बेटियों की सम्मान में जटहां पुलिस कैसे डटी मैदान में

पड़री पिपरपाती में 25 अगस्त को हुई एक बेटी की किडनैपिंग का अभी तक नही नही कर पाई खुलासा 

 
बेटियों की सम्मान में जटहां पुलिस कैसे डटी मैदान में 

स्वतंत्र प्रभात 

कुशीनगर जिले के थाना जटहां बाजार क्षेत्र के ग्राम पड़री पीपरपाती निवासिनी 17 वर्षीय पूजा पुत्री संजू देवी पत्नी जयप्रकाश गुप्ता की 25 अगस्त 2022 को उस समय अपहरण हो गई गई जब अपनी माता को घर से खेत में पानी लेकर जा रही थी पीछे से एक बाइक पर सवार तीन बदमाश आए और अपहरण कर भागने में सफल हो गए।पूरे दिन पुलिस सोई रही जब पीड़ित परिवार ने करीब 9 बजे रात में 112 नंबर पुलिस को बुलाया तो पीछे से जटहां बाजार पुलिस की गाड़ी भी धड़ाम से पहुंच गई। उसी समय जटहां पुलिस पीड़ित परिवार के माता पिता को गाड़ी में बैठाकर खिरकिया के तरफ लेकर चली गई। घंटो बाद उधर से लौटी तो घर पर महिला के पति को उतार अकेली महिला को थाने लेकर चली आई। जहा अनपढ़ महिला से एक कागज पर अंगूठा लगावा कर यह कहते हुए घर वापस छोड़ दी कि फिर सुबह थाने पर आना। 26 अगस्त की सुबह महिला थाने गई तो एक कागज पाई और लोगो को दिखाई तो उसमे प्रेम प्रसंग और 19 वर्ष उम्र दर्शाई गई मिली। पीड़ित महिला का कहना है कि उस रात में हमने पुलिस को 17 वर्ष बेटी पूजा का उम्र बताई थी।बड़ी बात 27 अगस्त की शाम को अपहृत युवती का आधा दर्जन ऑडियो लेकर महिला के घर दो पुलिस कर्मी पहुंचे उस समय पहले पीड़ित महिला के बहू की मोबाइल यह कहते हुए

मांगे कि उसपर अपहृत युवती का फोन आ रहा हैं इसके बाद पीड़ित महिला को आडियो सुनाई। महिला सुनकर रोने चिल्लाने लगी तो नायब दरोगा घिसक गए। अब 28 अगस्त को फिर वही दरोगा पहुंचे और घटना स्थल पर छूटी बिखरी टूटी युवती की चप्पल घर लाकर रखने की हिदायत दी। अब सवाल एक..घटना स्थल पर 12 घंटे बाद पुलिस क्यों पहुंची और पूरे दिन कहा रही..? सवाल दो...अपहरण की घटना को लव जेहाद कैसे मान गई और धारा 363,366 कैसे दर्ज कर ली..जिसकी कोई गिरफ्तारी नहीं हैं ..?सवाल तीन...दूसरे दिन शाम को ही पुलिस कहा से और कैसे पीड़ित युवती की ऑडियो पा गई..? जिस ऑडियो को ले जाकर पीड़ित परिवार को सुनाई..? सवाल चार..पुलिस यह कैसे जान गई अपहृत युवती का फोन उसके भाभी के मोबाइल पर आ रहा हैं.. जिस मोबाइल को परिवारीजनों से मांग रही थी ..?सवाल पांच..तीसरे दिन तक घटना स्थल पर घटना में युवती की छूटी चप्पल को साक्ष्य के रूप में बरामद क्यों नहीं की..? तीन दिन पांच सवाल का जवाब देना पुलिस के लिए भारी पड़ सकता है। उपरोक्त अपराध का आईपीसी की धारा 120 बी 364,376,307 व पॉस्को एक्ट अंतर्गत धारा नही बनता हैं क्या..? पुलिस अपने रिकॉर्ड में एक बाइक पर तीन सवारों ने युवती को बल पूर्वक धमका कर उठा ले गए क्यों लिखी हैं

, यह क्यों भूल गई घटना स्थल पर युवती की चप्पल टूटी बेतरतीब कैसे पड़ी है। क्या यही हैं बहला फुसलाकर भगा ले जाना ? अरेे जाना ही होता तो अकेले चली जाती चप्पल नही टूट जाती और हां यदि युवती को अपने मर्जी से भागना ही था तो तीन टांगने क्यों आते अगर मर्जी से जाती तो चप्पल कैसे टूट कर तीतर बितर हो जाती ये सवाल लोगों के मन में कौध रहा हैं..? उस टूटी चप्पल को पुलिस ने शायद इस लिए बरामद नहीं कि होगी कि अपहरण की साक्ष्य के रूप में अपहरणकर्ताओं की गवाही दे रही थी। ऐसे संगीन अपराधो में पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 155/2022 धारा 363,366 लिख दी। इस धारा का मतलब किसी युवती को फुसला कर भगा ले जाना  इसमें तीन साल की न्यायिक सजा और जुर्माना हैं। वह भी पुलिस की लिखी गई धारा में गिरफ्तारी तक नही हैं। गिरफ्तारी भी पुलिस की स्वेच्छा पर निर्भर हैं। अब लोग पूछ रहे हैं क्या पुलिस संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करेगी..? और बेटियों की सम्मान कैसे बचेगी 

   

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