मिशन शिक्षण संवाद प्रयागराज की मासिक बैठक संपन्न.

 
स्वतंत्र प्रभात

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प्रयागराज

मिशन शिक्षण संवाद प्रयागराज की जनपद स्तरीय मासिक बैठक आयोजित की गई। जिसमें जनपद प्रयागराज के मिशन शिक्षण संवाद टीम से जुड़े हुए लगभग 40 शिक्षकों ने भाग लिया। मीटिंग गूगल मैप के माध्यम से ऑनलाइन आयोजित की गई। मीटिंग का एजेंडा सशक्त और मजबूत टीम था। ऑनलाइन बैठक में राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से पुरस्कृत रविन्द्र जी बनारस से जुड़े हुए थे।

उनका स्वागत अंतरिक्ष शुक्ला ने किया। रविन्द्र जी ने बताया कि मिशन शिक्षण संवाद टीम की स्थापना 5 साल पहले हुई थी। जिसमें 4 P पर कार्य किया गया। P=परिवेश, P=पढ़ाई, P=प्रचार प्रसार, P=परिवार। उन्होंने कहा कि विद्यालय का परिवेश ही मुख्य आधार होता है। पढ़ाई लिखाई पर पूरा ध्यान दिया जाता है और जो भी पढ़ाई हम बच्चो को कराते हैं,उसका प्रचार-प्रसार भी करना भी आवश्यक होता है। क्योकि हमारी निगेटिव चीजे तो बाहर बहुत तेजी से फैल जाती है,परंतु अच्छी चीजें हमारे तक ही रह जाती है।

चौथे P का तातपर्य परिवार से है,जिसमे मिशन शिक्षण संवाद एक परिवार के रूप में कार्य करता है। क्योंकि यह चारों चीजें पूरी हो चुकी हैं तो मिशन शिक्षण संवाद चार S पर कार्य कर रहा है। प्रथम S से तात्पर्य सीखने और सिखाने से है। दूसरा S संस्कार से संबंधित है। तीसरा S स्वास्थ्य से संबंधित है,इसके तहत अभी 5 जून से 15 अगस्त के बीच प्रकृति मित्र अभियान मिशन शिक्षण संवाद के  तहत शुरू किया गया था तथा चौथा S सुरक्षा से संबंधित है।

रविन्द्र जी ने बताया कि अब तक  मिशन शिक्षण संवाद से लगभग एक लाख लोग समूह से जुड़ चुके है। पढ़ाई से प्रतियोगिता तक कि थीम के तहत हमको कक्षा 3 से लेकर कक्षा 5 तक के बच्चो का एक समूह बनाना है। जिसमे विद्यालय के तेज बच्चो को जोड़ना है। इनकी तैयारी ऑनलाइन व ऑफलाइन विषय विशेषज्ञ इच्छुक शिक्षक के माध्यम से कराई जाएगी। जिससे हम अधिक से अधिक बच्चो को उनके लक्ष्य तक पहुचा सकें।

कार्बन मुक्त विद्यालय।। उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों का प्रांगण हरा भरा हो गया है वह 2 मिनट का वीडियो अपने विद्यालय का और अपना परिचय देते हुए बनाएं तथा अनमोल रत्न,बाल रत्न और लिटिल मास्टर के बारे में चर्चा किया। ग्राम रत्न के बारे में बताते हुए कहा कि जो भी ग्राम प्रधान या गांव का कोई भी व्यक्ति विद्यालय से सम्बंधित सकारात्मक कार्य करेगा उसे मिशन शिक्षण संवाद के तहत ग्राम रत्न से सम्मानित किया जाएगा।

मीटिंग को आगे बढाते हुए बैठक में वीरेंद्र परनामी जुड़े और उन्होंने पढ़ाई से प्रतियोगिता तक कि थीम के तहत टीचर्स की आवश्यकता पर चर्चा की और कहा कि अपने अच्छे कार्यो को जनपद स्तर तक ही न सीमित करें। उसे प्रदेश स्तर पर भी साझा करें। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग लाभ ले सके। एसआरजी प्रयागराज वन्दना श्रीवास्तव भी मीटिंग में जुड़ी और  मिशन शिक्षण संवाद की सक्रियता टेलीग्राम पर बढाने पर अपनी बात सबके बीच रखी।

मिनी ओरी ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रत्येक शिक्षक को विषय बाटने की पहल करने पर अपने विचार रखे। आस्था जी ने कार्यक्रम का समापन करते हुए सबको धन्यवाद ज्ञापित किया और प्रतियोगिता क्लास 6 से क्लास 8 के बच्चो के लिये भी कराने पर अपने विचार प्रस्तुत किया। उक्त बैठक में अंतरिक्ष शुक्ला, मधुलिका सिंह, शंखधर द्विवेदी आदि शिक्षकों ने ऑनलाइन बैठक में उपस्थित रहे।

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