स्कूली बच्चे भी फाइलेरिया से बचने को कर रहे दवा का सेवन

 
स्कूली बच्चे भी फाइलेरिया से बचने को कर रहे दवा का सेवन

 घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को करा रही दवा का सेवन

बस्ती।


स्कूली बच्चे भी फाइलेरिया से बचाव की दवा के फायदे समझ रहें हैं और खुशी-खुशी दवा का सेवन कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण है कि अभियान से पहले विद्यालयों में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्था प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल (पीसीआई) ने उन्हें बीमारी से बचाव के लिए दवा सेवन के फायदे के बारे में भलीभांति समझा चुकी है। मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान में गांव के प्रधान, कोटेदार, शिक्षक सहित अन्य लोग भी अपनी प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। 

पहले की अपेक्षा लोगों में जागरूकता बढ़ी है, और लोग बिना किसी हिचक के दवा का सेवन कर रहे हैं। यह कहना है वेक्टर बार्न डिजीज के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. एफ हुसैन का। डॉ. हुसैन ने बताया कि जिले की 28 लाख आबादी को 27 मई तक चलने वाले अभियान के दौरान फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जानी है। इस आबादी की एक बड़ी तादाद विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे हैं। फाइलेरिया की गिरफ्त में ज्यादातर इसी उम्र के लोग आते हैं तथा 10-15 साल बाद रोग का लक्षण नजर आता है। एक बार रोग हो जाने के बाद इसका पूर्ण इलाज नहीं हो पाता है।

उन्होंने बताया कि विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम के तहत चित्रकला, पोस्टर प्रतियोगिता, भाषण व वाद विवाद प्रतियोगिता सहित अन्य कार्यक्रमों का आयोजन कर बच्चों को रोग से परिचित कराया जा चुका है। सभी ब्लॉक की आशा, समूह सखी, शिक्षकों, स्कूली बच्चों, प्रधान, कोटेदार को दवा खाने का लाभ, फाइलेरिया से बचाव व रोग के लक्षण के संबंध में जानकारी दी गई है।  एमडीएम अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को निर्देशित किया गया है कि वह विद्यालयों में जाकर भोजनावकाश के बाद बच्चों को दवा खिलाए। इस कार्य में शिक्षकों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लें। 

अगर किसी कारण कोई दवा नहीं खाता है तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ऐसे लोगों की काउंसिलिंग कर दवा खाने के लिए प्रेरित करेगी। शत-प्रतिशत दवा खिलाने का लक्ष्य प्राप्त किया जाना है। विद्यालयों में जाकर टीम खिला रही दवा परिषदीय विद्यालयों में जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिला रही है। परिषदीय विद्यालय के 2.89 लाख बच्चों को दवा खिलाकर फाइलेरिया से उन्हें प्रतिरक्षित करने का स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है।

 विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के अजानडीह गांव की आशा कार्यकर्ता नीलम पांडेय ने बताया कि विद्यालय के बच्चे सहर्ष दवा खा रहे हैं, इसमें शिक्षकों का भी सहयोग मिल रहा है। पीसीआई के जिला संयोजक गौरव शंकर व उनकी टीम के आशीष सिंह, जय प्रकाश, परमिंदर यादव, संतोष रावत, रीतेश व आकाश विद्यालयों में जाकर दवा खाने के लिए बच्चों को प्रेरित कर रहे हैं। 

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