रामगढ़ जिले में बड़े पैमाने पर हो रहा कोयले का अवैध उत्खनन और कारोबार

घाटो थाना क्षेत्र से बड़े पैमाने पर हो रहा कोयले का अवैध उत्खनन और कारोबार
 
रामगढ़ जिले में बड़े पैमाने पर हो रहा कोयले का अवैध उत्खनन और कारोबार
बड़े पैमाने पर बंद खदानों से कोयला का अवैध खनन कराया जा रहा है

रामगढ़/झारखंड

देश में पिछले कुछ महीनों से कोयले की कमी से हाहाकार मची हुई है। देश के प्रधानमंत्री से लेकर कोल इंडिया के अध्यक्ष सह् प्रबंध निदेशक(सीएमडी) तक कोयले की कमी को दूर करने के लिए दिन रात लगे हुए हैं। लेकिन झारखंड में वहीं उल्टी गंगा बहते दिख रही है।

 झारखंड प्रदेश के कई जिलों से कोयले के अवैध उत्खनन और अवैध कारोबार की चर्चा हो रही है। लेकिन झारखंड की राजधानी रांची से सटे रामगढ़ जिले से कोयला का अवैध खनन और कारोबार जोर-शोर से चलने की चर्चा हो रही है। राज्य की राजधानी और रामगढ़ जिला में हो रही चर्चा की माने तो जिले के घाटोटाँड़ थाना क्षेत्र से बड़े पैमाने पर कोयले का अवैध खनन हो रहा है। यहाँ से अवैध कारोबार के पीछे सीसीएल के अधिकारियों,सुरक्षा में लगे अर्धसैनिक बलों के अधिकारी और पुलिस विभाग की मिली भगत है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि कोयले का अवैध खनन सीसीएल की बंद पड़ी खदानों से हो रहा है।

बड़े पैमाने पर बंद खदानों से कोयला का अवैध खनन कराया जा रहा है। चर्चा है कि घाटो थाना क्षेत्र के केदला,लइयो सहित कई अन्य क्षेत्रों से कोयले का अवैध खनन हो रहा
 है। चर्चा है कि अवैध खनन और कारोबार करने वाले लोग क्षेत्र के सीसीएल के अधिकारियों, सुरक्षा विभाग एवं पुलिस प्रशासन को मैनेज कर चल रहे हैं। इन क्षेत्रों से प्रत्येक दिन 25 से 30 हाईवा अवैध कोयला निकाला जा रहा है। इसके एवज में एक मोटी राशि खर्च हो रही है। इस क्षेत्र से कई नामी-गिरामी कोयला के अवैध कारोबारी खुलेआम कारोबार कर रहे हैं।

ऐसा नहीं कि पुलिस प्रशासन को उनके बारे में जानकारी नहीं है। फिर भी उनके खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई नहीं होना आश्चर्य की बात है। फिलहाल रामगढ़ जिले से चल रही कोयला की अवैध खनन और कारोबार राज्य की राजधानी से लेकर चारों ओर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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