दुर्घटना दावत दे रही केन नदी की पुल की टूटी हुई रेलिंग राहगीरों में आक्रोश

दुर्घटना दावत दे रही केन नदी की पुल की टूटी हुई रेलिंग राहगीरों में आक्रोश

 
दुर्घटना दावत दे रही केन नदी की पुल की टूटी हुई रेलिंग राहगीरों में आक्रोश

दुर्घटना दावत दे रही केन नदी की पुल की टूटी हुई रेलिंग राहगीरों में आक्रोश

पैलानी/बांदा। 

पैलानी मे केन नदी पर,42 वर्ष पूर्व बने पुल की रेलिंग आज से 6माह पूर्व अनियंत्रित ट्रैक्टर के गिरने से पुल की रेलिंग टूट गई थी इसका मलबा आज भी वहीं पर ज्यों का त्यों पड़ा हुआ है यह नजारा वहां से आने जाने वाले यात्रीगण प्रतिदिन देखते हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग को यह सब नहीं दिखाई देता प्रार्थना पत्रों जिलाधिकारी के आदेशों का भी उन पर कोई असर नहीं पड़ता है  पुल में कई जगहों पर बड़े-बड़े खांचों में गड्ढे हो गए हैं जिसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने समाधान दिवस के अवसर पर की थी उस पर भी अभी तक कोई ध्यान विभागीय अधिकारियों के द्वारा नहीं दिया जा रहा है रेलिंग टूटने से हर समय खतरा मंडराता रहता है लेकिन किसी को कोई खोज खबर नहीं है। 

जब यह पुल बना उस समय तक जसपुरा विकासखंड के केन नदी के उस पार बसे सभी ग्राम वासियों को क्षेत्रीय जनों को आवागमन की भारी परेशानी होती थी यह पुल बनने के बाद यहां से सीधे सुमेरपुर हमीरपुर कानपुर लखनऊ के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ लेकिन इस पुल पर आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के कारण पुल में हुए छतिग्रस्त स्थानों को ठीक करने का जिम्मा अभी तक किसी ने नहीं उठाया समय रहते यह भी इन समस्याओं पर विभागीय अधिकारियों द्वारा ध्यान दिया जाए तो सरकारी धन का दुरुपयोग होने से बचा जा सकता है।  

जानकारी के अनुसार यह ,पूल सन 1980 में बनकर तैयार हो गया था लेकिन आज तक इस पुल का उद्घाटन किसी ने  नहीं किया बिना उद्घाटन के ही है पुल चालू कर दिया गया था जिस पर पिछले वर्षों तक पुल टैक्स भी लगता रहा है कि बाद में जिसे सरकार ने समाप्त कर दिया है आवागमन की दृष्टि से पैलानी में बनाया  गया यह पुल बहुत ही महत्वपूर्ण है लगभग 1 किलोमीटर लंबा यह पुल पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी की देन है जो जनता पार्टी के शासन के दौरान एक उपचुनाव में यहां पर पैदल चल कर आई थी तब उन्होंने लोगों की इस समस्या को देखा और समझा था।  

इसके बाद इस पुल की स्वीकृति हुई और पुल का निर्माण किया गया था अभी गली में यमुना नदी पर शीघ्र ही पक्का पुल निर्मित होने की संभावनाएं हैं इस पुल के बन जाने के बाद पैलानी पर बने इस केन नदी के पुल का महत्व और भी बढ़ जाएगा लेकिन इस ध्यान नहीं दिया जा रहा क्षेत्रीय लोगों रज्जन सिंह परिहार, अरविंद सेगर,राजू सिंह पतराखन निषाद क्षेत्रीय ग्राम प्रधानों ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए क्षतिग्रस्त रेलिंग व पुल पर हो गये बड़े बड़े खांचे भरवाने की मांग की है, क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र से प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद क्षेत्र में जनसमस्याओं को लगातार प्रशासन द्वारा नजर अंदाज किया जा रहा है।

   

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