राजा परीक्षित का प्रसंग सुनकर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु

काली मंदिर में 25 नवंबर से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया
 
. राजा परीक्षित का प्रसंग सुनकर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
कथा वाचन के दौरान हजारों की संख्या में श्रोता बंधु का आगमन होता रहता है
फरेंदा, महराजगंज। फरेंदा क्षेत्र के बरदहिया बाजार स्थित काली मंदिर में 25 नवंबर से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया, यह कथा 23 नवंबर से शुरू होकर 01 दिसंबर को समापन होगा। एक दिसंबर को ही शाम 6 बजे प्रसाद भोज का भी आयोजन किया जाएगा। यह श्रीमद् भागवत कथा प्रतिदिन 3:00 से 5:00 तक एवं शायं 7:00 से 10:00 तक अयोध्या से पधारे हुए विद्वान पंडित कथावाचक आचार्य उत्तम कृष्ण शास्त्री के द्वारा प्रवचन किया जाता है।

 विद्वान पंडित कथावाचक आचार्य उत्तम कृष्ण शास्त्री, पंडित बबलू कृष्ण शास्त्री, पंडित सूरज शास्त्री, अभय शास्त्री, पंडित श्याम बिहारी आदि लोगों ने श्रोता बंधु से निवेदन किए हैं कि उक्त समय पर काली मंदिर पर पधार कर प्रवचन का रसपान करें।

 श्रीमद् भागवत कथा में कुसुम मिश्रा एवं डॉ अजीत मिश्रा, माया मिश्रा, ममता मिश्रा, विजय कुमार मिश्रा आदि मुख्य यजमान के रूम में हैं। कथा में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रोता गण आकर श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करते हैं।

कथा वाचन के दौरान हजारों की संख्या में श्रोता बंधु का आगमन होता रहता है। उक्त श्रीमद् भागवत कथा में विद्वान प्रवचन कर्ता उत्तम कृष्ण शास्त्री द्वारा गुरुवार को राजा परीक्षित मोक्ष का प्रसंग विषय पर प्रकाश डाला।

 तीसरे दिन प्रवचन कर्ता उत्तम कृष्ण शास्त्री ने कथा सुनाते हुए कहा कि शुकदेव ने राजा परीक्षित को बताया कि सात दिन तो बहुत हैं, सनकादिक ऋषि ने तो 48 घंटे में मोक्ष प्राप्त कर लिया। शुकदेव महाराज ने राजा परीक्षित को भगवान कपिल की कथा सुनाई। कपिलदेव महाराज अपनी माता को भक्ति की बाते बताते है। रजोगुण, सतोगुण, तमोगुण के बारे में जानकारी दी, कथा सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

FROM AROUND THE WEB