एगॉन के सर्वेक्षण में सेवानिवृत्ति की तैयारी में भारत को मिला पहला स्थान

एगॉन के सर्वेक्षण में सेवानिवृत्ति की तैयारी में भारत को मिला पहला स्थान

भारत में डिजिटल बीमा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी, एगॉन लाइफ इंश्योरेंस ने सातवें वार्षिक एगॉन सेवानिवृत्ति तत्परता सर्वेक्षण 2018- नवीन सामाजिक अनुबंध: 21वीं सदी में सेवानिवृत्ति की रूपरेखा को प्रस्तुत किया, जिसके अनुसार सर्वेक्षण में शामिल 15 देशों के बीच सेवानिवृत्ति की तैयारी में भारत अग्रणी है। एगॉन सेवानिवृत्ति तत्परता सूचकांक (एआरआरआई) में 7.3 से अधिक अंक प्राप्त करने वाला भारत एकमात्र देश है।

यह सर्वेक्षण सामान्य आबादी का परिचायक नहीं है तथा इस सर्वेक्षण को शहरों में मध्यम एवं उच्च स्तरीय आमदनी वाले संगठित श्रमिकों के बीच आयोजित किया गया है। इस रिपोर्ट में श्रमिकों की सेवानिवृत्ति की तत्परता का मूल्यांकन करने के साथ-साथ उन सुधारों की जांच की गई है, जो श्रमिकों को उनकी सेवानिवृत्ति से जुड़ी इच्छाओं को हासिल करने में मदद के लिए किए जा सकते हैं। इसमें वित्तीय योजना की वास्तविकताओं में स्वास्थ्य के बढ़ते महत्व का अन्वेषण किया गया है, साथ ही रिपोर्ट में पहली बार वित्तीय साक्षरता एवं बढ़ती उम्र में सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़े मुद्दों की जांच की गई है।

इस मौके पर एगॉन लाइफ इंश्योरेंस के एमडी एवं सीईओ, श्री विनीत अरोड़ा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, "एगॉन सेवानिवृत्ति तत्परता से संबंधित इस वर्ष के सर्वेक्षण में शामिल सभी देशों में, भारतीयों का नजरिया अगले 12 महीनों में अपने देश की अर्थव्यवस्था के बारे में सबसे अधिक सकारात्मक पाया गया है। सर्वेक्षण के अनुसार भारतीय लोग इस सर्वेक्षण में शामिल सभी अन्य देशों की तुलना में सेवानिवृत्ति के लिए सबसे अधिक स्व-वित्त पोषण कर रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "पारंपरिक भारतीय परिवार अपने बच्चों की शिक्षा एवं उम्र बढ़ने के साथ उनके वैवाहिक संबंधों को लेकर योजना बनाने पर अधिक ध्यान दे सकते हैं, तथा अपने जीवन काल में सेवानिवृत्ति हेतु नियोजन की दिशा में समान रूप से प्रयास का प्रचलन बहुत अधिक नहीं है। सेवानिवृत्ति की योजना को जितनी जल्दी शुरू किया जाए उतना ही बेहतर है: हालांकि अच्छी-खासी धनराशि के बचत में थोड़ा समय लगता है, और यह बात पर्याप्त धन के संचय एवं ब्याज दरों की चक्रवृद्धि वृद्धि से लाभ तथा समय के साथ धनराशि की वापसी, दोनों मामले में सही है। जीवनकाल के विस्तार, करियर को पेशेवर बनाए जाने एवं परिवार के आकार के बढ़ने के साथ-साथ व्यक्तियों, परिवार, नियोक्ताओं और सरकार के बीच सामाजिक अनुबंध को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता होगी।"

एआरआरआई सर्वेक्षण में लोगों से छह सवालों के जवाब मांगे गए थे- जिनमें से तीन मोटे तौर पर अभिवृत्‍तिक और शेष तीन व्यवहारगत थे। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी, जागरूकता के स्तर, वित्तीय समझ, सेवानिवृत्ति की योजना एवं आय के प्रतिस्थापन के बारे में जानना था।

भारत ने 7.3 का मध्य स्तरीय एआरआरआई अंक हासिल किया और इस सर्वेक्षण में अग्रणी रहा। इस साल, भारत में 40 प्रतिशत श्रमिकों ने उच्च अंक प्राप्त किया, जो 2017 में 44 प्रतिशत के अंक से नीचे है। इस बीच, निम्न सेवानिवृत्ति तत्परता अंक (24 प्रतिशत) वाले श्रमिकों के अनुपात में गत वर्ष (19 प्रतिशत) की तुलना में वृद्धि हुई है। गौरतलब है कि, भारत में व्यक्ति की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण है जबकि विश्व स्तर पर राज्य की भूमिका महत्वपूर्ण है, और यही बात जिम्मेदारी ग्रहण किए जाने को प्रेरित करती है।

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