टी. एल. एम. प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ समापन

कार्यशाला के दौरान संस्थान के प्रवक्ता श्याम बिहारी बिंद, वीरेंद्र कुमार वर्मा, शशिकांत, अब्दुल फैजान, डॉ. कृष्ण, डॉ. मोहम्मद अफजल, डॉ. सुरेश कुमार, राकेश वर्मा, शुचि राय, नित्येश प्रसाद तिवारी आदि उपस्थित रहे 
 
टी. एल. एम. प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ समापन

स्वतंत्र प्रभात

अम्बेडकर नगर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आलापुर में चल रहे तीन दिवसीय टी. एल. एम. प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन डायट प्राचार्य मनोज कुमार गिरि द्वारा किया गया। उन्होंने संकुल शिक्षकों द्वारा निर्मित टी.एल.एम. का बड़ी सूक्ष्मता से अवलोकन किया तथा उसके बारे में जानकारी प्राप्त की। समस्त प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण करते हुए कहा कि सहायक सामग्री विषय को स्थायी रूप से सीखने व समझने में सहायक होती है। इनके प्रयोग से बालकों की ज्ञानेन्द्रियाँ सक्रिय हो जाती हैं तथा पाठ के सूक्ष्म तथा कठिन भावों को सरलतापूर्वक समझ जाते हैं। साथ ही प्राचार्य ने निर्देशित किया कि समस्त नोडल संकुल शिक्षक  अपने- अपने न्याय पंचायत में समस्त शिक्षकों से इसका प्रयोग अनिवार्य रूप से कराए।

प्रशिक्षण प्रभारी  वीना चौधरी ने बताया कि शिक्षण के स्तर को ऊँचा करने के लिए स्कूल में सहायक सामग्री का होना अत्यन्त आवश्यक है। निःसन्देह इससे  शिक्षा-क्षेत्र में क्रान्ति पैदा हो सकती है।टी.एल.एम. के द्वारा अधिगम-प्रक्रिया को सरल प्रभावी व रोचक बनाया जा सकता है।  यह शिक्षण को प्रभावशाली बनाने का एक उत्तम साधन हैं। टी.एल.एम. के प्रयोग से पाठ सरल, रोचक तथा मनोरंजक बन जाता हैतथा सभी छात्र ज्ञान को प्रसन्नतापूर्वक ग्रहण कर लेते हैं। उन्होंने इस कार्यशाला के संदर्भदाता  मयंक गुप्ता, संगीता कन्नौजिया, रजितराम वर्मा, समस्त डायट प्रवक्ता व समस्त नोडल संकुल शिक्षक के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। 

प्रशिक्षण सह प्रभारी प्रमोद कुमार सेठ ने कहा कि शिक्षण सामग्री के प्रयोग से बालक पाठ में रुचि लेते हैं तथा ज्ञान स्वयं क्रिया करके ग्रहण करते हैं। इससे सीखा हुआ ज्ञान निश्चित और स्थायी बन जाता है और उन्हें किसी चीज को रटने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

कार्यशाला के दौरान संस्थान के प्रवक्ता श्याम बिहारी बिंद, वीरेंद्र कुमार वर्मा, शशिकांत, अब्दुल फैजान, डॉ. कृष्ण, डॉ. मोहम्मद अफजल, डॉ. सुरेश कुमार, राकेश वर्मा, शुचि राय, नित्येश प्रसाद तिवारी आदि उपस्थित रहे।

   

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