पीएसीएल पल्स ग्रुप के बंद होने को लेकर निवेशकों व एजेंटों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

पीड़ितों ने ज्ञापन सौंप पीएसीएल निवेशकों का पैसा निकलवाने की बात कही

 
पीड़ितों ने ज्ञापन सौंप पीएसीएल निवेशकों का पैसा निकलवाने की बात कही

xaafsh 
जैतपुर महोबा 


जानकारी के लिए आपको बता दें कि प्रार्थी रजिस्टर्ड पीएसीएल संगठन का जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार अनुरागी है। यह संगठन पीएसीएल पल्स ग्रुप के बंद होने के बाद इसके एजेंट एवं निवेशकों द्वारा गठित किया गया है जिला अधिकारी महोबा को सभी निवेशक एवं एजेंटों ने ज्ञापन सौंप पीएसीएल निवेशकों का पैसा निकलवाने की बात कही गई और एजेंटों की सुरक्षा को लेकर आज ज्ञापन दिया गया।

 बुंदेलखंड प्रभारी खलक सिंह कुशवाहा, कोषाध्यक्ष नरेश चंद कुशवाहा, संगठन के तमाम पदाधिकारी प्रताप कुशवाहा, मोहन लाल कुशवाहा महेश रैकवार, रामकिशोर रिछारिया, रामकुमार रैकवार, अमर सिंह प्रजापति, दिनेशचंद्र पाटकर लगभग एक सैकड़ा कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि आंदोलन और ज्ञापन एवं न्यायालय के माध्यम से अपने एवं निवेशकों के हक एवं अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे है कंपनी


 भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड सेबी के आदेश अनुसार 22 मार्च 2014 के द्वारा बंद कर दी गई थी। उस समय कंपनी के देश में 6 करोड़ निवेशक एवं 70 लाख एजेंट थे और उनका कंपनी में 49100 करोड़ रुपए जमा किया था कंपनी द्वारा सेबी के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी इस प्रकरण में न्यायालय द्वारा चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर उनके निर्देशन में सेबी को 6 माह का निवेशकों की देनदारी चुकता करने के निर्देश दिए गया था।

 चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा कमेटी द्वारा समस्त निवेशकों को 3 मई 2016 में सार्वजनिक सूचना के माध्यम से चेतावनी जारी कर दी गई थी की पल्स कंपनी के निवेशक कमेटी की अतिरिक्त अन्य किसी से किसी प्रकार का न तो समझौता करें न ही अपने दस्तावेज किसी को सौंपे और केवल समिति के विशिष्ट निर्देश पर ही समिति द्वारा जारी पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप दस्तावेज प्रेषित करें जिसके आधार पर भुगतान प्रक्रिया जारी होगी सेबी द्वारा


 कमेटी के माध्यम से 10 हजार तक के निवेशकों की धनराशि वापस की जा रही है और निवेशकों की भुगतान प्रक्रिया चल रही है और इस प्रक्रिया को तेज गति से प्रदान किए जाने हेतु संगठन सर्वोच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत कर चुका है। उल्लिखित परिस्थितियों में स्पष्ट है कि कंपनी के एजेंट किसी भी निवेशक की धनराशि वापस करने में कानूनी अधिकारी नहीं है ना ही उनकी आर्थिक स्थिति निवेशकों की धनराशि वापस करने में सक्षम है 


जबकि आये दिन निवेशक एजेंटों के साथ धमकी मारपीट जैसी घटनाएं करते रहते हैं तथा पुलिस के माध्यम से धन वापसी का दबाव बनाते हैं ऐसी परिस्थिति में अक्सर एजेंट आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते है। इन घटनाओं को देखते  हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी द्वारा एक परिपत्र संपूर्ण झांसी जनपद के थाना प्रभारियों को जारी कर घटना रोकने के निर्देश जारी किए हैं आज तो आपसंगठन की ओर से विनम्र निवेदन है कि उपरोक्त आंसर संगठन के सदस्यों की सुरक्षा हेतु जनपद में निर्देश जारी करने की कृपया करें।

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