साहित्य/ज्योतिष

भगवान शिव और महाशिवरात्रि की महिमा

    महाशिवरात्रि पर  विशेष ज्ञानपुर। भगवान शंकर जिसके आराध्य हों या फिर अगर कोई साधक भगवान शंकर का ध्यान करता हो तो उनके बारे में कई भाव मन में प्रस्फुटित होते हैं। भगव......

साल के पहले चन्द्रग्रहण के बारे में जाने- भदोही से आनंद मिश्रा की खास रिपोर्ट

  चंद्रग्रहण के प्रभाव से पृथ्वी पर दिखेगा आंशिक परिवर्तन ज्ञानपुर/भदोही । चंद्रग्रहण और सूर्य ग्रहण के बारे में प्राथमिक शिक्षा के दौरान ही विज्ञान की पुस्तकों में जानकारी दी जाती है......

कविता - नया युग रचो मानव

  क्या है ये खेल नसीब का, जिन्दगी कैसे गुजरेगी गरीब का, चढ़ते हैं जहाँ छप्पन भोग मन्दिर में, वहीं चौखट पर गरीब भूख से मर रहा!! कैसा है खेल किस्मत का, जिन्दगी कैसे बीतेगी धनहीन का, चढ़ते हैं जह......

नया साल में रखो प्रकृति का ख़्याल

  ले उड़े इस जहाँ से बेरोजगारी और गरीबी, एक हवा इस नये साल में!! हर शिक्षित को रोजगार मिले, हो यही मेहरबानी इस नये साल में!! शिक्षा को हर समय बढ़ावा देना, निवेदन है शासन-प्रशासन से इस न......

नए वर्ष में नई पहल हो। कठिन ज़िंदगी और सरल हो।।

   नए वर्ष में नई पहल हो। कठिन ज़िंदगी और सरल हो।। अनसुलझी जो रही पहेली। अब शायद उसका भी हल हो।। जो चलता है वक्त देखकर। आगे जाकर वही सफल हो।। नए वर्......

18 में छिपा है अनेको रहस्य, रात 12 बजे से हो रहा 2018 आगमन

  18 में छिपा है अनेको रहस्य, रात 12 बजे से हो रहा 2018 आगमन * भदोही से विनय मिश्रा की खास रिपोर्ट * ज्ञानपुर। ग्रिग्रेरियन कैलेन्डर के अनुसार वर्ष 2017 रविवार को समाप्त हो गया और इसके साथ ही इसी कै......

नेंता जी का दौंरा-कवि बेख़बर देहलवी

नेंता जी का दौंरा आजकल हम सभी देखते है कि अगर हमारे क्षेत्र मै कोई नेता आता है तो उसके लिये आम जनता को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है,रोड बंद रास्ते बंद। द......

प्रिंस सिद्धार्थ को मिला 'काव्य गौरव' सम्मान, बढ़ा भदोही का मान

सुरियावां , भदोही - कालीन नगरी के नाम से देश एवं विदेश में प्रसिद्धि बना चुका भदोही जिला निसंदेह रूप से प्रतिभा से संपन्न है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां में एचईओ पद पर क......

सुलतानपुर 08 नवम्बर : "मोरी साड़ी अनाड़ी न माने राजा" कहानी को मिला प्रथम पुरस्कार

  "मोरी साड़ी अनाड़ी न माने राजा" कहानी को मिला प्रथम पुरस्कार सुलतानपुर 08 नवम्बर। माँ धनपती देवी स्मृति कथा साहित्य सम्मान 2017 के लिए कथा समवेत द्वारा आयोजित अखिल भारतीय हिंदी क......

वो दुल्हन (कविता)

रूप मनोहर, एकल काठी और निखरता नव-यौवन, देखा जिसको सपनो में, सहमी-सिमटी वो दुल्हन ।।   केश सुगन्धित, लता बेल से, लहराते, हर लेते मन, नयन निराले प्रेम से पुलकित, फिर भी ......

क्या फिर से वो दिन आयेंगे??

प्यार से बालों को सुलझाना, पास में आकर गले लगाना, पीठ पे हौले से सहलाना, कंधे पर रखकर सर अपना, सीने पर कुछ लिख जाना, क्या फिर हम यूँ मिल पाएं......