खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग

जिलाधिकारी ने मामले का लिया संज्ञान,जांच करने का दिया आदेश

जिलाधिकारी ने मामले का लिया संज्ञान,जांच कराने का दिया आश्वासन

ब्यूरो रिपोर्ट -जयदीप शुक्ला

गोण्डा –
रुपईडीह खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप तिवारी,निवासी उसरैना, रुपईडीह के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने पर जिलाधिकारी ने मामले को संज्ञान में लिया है। प्रदीप तिवारी ने आरोप लगाते हुए बताया कि यह वही खण्ड शिक्षा अधिकारी हैं जो पान व गुटखा खाकर कार्यालय में बैठकर थूकते रहते हैं।
खण्ड खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह शिथिल पर्वेक्षक, विभागीय कार्यों में रुचि ना लेना, उच्च अधिकारियों के आदेशों निर्देशों का पालन न करना, शासकीय कार्यों के प्रति शिथिलता बरतने का आरोप भी लग चुका है।

इतना ही नहीं बिना किसी अच्छी यथोचित अवकाश के उपस्थित रहने के पश्चात भी संपूर्ण वेतन आहरित कराना शासकीय धन का दुरुपयोग है।

अश्वनी प्रताप सिंह मूल पैतृक निवासी ग्राम व पोस्ट चेतपुर, तहसील तरबगंज, जनपद गोंडा के हैं। जिसकी पुष्टि जिलाधिकारी-गोण्डा द्वारा गठित जांच टीम अपर उप जिलाधिकारी तृतीय गोंडा द्वारा पूर्व में ही कराया गया था जिसमें जांच अधिकारी ने उपलब्ध साक्ष्यों(खसरा,खतौनी, मतदाता पर्ची) तथा संबंधित पक्षकारों के बयानों के आधार पर यह पुष्टि किया है कि अश्वनी प्रताप सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट चेतपुर, तहसील तरबगंज जनपद गोंडा के हैं।

इनका आचरण शिक्षकों के प्रति समुचित नहीं है इनका व्यवहार भी अशोभनीय है एवं कार्यप्रणाली सरकारी सेवक के अनुकूल नहीं है ।जानकारों की मानें तो विकास खंड रुपईडीह में तमाम अध्यापक ऐसे हैं जो अश्विनी प्रताप सिंह खंड शिक्षा अधिकारी रुपईडीह को मोटी रकम देकर कई कई महीनों तक विद्यालय नहीं आते हैं ऐसे में जनपद गोंडा की यह बहुत बड़ी विडंबना है कि सरकार भ्रष्टाचार समाप्त करने की बात कह रही है।

वहीं पर जनपद गोंडा में अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह, शासन आदेशों के विपरीत कार्य ,अमर्यादित आचरण, शासकीय धन का दुरुपयोग उच्च, अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, कार्य प्रणाली उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली के विरुद्ध कार्य करने वाले खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह को उच्च अधिकारियों सहित संयुक्त सचिव बेसिक आर वी सिंह का संरक्षण प्राप्त है जिसके कारण यह किसी को कुछ नहीं समझते हैं।

जिसकी शिकायत प्रदीप तिवारी ने जिलाधिकारी डॉक्टर नितिन बंसल से करने के साथ ही एडी बेसिक गोंडा,संयुक्त सचिव बेसिक आरबी सिंह,डायरेक्टर सतीश विक्रम सिंह,डी जी विजय किरण आनंद व शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी से फोन पर भी शिकायत की गई है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है
है।वहीं जिलाधिकारी ने आश्वासन देते हुए मामले की जांच संबंधित अधिकारियों से करवाने की कही है।

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