‘‘दलबदलू नेता‘‘ ‘‘खटीक के सटीक‘‘ ‘‘दांव फैल‘‘ रू ‘‘भू-माफिया घोषित रमेश‘‘

अवैध कब्जो के अनगिनत मामलो मे चल रही थी जांच
 
‘‘दलबदलू नेता‘‘ ‘‘खटीक के सटीक‘‘ ‘‘दांव फैल‘‘ रू ‘‘भू-माफिया घोषित रमेश‘‘
‘चर्चित‘ चुनाव लडने की तैयारी पर फिरा ‘पानी‘  ललितपुर (मोहम्मद हबीब) गरीबो की जमीने हथियाकर

‘‘खटीक के चाटूकार‘‘ गुर्गे सख्ते मे सोशल मीडिया पर ढोंगी को बता रहे ‘समाजसेवी‘एंटी ‘‘भू-माफिया‘‘ टास्क फोर्स समिति की जांच आख्या पर ‘कार्यवाही‘ सरकारी जमीनो पर अवैध कब्जे के अनगिनत मामलो मे रहे ‘चर्चित‘ चुनाव लडने की तैयारी पर फिरा ‘पानी‘  ललितपुर (मोहम्मद हबीब) गरीबो की जमीने हथियाकर अरवो की सम्पत्ति बनाने बाले दलबदलू नेता रमेश खटीक राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन खरीदकर फिर उसे बेचने के मामले मे कानून के शिकंजे मे आखिरकार भू-माफिया घोषित हो ही गए। उनके भू-माफिया घोषित होते ही जहॉ गरीबो ने राहत की संास ली है।

वही खटीक के चाटूकार गुर्गे सोशल मीडिया पर सबसे सटीक रमेश खटीक का नारा बुलंद करने मे जुटे है। जमीनो पर तावडतोड अवैध कब्जे के अनगिनत मामलो मे चर्चित रहने वाले खटीक राजनैतिक दलो के गमछे बदलकर समाजसेवा का फर्जी ढोंग रचकर सुर्खिया बटोरने मे भी कभी पीछे नही रहे। जिला प्रशासन द्रारा एंटी भू-माफिया समिति की जांच आख्या के आधार पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रमेश खटीक भू-माफिया घोषित किये गए।

अवैध कब्जो के अनगिनत मामलो मे चल रही थी जांच
दलबदलू नेता रमेश खटीक वर्षो से गरीबो की जमीनो पर अवैध कब्जे कर अरवो की सम्पत्ति का साम्राज्य खडा कर राविनहुड की भूमिका मे नजर आते है। वही उनके खिलाफ अवैध जमीन संबंधी कई मामलो मे मुकदमा दर्ज होने के चलते भी वह चर्चा मे बने रहे।

उप जिलाधिकारी डा. संतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि अपर जिलाधिकारी गुल्शन कुमार द्रारा 18 नवम्वर को तहसील स्तरीय एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स की बैठक हुई थी। इसमे प्राप्त अवैध कब्जा संबंधी प्रकरणो को संज्ञान मे लेते हुए जांच आख्या के आधार पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जेदार रमेश खटीक निवासी सुभाषपुरा को भू-माफिया घोषित कर कार्यवाही की गई है। एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स समिति को निर्देशित किया गया है कि जनपद मे सरकारी जमीनो पर अवैध कब्जा करने वालो पर तत्काल प्रभाव से संज्ञान लेकर कार्यवाही करना सुनिश्चित करे।              

राष्ट्रीय राजमार्ग जमीन अधिकृत मामले मे ‘‘रिपोर्ट दर्ज‘‘

तकरीवन डेढ माह पूर्व 7 अक्टूवर को राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन अधिकृत करने के मामले मे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के कार्यालय सहायक हेमन्त राजपूत की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रमेश खटीक व जिपं अध्यक्ष की पत्नि सहित 4 आरोपियो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मामले मे अब एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स की समिति की जांच मे मामला सही पाए जाने पर खटीक पर भू-माफिया की कार्यवाही की गई है।     

तरमीमी नक्शा गायव मामले मे न्यायालय के आदेश पर मुकदमा ‘दर्ज‘  

बीते 13 नवम्वर को न्यायालय के आदेश पर नगर क्षेत्र मे जमीन का तरमीमी नक्शा गायव करने व एक जमीन को बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा कराने के मामले मे भी धोखाधडी की भी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ऐसे न जाने कितने  अवैध जमीनो को कब्जाने के मामले हैं जिन्हे खटीक ने अपने रसूख और पैसे की दम पर सुल्टा लिए।

कहाँ गायब 2017 के घोषित ‘‘भू-माफिया‘‘  

नगर के मध्य स्थित रानीबाग मामले मे 2017 मे सियासी रसूख रखने वाले सत्ताधारी अग्रवाल बन्धुओ को चिन्हित कर भू-माफिया घोषित किया गया था। लेकिन ऐसे सियासतदारो के नाम अब सरकारी फाइलो मे कैद हो गए है।  एसडीएम सदर डा. संतोष उपाध्याय ने बताया है कि पुराने रिकार्ड मे किसी भू-माफिया के नाम नही है। रिकार्ड देखा जा रहा है।     

खटीक के चाटूकार गुर्गे ‘‘बदहवास‘‘  
एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स समिति की जांच आख्या आने के बाद जिला प्रशासन ने रमेश खटीक को जैसे ही भू-माफिया घोषित किया खटीक के तमाम चाटूकार गुर्गो के चेहरे बदहवास होने लगे। आनन-फानन मे चंद चाटूकार गुर्गो ने सोशल मीडिया पर रमेश खटीक सबसे सटीक का नारा बुलन्द कर उन्हे समाजसेवी के रूप मे पेश करते नजर आने लगे।    

खटीक के वजूद पर संकट के ‘बादल‘
दलबदलू नेता रमेश खटीक ने फर्जी समाजसेवा का ढोंग रचकर निर्दलीय निकाय चुनाव के अध्यक्ष पद पर फतह हासिल की थी। अध्यक्ष पद के दौरान नगर की बेशकीमती जमीने हथियाकर करोडो का साम्राज्य खडा करने के बाद राजनैतिक लालसा बढती चली गई। फिर क्या था तमाम राजनैतिक दलो के गमछे बदलकर सत्ता का सुख भोंगते चले आए। 2017 मे महरौनी विधानसभा से लाल टोपी फेंककर निर्दलीय चुनाव मे कूंदे मगर बीजेपी प्रत्याशी मन्नू कोरी ने पटकनी देकर रमेश खटीक को राजनीति के मैदान मे धूल चटा दी।
महरौनी विधानसभा से विधायक बनने की दिल मे हसरत लिए वर्षो से क्षेत्र मे घूमकर समाजसेवा का ढोंग का तमाशा करते चले आ रहे है। लेकिन भू-माफिया घोषित होते ही खटीक के राजनैतिक वजूद पर संकट के बादल मंडराने लगे। सपा से टिकिट की उम्मीद की आंस भी टूट गई। एक बार फिर खटीक के सपनो पर कुठारा घात होने के राजनैतिक गलियारो मे कयास लगाये जाने लगे। 

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