बेटी के जन्मदिन पर पिता की सर्पदंश से मौत

युवक की मौत से बुझ गया घर का चिराग

 
बेटी के जन्मदिन पर पिता की सर्पदंश से मौत


 

स्वतंत्र प्रभात 
 

शिवगढ़,रायबरेली शिवगढ़ थाना क्षेत्र के केसर खेड़ा मजरे चितवनियां में बेटी के जन्मदिन पर सर्पदंश से कृषक मौत हो गई। जिसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक केसर खेड़ा गांव के रहने वाले वासुदेव का 23 वर्षीय इकलौता बेटा संदीप वर्मा जो गांव में ही रहकर खेती किसानी करता था। गुरुवार की सुबह करीब साढ़े 5 बजे संदीप वर्मा की नींद खुली तो वह घर के पास ही खूंटे ने बंधी भैंसे को चारा देने के लिए दूसरी नॉद पर ले जाने के लिए खूंटे से लस्सी खोलने लगा तभी नांद के पास बैठे जहरीले काले सांप ने उसे डस लिया। संदीप वर्मा की चीख सुनकर दौड़े परिजनों एवं ग्रामीणों द्वारा उसे आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने युवक की हालत गम्भीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के पश्चात उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिसे सीएचसी से जिला अस्पताल के लिए ले जाया जा रहा था तभी बांदा बहराइच हाईवे पर स्थित गूढ़ा

के पास उसकी सांसें थम गई। जिसे परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर सुनते ही मां गायत्री, पत्नी नैना, छोटी बहन पिंकी, पिता वासुदेव के साथ ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल ने मौके का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी है। थानाध्यक्ष राकेश चंद्र आनंद में बताया कि सर्पदंश से युवक की मौत की सूचना मिली थी युवक का शव पीएम के लिए भेज दिया है।बेटी के जन्मदिन पर पिता की मौत से जन्मदिन की खुशियां मातम में तब्दीलसंदीप वर्मा की शादी वर्ष 2020 में नैना से हुई थी। संदीप वर्मा के 1 वर्ष की बेटी जान्हवी है जिसका गुरुवार को पहला जन्मदिन था। बताते हैं कि संदीप बेटी का जन्मदिन धूमधाम से मनाना चाहता था जिसको लेकर एक दिन पहले बुधवार को ही उसने केक का

ऑर्डर देने के साथ ही बाजार से जरूरी सामान खरीद लिया था। ऐसे वह हमेशा सुबह करीब साढ़े 7 बजे जगता था। भैंस का चारा-पानी उसके पिता वासुदेव और मां गायत्री करती थी। बेटी का जन्मदिन होने के चलते वह गुरुवार को सुबह साढ़े 5 बजे ही उठ गया था। उसे क्या पता था काल उसका इंतजार कर रहा है।.संदीप वर्मा की मौत से बुझ गया घर का चिरागवासुदेव की 2 संतानें थी जिसमें बेटा संदीप वर्मा बड़ा था और बेटी पिन्की छोटी। संदीप वर्मा की मौत से वासुदेव के घर का चिराग चिराग बुझ गया है। इकलौते बेटे की मौत से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बहन पिंकी फफक-फफक कर यही कह रही है कि अब वह किसे राखी बांधेगी और किसे भइया कहेगी। संदीप वर्मा मेहनती और मिलनसार था जिसकी मौत से समूचे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया है। 

   

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