बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर जाना किसानों का हाल ​​​​​​​

बाढ़ से हुए फसल खराब, किया मुआवजे की मांग
 
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर जाना किसानों का हाल

 

स्वतंत्र प्रभात

नार मीरजापुर। भारतीय किसान यूनियन द्वारा बाढ़ का पानी घटने के बाद नरायनपुर ब्लाक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया गया। भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों द्वारा क्षेत्र में दौरा कर किसानों के हुए नुकसान व फसलों की क्षति की जानकारी एकत्रित की गई। जिसमें मूंगफली, प्याज, मिर्च, लौकी, मक्का, टमाटर, अन्य हरी सब्जियां, बाजरा, अरहर सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुआ है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव प्रहलाद सिंह ने बताया कि वह गांव-गांव दौरा कर किसानों से मिले हैं उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जिलाधिकारी व क्षेत्रीय प्रतिनिधियों से मांग किया कि किसानों को कम से कम ₹20000 प्रति बीघा मुआवजा दिलवाया जाय। इस समय सबसे ज्यादा बाढ़ के बाद आवश्यकता है तो साफ सफाई वह बिजली की जो दोनों ही इस समय पूर्णतया ध्वस्त हैं प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाए और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए। दवाओं के छिड़काव का कार्य अब तक हो जाना चाहिए था लेकिन ऐसा कोई गांव देखने को नहीं मिला जहां पर दवा का छिड़काव हुआ हो जिससे रोग फैलने का डर सबसे ज्यादा है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी ने बताया कि उप जिलाधिकारी के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि बाढ़ और सूखे से प्रभावित किसानों का फसल पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो गया है जिसके लिए उन्हें ₹20000 प्रति बीघा की दर से मुआवजा दिलवाया जाए कृषि ऋणों की

वसूली बंद की जाए और पिछले वर्ष 2021 में हुए बाढ़ में जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला उन्हें पिछला व वर्तमान मुआवजा दिलवाया जाए। किसानों के खाद, बीज, दवा एवं किसान क्रेडिट कार्ड का ऋण माफ किया जाए व फसल बीमा का लाभ दिया जाए। बाढ़ से गिरे मकानों की क्षतिपूर्ति डेढ़ लाख रुपए दिया जाए या गिरे हुए मकानों का निर्माण कराया जाए। जो किसान पूर्णतया बाढ़ से प्रभावित थे उन्हें भोजन या अनाज सहायता के तौर पर मुहैया कराया जाय  ताकि वो अपना जीवन निर्वहन कर सकें। गांव में रहने वाले पशुओं के चारे की व्यवस्था कराई जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर निशुल्क दवाओं और चिकित्सा व्यवस्था कराई जाए। बटाई पर जो किसान जमीन लेकर खेती कर रहे हैं उनके लिए भी जो फसल क्षति हुई है क्षतिपूर्ति उनको दिया जाए। बाढ़ की वजह से सड़कें बिल्कुल जर्जर हो गई हैं उनकी मरम्मत कराई जाए। जनपद मिर्जापुर को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को सहायता मुहैया कर क्षतिपूर्ति दिलाई जाए। उपरोक्त मांग भारतीय किसान यूनियन द्वारा प्रशासन से की गई है। रामवृक्ष सिंह ब्लॉक अध्यक्ष नारायणपुर ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान में नकहारा में 70%, जलालपुर माफी में 80 से 90%, केशवपुर में 85%, चितरहां में 90%, बगही 90% फसल नुकसान हुआ है। किसानों से बात करने पर पता चला कि अभी बहुत से किसानों का पिछले वर्ष का भी मुआवजा नहीं मिला है इसमें कहीं ना कहीं लेखपालों की कमी है जो किसानों को उचित मुआवजा मुहैया नहीं करा सके। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे में भारतीय किसान यूनियन के जिला कार्यकारिणी सदस्य राम सूरत सिंह, जिला प्रचार मंत्री धनु सिंह, सदस्य मुकुंद मौर्या के साथ किसानों में बाबा शास्त्री, जनक कुमार सिंह, अमित सिंह के साथ सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

   

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