेबाज बॉबी एबेल ही कर सके थे. हालांकि ऐसा नहीं है कि पहली बार किसी भारतीय ने इतने रनों की नाबाद पारी खेली है. उनसे पहले बीबी निंबालकर (भाऊसाहेब निंबालकर), विजय मर्चेंट भी क्रमशः चौहरा और तिहरा शतक लगाने के बाद नाबाद लौट चुके हैं. निंबालकर तो डॉन ब्रैडमैन के उस समय के फर्स्ट क्लास क्रिकेट का रिकॉर्ड तोड़ने के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन अनलकी रहे, क्योंकि विरोधी टीम के कप्तान ने एक ऐसी हरकत कर दी कि आगे मैच ही नहीं हो पाया.

जब समित गोहेल ने जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में ओपनर के रूप में मंगलवार को रणजी क्वार्टर फाइनल मैच में गुजरात की ओर से खेलते हुए नाबाद 359 रन बनाए, तो हर किसी को निंबालकर की याद आ गई. दरअसल समित गोहेल वर्ल्ड लेवल पर किसी भी फर्स्ट क्लास मैच में ऐसे पहले ओपनिंग बल्लेबाज बन गए हैं, जो सर्वाधिक359 रन बनाकर नाबाद लौटे. उन्होंने 117 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जबकि निंबालकर भारत की ओर से फर्स्ट क्लास में टॉप स्कोरर रहे हैं.

हुआ कुछ ऐसा अजब कि नाबाद रहते हुए ब्रैडमैन से 9 रन पीछे रहे...
बात 1948 की है, जब महाराष्ट्र और काठियावाड़ के बीच फर्स्ट क्लास मैच खेला जा रहा था. बीबी निंबालकर महाराष्ट्र टीम से बल्लेबाजी कर रहे थे. जब वह 443 रन पर पहुंचे, तभी एक विवाद हो गया. काठियावाड़ के कप्तान ठाकुर साहेब ने एक अजीब शर्त महाराष्ट्र के कप्तान के सामने रख दी, जिसके अनुसार महाराष्ट्र को तुरंत पारी घोषित करना था, अन्यथा उन्होंने आगे खेलने से इंकार कर दिया, लेकिन महाराष्ट्र के कप्तान ने उनकी शर्त नहीं मानी. फिर क्या था मैच यहीं रुक गया. उस समय फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सर्वाधिक स्कोर का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन के नाम था. ब्रैडमैन ने 1929-30 में न्यू साउथ वेल्स के लिए क्वीन्सलैंड के खिलाफ 452 रन बनाए थे. ऐसे में निंबालकर उनसे 9 रन पीछे रह गए.

भारत में निंबालकर हैं नंबर वन
यदि भारत के ओवरऑल फ्रर्स्ट क्लास रिकॉर्ड की बात करें, तो बीबी निंबालकर भले ही ब्रैडमैन के रिकॉर्ड से पीछे रह गए, लेकिन उनके नाम आज भी नाबाद रहते हुए पारी में सर्वाधिक स्कोर (443*) करने का रिकॉर्ड है. अब उनके बाद समित गोहेल शामिल हो गए हैं. गोहेल के साथ विजय मर्चेंट भी हैं, क्योंकि उन्होंने भी बांबे की ओर से महाराष्ट्र के खिलाफ 359 रन नाबाद बनाए थे. संजय मांजरेकर (377) और एमवी श्रीधर (366) मर्चेंट और समित से आगे हैं, लेकिन यद दोनों आउट हो गए थे.

लारा-ब्रैडमैन की सूची में आया समित का नाम
समित गोहेल वैसे तो ओपनर के रूप में वर्ल्ड नंबर वन हो गए हैं, लेकिन समग्र रूप से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में नाबाद लौटने वाले बल्लेबाजों में वह वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा और ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन के साथ खड़े हो गए हैं. लारा ने साल 1994 में 501 रन नाबाद, तो ब्रैडमैन ने 1929-30 में 452 रनों की पारी खेली थी.
   
वैसे ओपनर के रूप में समित गोहेल से पहले साल 1899 में इंग्लिश काउंटी टीम सरे के ओपनर बॉबी अबेल ने समरसेट के खिलाफ 357 रनों की पारी खेली थी और नाबाद लौटे थे. अब भारत के समित ने उन्हें पीछे छोड़ दिया है. समित ने एक और उपलब्धि भी हासिल की. वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट के महज चौथे ऐसे बल्लेबाज हैं, जो ट्रिपल सेंचुरी लगाकर नाबाद लौटे हैं. वैसे फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद का ओपनर के रूप में सबसे बड़ा स्कोर है. उन्होंने ओपनिंग करते हुए 499 रन की पारी खेली थी, लेकिन वह आउट हो गए थे. इसके साथ ही वह इस मैदान पर किसी फर्स्ट क्लास मैच में ओपनर के रूप में एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए. समित ने

साल 2016 में 5 ट्रिपल सेंचुरी, 4 बार बल्लेबाज नाबाद लौटे
कुल मिलाकर इस सीजन में पांच ट्रिपल सेंचुरी लग चुकी हैं, जिनमें गुजरात से दो बल्लेबाज हैं. इन पांच ट्रिपल सेन्चुरी में से चार बार बल्लेबाज नाबाद रहे हैं. गौरतलब है कि समित गोहेल ने ओपनर के रूप में नाबाद लौटने का ही वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. गोहेल ने 627 गेंदों में अपनी ट्रिपल सेंचुरी पूरी की. उन्होंने 359 रन की पारी में 45 चौके और महज एक छक्का लगाया.
 

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