विश्व प्रसिद्ध सांची महोत्सव मेला 24 व 25 को सम्पन्न

सांची से  शोभित जैन की रिपोर्ट

धातु पूजा महोत्सव 24 व 25 को सम्पन्न
सांची। श्रीलंका महाबोधि सोसाइटी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला दो दिवसीय वार्षिक धातु पूजा महोत्सव होगा 24 और 25 नवंबर को संंपन्न महोत्सव में भगवान बुद्ध के परम शिष्य सारिपुत्र ओर महा मोग्गलान के पवित्र अस्थि अवशेषों को तलघर से निकलकर पूजा अर्चना कर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखा गया। अंग्रेजों द्वारा सांची के स्तूपों की खुदाई के दौरान प्राप्त इन अस्थि अवशेषों को इंग्लैंड ले जाया गया था।जिन्हें आज़ादी के बाद भारत सरकार,श्रीलंका सरकार और महाबोधि सोसाइटी के संयुक्त प्रयासों से भारत लाकर सांची में चैत्य गिरि विहार वनाकर उसमे इन्हें सुरक्षित रखवाया गया था। इस दौरान सांची में महा उत्सव मनाया गया था जिसमे देश के प्रधान मंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू भी सम्मलित हुए थे।तब से यह महोत्सव प्रतिवर्ष नवंबर माह के अंतिम रविवार को मनाया जाता है। जिसमे देश सहित श्रीलंका जापान चीन थाईलैंड म्यामार कोरिया सहित अनेकों देशों के विदेशीश्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। इस वर्ष श्रीलंका के संसद और पूर्व मंत्री दिनेश गुनवर्धन और श्रीलंका महाबोधि सोसाइटी के अध्यक्ष बानगल्ल उपतिस्स नायक थेरो मुख्य अतिथि होंगे। प्रशासन द्वारा महोत्सव को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।

विश्व प्रसिद्ध सांची नगर के महाबोधि महोत्सव मे  सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए

संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश द्वारा सांची में महाबोधि महोत्सव 24 व 25 नवंबर को आयोजित हुआ। उसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न नाट्य कला, लोक नृत्य, लोक गीत-संगीत एवं विभिन्न तरह के रंगमंच कार्यक्रम आयोजित किए गये। जिसका संचालन मुख्य रुप से मध्य प्रदेश शासन के आदिवासी लोक कला एवं शेली विकास अकादमी एवं जिला प्रशासन रायसेन के सहयोग से संस्कृति संचालनालय मध्य प्रदेश ने किया। जिसमें मुख्य रुप से 24 व 25 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 7:00 बजे से प्रारंभ हुए जो कि विश्राम भवन परिसर सांची में आयोजित हुए। जिसमें की देश विदेश के हज़ारों श्रद्धालु सम्मलित हुए।

 

Support to Swatantra Prabhat Media

T & C Privacy

Loading...
Loading...

Comments