नीले आसमान के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस, 7 सितंबर को समूचे भारत के

132 दक्षताविहिन नगरों में ऑनलाइन कंपेन की शुरुआत
 
स्वतंत्र  प्रभात

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 2021, सभी शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को खराब वायु वाले दिन में अनिवार्य रूप से समय पर सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी जारी करना चाहिए, जिससे जोखिम ग्रस्त समूहों को वायु प्रदूषण के गंभीर स्वास्थ्यगत प्रभावों से बचाने में सहायता मिल सके, इस मांग लेकर अपने तरह की पहली कंपेन में समूचे भारत के नागरिक संगठनों और जागरुक नागरिकों ने हिस्सेदारी की।

खराब वायु वाले दिन वे हैं जब किसी स्थान पर प्रदूषण मापक सूचकांक -एयर क्वालिटी इंडेक्स( एक्यूआई) सुरक्षित सीमा से अधिक हो जाता है और खराब, बहुत खराब या खतरनाक एक्यूआई स्तर पर पहुंच जाता है। 

यह ऑनलाइन कंपेन (https://blueskies.jhatkaa.org/) ‘नीले आसमान के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस’ 7 सितंबर को आरंभ हुआ। इसकी शुरुआत के दूसरे वर्ष 2021 में विषय ‘स्वस्थ वायु,स्वस्थ पृथ्वी’ है जो वायु प्रदूषण के स्वास्थ्यगत पहलू पर जोर देता है, खासकर कोविड-19 महामारी के माहौल में। 

स्वच्छ वायु के साझा उदेश्य से कार्यरत संगठनों, व्यक्तियों व संस्थानों के राष्ट्रीय सहयोगी नेटवर्क ‘क्लीन एयर कलेक्टिव’ के संयोजक बृकेश सिंह ने बताया कि नागरिकों के नेतृत्व में यह कंपेन दक्षता-विहिन व दस लाख से अधिक आबादी वाले 132 महानगरों में ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से चलाया जा रहा है। दक्षता-विहिन महानगर वे हैं जो केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा निर्धारित वायु गुणवत्ता मानदंड को पूरा नहीं करते।

श्री सिंह ने कहा कि “स्थानीय नगर निकायों (यूएलबी) द्वारा जिस दिन वायु गुणवत्ता गंभीर रूप से खराब हो और नागरिकों के लिए अस्वस्थकर हो, उस दिन  सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी जारी की जानी चाहिए। यह राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्ययोजना एनसीएपी के अंतर्गत अनिवार्य है, जिसे सभी 132 दक्षता-विहिन महानगरों में लागू किया जाना है। उन्होंने कहा कि नागरिक समूह एनसीएपी के अंतर्गत सूचीबध्द विभिन्न महानगरों के लिए समयबध्द कार्ययोजना से अवगत हैं और इसे सरकार को बताना चाहते हैं।

इस ऑनलाइन आवेदन का उपयोग करते हुए नागरिक अपने महानगर में स्वच्छ- वायु कार्ययोजना का समुचित कार्यान्वयन का प्रयास कर सकते हैं और इस कंपेन के हिस्से के रूप में भारत के सभी दक्षता  विहिन महानगरों के नागरिक समूहों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि संबंधित नगर निगम आयुक्तों से मिलकर और लिखकर जब वायु गुणवत्ता खराब हो तब स्वास्थ्य चेतावनी जारी करने की मांग करें।    

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आवेदन को सोशल मीडिया और वाट्सअप समूहों में बड़े पैमाने पर प्रचारित किया जा रहा है और अभी ही 20 से अधिक संगठनों जो दिल्ली, पंजाब, झारखंड, बिहार, तमिलनाडु और दूसरे राज्यों में फैले हैं, ने कंपेन का न केवल 

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