छेड़खानी की जांच तक नहीं उल्टे पुत्रों पर शांति भंग की कार्रवाई

 
छेड़खानी की जांच तक नहीं उल्टे पुत्रों पर शांति भंग की कार्रवाई

बाराबंकी।


 सत्ता पक्ष की सरकार भले महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा का ढिढोरा राजनीतिक मंच से करती है। लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी हकीकत कुछ और ही है। ऐसा ही एक मामला क्षेत्र के एक गांव का है।

 जहां शुक्रवार देर रात विधवा महिला से छेड़खानी का विरोध किए जाने पर उसके साथ आरोपियों ने मारपीट की। इसकी शिकायत पर निरंकुश स्थानीय पुलिस ने उसके पुत्रों पर ही शांतिभंग में कार्रवाई कर दी। जिससे आक्रोशित विधवा महिला ने एसपी से शिकायत किए जाने की बात कही है।

मामला कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासिनी 40 वर्षीय एक विधवा महिला का आरोप है कि वह शुक्रवार देर शाम खेत से लौट रही थी। लेकिन रास्ते में पहले से मौजूद प्रधान पति व अन्य दूसरे व्यक्ति ने उसे रास्ते में रोककर अभद्रता की। लेकिन वह लोक लाज के बिना विरोध किए घर चली गई। आरोप है कि उक्त दोनों व्यक्तियों ने पीछे से उसके घर पहुंच गए।  जहां उसके साथ छेड़खानी शुरू कर दी।

 विरोध करने पर उसे मारने लगे। शोरगुल पर पहुंचे उसके पुत्र को आरोपी ने मारा पीटा है। इसकी शिकायत देर रात ही पुलिस की गई। आरोप है कि अगले दिन शनिवार तक पुलिस ने जांच नहीं की। सुबह थाने पर पुनः शिकायत करने पर उल्टा पुलिस ने विधवा के दोनों पुत्रों को थाने पर रोक लिया। बिना जांच व घटना की सत्यता जाने बगैर उन्हें शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई कर दी है।

जिससे आक्रोशित महिला ने एसपी अनुराग वत्स से शिकायत किए जाने की बात कही है। उसका आरोप है कि उक्त आरोपी पुलिस की मिलीभगत से आए दिन प्रताड़ित करते हैं। इस संबंध में एसएसपी दक्षिणी मनोज पांडे ने बताया शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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