स्वतंत्र विचार

दोषी को सजा मिले

  देश के सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे सब से बडे़ बैंक पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई ब्रांच में हुए 11,345 करोड़ रुपये के घोटाले ने हमारी बैंकिंग सिस्टम की लापरवाही पर, नये सवाल खड़े कर दिए ह......

घड़ी की सूई की भांति समय आगे बढ़ता जाता है। जैसे जैसे समय बीतता है हमारा दायरा भी बढ़ता है और हम...

  घड़ी की सूई की भांति समय आगे बढ़ता जाता है। जैसे जैसे समय बीतता है हमारा दायरा भी बढ़ता है और हम विभिन्न प्रकार की विचारधाराओं वाले अपरिचित लोगों को अपना परिचित बनाते जाते हैं। इन प......

भारतीय संस्कृति से विपरीत वेल्टाइनडे पर विशेष - भोलानाथ मिश्र

  साथियों,       एक समय था जबकि हमारा देश भारत दुनिया का गुरु होता  था और हमारी संस्कृति संसार में अपना अलग महत्व रखती थी। हमारी संस्कृति ही दुनिया में हमारी पहचान बनी ......

कहाँ से कमी हैं हमारे शिक्षा में

  कहाँ से कमी हैं हमारे शिक्षा में उत्तर प्रदेश में चल रही बोर्ड परीक्षा 2018 में केवल पांच दिनों में लगभग आठ लाख से अधिक बच्चों ने परीक्षा छोड़ दिया इससे हमारी शिक्षा व्यवस्था पर बड......

हम रिपोर्टर हैं और हमारा काम है रिपोर्ट करना

  हम रिपोर्टर हैं और हमारा काम है रिपोर्ट करना ! हम गलत हो सकते हैं लेकिन हम हमेशा ग़लत हों ये जरूरी नहीं ! आप जब अपने बेडरूम में, डाइनिंग रूम में सोफे पर बैठकर ख़बर देख रहे होते हैं, हिं......

हमारे प्रिय देश की राजनीति और विचारधारा

  आज हमारे प्रिय देश में अगर कोई सैनिक सीमा पर दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद होता है तो उसकी सुध कुछ नाम मात्र की घोषणाओं के साथ खत्म हो जाती है। उसके बाद उसकी कोई सुध नही लेता है। लेकिन ......

कहीं गरीबी और भूखमरी तो कहीं खेल पर लाखों खर्च -सुशील कुमार वर्मा

  वर्तमान समय में खेल व्यवसायिक धंधा बनता जा रहा है! भारत देश में कितने लोग भूखे मर रहे हैं वहीं आइपीएल के खिलाड़ियों की बोली करोड़ो में लगाई जा रही है!भारत विभिन्न विचित्रताओं का देश है. ......

भारतीय गणतंत्र ने शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में काफी प्रगति की है

भारतीय गणतंत्र ने शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में काफी प्रगति की है। भारतीय गणतंत्र का 68 साल अच्छे से गुजर गए, हमारे देश 68 सालो में काफी प्रगति की है और खासकर मध्य वर्ग की संख्या में काफी वृद्धि ह......

पद्मावत का लोकतांत्रिक विरोध आज भी क्यों जायज़ है ...... और सरकारें भी नरम क्यों हैं?

  पद्मावत का लोकतांत्रिक विरोध आज भी क्यों जायज़ है ...... और सरकारें भी नरम क्यों हैं?  ऐतिहासिक संदर्भों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में, इतिहास-सम्मत एवं जनभावना के अनुरूप ही अभि......

कलम की ताकत को समझें

  कलम और तलवार की तुलना नहीं की जा सकती है क्योंकि कलम उद्देश्यों को लिखने के लिए प्रयोग की जाता है और तलवार का इस्तेमाल लड़ने के उद्देश्यों के लिए किया जाता है लेकिन "कलम तलवार से ताकतव......

पूर्वोत्तर राज्यों के विधानसभा चुनावों पर विशेष-

  साथियों, गुजरात हिमाचल विधानसभा चुनावी महाभारत के बाद चुनाव आयोग ने अगले मार्च महीने के पहले पखवाड़े समाप्त होने जा रहे विधानसभाओं के कार्यकाल को देखते हुए उनके चुनाव कार्यक्रम की घो......

एक पत्रकार की दर्द भरी कहानी....

  एक पत्रकार की दर्द भरी कहानी.... पत्रकार के द्वारा चर्चित होना चाहते हैं सभी नेता हो या अधिकारी सभी मुखपृष्ठ में आना चाहते हैं सभी न्यूज़ के हेड लाइन में आना चाहते हैं सभी अपने पक्......

कन्यादान महादान और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना पर विशेष-सम्पादकीय

  साथियों, समाज में कन्याओं को देवी स्वरुपा माना जाता है और उन्हें साक्षात जगत जननी दुर्गा के स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है।जिस तरह पुत्र को रत्न कहा जाता है उसी तरह पुत्री को भी रत्न......

जब मैं बीते हुए 10-20 वर्षों की तुलना वर्तमान परिवेश से करता हूँ तो यह पता हूँ कि हम......

  जब मैं बीते हुए 10-20 वर्षों की तुलना वर्तमान परिवेश से करता हूँ तो यह पता हूँ कि हम विज्ञान एवं तकनीकि के क्षेत्र में कितने विकसित हो चुके हैं | बाज़ार में आम आदमी की पहुँच में वे सभी ......

भारतीय न्यायिक सेवा आयोग का गठन जरूरी- नानक चंद

  राजेन्द्र पासी प्रतापगढ हरिद्वार विधान केसरी आज के समय में जिस तरह से न्यायपालिका में भी प्रचार की आवाजें उठने लगी हैं अब भारतीय न्यायिक सेवा आयोग का गठन आवश्यक है यह बातें बहुजन ......