ऐ भाई ! ज़रा देख के चलो… महेंद्रगढ़ शहर में आवारा सांडो का आतंक जोरो पर

ऐ भाई ! ज़रा देख के चलो… महेंद्रगढ़ शहर में आवारा सांडो का आतंक जोरो पर

महेन्द्रगढ़ (विनीत पंसारी)

ऐ भाई ! ज़रा देख के चलो...। यदि आप शहर महेन्द्रगढ़ की सड़कों पर देख-संभलकर नहीं चले तो आप किसी मुसीबत में पड़ सकते हैं । बीती सायं स्थानीय परशुराम चौक दो सांडों का युद्धस्थल बन गया । लोगों ने बड़ी मशक्कत के बाद दोनों को अलग किया ।
    बाजार में आम दिनों की तरह सब कुछ सामान्य चल रहा था कि अचानक ग्यारह हट्टा बाजार की ओर से दो सांड दौड़ते हुए एक दूसरे का पीछा करते परशुराम चौक पर पहुंचे । दोनों आपस में सींग लड़ाकर अपनी अपनी शक्ति से एक दूसरे य लगे । कभी वे सर्राफा बाजार की ओर जाते तो कभी सब्जी मंडी रोड़ पर । अन्तत: चौक पर उनका अखाड़ा जम गया । यह चौक शहर महेन्द्रगढ़ का हृदय स्थल कहा जाता है । यहां हर क्षेत्र से लोगों का आना जाना लगा रहता है । सर्दियों में दिन छोटे रहते हैं इसलिए लोग अपनी जरुरत का सामान दिन रहते ही खरीद करते हैं । सांड़ों की लड़ाई ने दुकानदारों व राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी । लोगों की भीड़ कभी इधर भागती कभी उधर । आसपास के दुकानदारों ने अपने पीने के पानी की टंकियों को सांडों पर उंडेल दिया लेकिन वे हटने का नाम ही नहीं ले रहे थे । डंडे से भगाने के प्रयास भी विफल साबित हो रहे थे । सब अनहोनी से डर रहे थे । लोगों की लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद वे अलग-अलग रास्तों पर चले गए । तब जाकर लोगोँ की जान में जान आई ।
     बता दें कि इलाके की सबसे बड़ी कहलाने वाली  शहर की सब्जी मंडी आवारा पशुओं का आश्रय स्थल बनी हुई है । ये आवारा पशु  यहां आने-जाने वाले लोगों से खाने-पीने की वस्तुओं की थैलियां छीनने की कवायद करते हैं । रास्ते चलते लोगों को यूं ही सींग मार देने की घटनाएं तो कई बार घटित हो चुकी हैं । आवारा सांडों, कटड़ों को भोजन की तलाश में शहर की व्यस्त सड़कों पर कूड़े के ढ़ेरों में मुंह मारते अक्सर देखा जा सकता है । लोगों का कहना था कि शहर महेन्द्रगढ़ में आवारा पशुओं की समस्या एक ज्वलंत प्रश्न है । प्रशासन को चाहिए कि वह इस समस्या का अविलम्ब समाधान करे ।

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