पैथकोन में देश के विभिन्न भागों सहित विदेशों के 300 से अधिक पैथालोजिस्ट लेगें भाग 

पैथकोन में देश के विभिन्न भागों सहित विदेशों के 300 से अधिक पैथालोजिस्ट लेगें भाग 

अलीगढ़

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कलिज के पैथालोजी विभाग में आज से इंडियन एसोसिएशन आफ पैथालोजिस्ट एण्ड माइक्रोबायोलोजिस्ट (यू0पी0 चैप्टर) 2019 की 27 वीं वार्षिक कांफ्रेस यू0पी0 पैथकोन 2019 प्रारंभ हो गई जिसमें प्रदेश तथा देश के विभिन्न भागों सहित विदेशों के 300 से अधिक पैथालोजिस्ट भाग ले रहे हैं।


पैथकौन का उद्घाटन आज साॅय जवाहरलाल नेहरू मेडीकल कालिज के सभागार में मुख्य अतिथि सह कुलपति प्रोफेसर अख्तर हसीब द्वारा किया गया। सहकुलपति ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते रोगों के दृष्टिगत पैथालोजी की भूमिका बहुत अहम हो गई है। उन्होंने कहा कि आज पैथालोजी तथा माइक्रोबायोलोजी उपचार का मुख्य केन्द्र बन गये हैं। क्यों कि किसी भी रोग की सटीक जाॅच के बाद ही उसका उपचार संभव है और तभी दवायें भी प्रभावकारी साबित होती है।


सहकुलपति ने कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सा विज्ञान में तेजी के साथ प्रगति हो रही है और इससे सभी विशेषकर युवा चिकित्सकों का परिचित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह कंाफ्रेंस युवा चिकित्सकों के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होगी।


इंडियन एसोसिएशन आॅफ पैथालौजिस्ट एण्ड माइक्रोबायोलोजिस्ट की उत्तर प्रदेश चैप्टर की अध्यक्ष प्रोफेसर वत्सला मिश्रा ने कहा कि पैथालोजी मेडीसिन की ही एक शाखा है और यह तेजी के साथ आगे बढ़ रही है तथा नित्य इसमें नई तकनीक आ रहीं हैं जिससे रोग के निदान में आसानी भी हो रही है। उन्होंने युवा चिकित्सकों से आव्हान किया कि वह इस क्षेत्र में हो रहे नये शोध कार्यो से न केवल परिचित हों बल्कि उसमें पारंगता भी हासिल करें। डा0 मिश्रा ने कहा कि कांफ्रेंस में जो ओरल पोस्टर प्रस्तुत किये जा रहे हैं निश्चित रूप से उससे चिकित्सकेां के ज्ञान में वृद्धि होगी।


कांफ्रेंस की आयोजन सचिव प्रोफेसर निशात अफरोज ने कहा कि उनका यह प्रयास रहा एक मंच पर देश भर के श्रेष्ठ चिकित्सक वक्ताओं को एकत्रित किया जाये ताकि कांफ्रेंस में शामिल होने वाले चिकित्सक उनके ज्ञान का भरपूर लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान आधुनिक युग में चिकित्सा पूरी तरह जाॅच पर निर्भर हो गई है और अनेक दुर्लभ बीमारियों तथा कैंसर जैसे रोगों का पता पैथालोजिकल जाॅच के द्वारा ही किया जा सकता है। उन्होंने उपस्थितजनों का आभार भी जताया।  कार्यक्रम का संचाल डा0 बुशरा सिद्दीकी ने किया।


इस अवसर पर डा0 हिना अय्यूब अंसारी द्वारा संपादित स्मारिका का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया। कांफ्रेंस के आयोजन अध्यक्ष प्रोफेसर सईदउल हसन आरिफ को मैडल पहनाकर इंडियन एसोसिएशन आॅफ पैथालौजिस्ट एण्ड माइक्रोबायोलोजिस्ट की उत्तर प्रदेश चैप्टर का आगामी अध्यक्ष भी घोषित किया गया। इस कांफ्रेंस में टाटा मेमोरियल हाॅस्पिटल मुम्बई, एम्स नई दिल्ली, पी0जी0आई0 चंडीगढ़, एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ तथा कनाडा, इंग्लैंड और अमरीका के चिकित्सक भाग ले रहे हैं।
 

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