विद्युत अफसरों के लाख प्रयासों के बाद भी नही रुकने का नाम ले रहे बिजली चोरी

गांवो में कैसे फैला तारों का मकड़जाल

 
विद्युत अफसरों के लाख प्रयासों के बाद भी नही रुकने का नाम ले रहे बिजली चोरी 
अधिकांश गांव कटिया के सहारे रोशन हो रहे हैं।


त्रिवेदीगंज बाराबंकी।

विद्युत अफसरों के लाख प्रयासों के बाद भी बिजली चोरी नहीं रुक पा रही है। ग्रामीण क्षेत्र व कस्बों में धड़ल्ले से खुले तारों में कटिया डालकर बिजली चोरी की जा रही है। कटिया धारक बिजली विभाग को राजस्व का तगड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं। मजे की बात यह है कि विद्युत अधिकारी लगातार कटियाधारकों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं लेकिन, नतीजा सिफर है। इसका खामियाजा अधिकृत उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।

*ग्रामीण क्षेत्रों में तो सेटिंग पर होता है काम*

ग्रामीण अंचलों में तो सालों में एकाध बार चेकिंग होती है। उसमें भी अधिकारी केवल औपचारिकता निपटाते हैं। कुछ गांवों में टीमें जाती ही नहीं हैं। अवर अभियंता निचले कर्मचारियों को भेजकर कटिया की चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति करते हैं त्रिवेदीगंज,भिलवल,मंगलपुर, खैराबीरु,बड़वल,परीवां,हसनपुर,शिवनाम,शायपुर,खैरा कनकू सहित अधिकांश ग्रामीण अंचलों में अधिकांश गांव कटिया के सहारे रोशन हो रहे हैं।

 सूत्रों के मुताबिक, सेटिंग के सहारे गांवों में बिजली जलती है। हर गांव मेें कनेक्शन यदि 10 होंगे तो कटियाधारक बीस। यह कटियाधारक अवर अभियंता व लाइनमैनों की कृपा व चढ़ावे पर बिजली जलाते हैं। हर माह एकमुश्त रकम क्षेत्रीय विद्युत अधिकारी को पहुंचाई जाती है जिसके बदले कटियाधारक मौज करते हैं।


 

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