बीएलओ का काम गृह मंत्री साहब के भाड़े के लोग घर-घर जाकर कर रहे, चुनाव आयोग नहीं ले रहा है संज्ञान

बीएलओ का काम गृह मंत्री साहब के भाड़े के लोग घर-घर जाकर कर रहे, चुनाव आयोग नहीं ले रहा है संज्ञान

करोड़ों खर्च कर कलर इसतिहार वाली वोटर पर्ची और कमल निशान के साथ भाजपा हाईकमान के लगे फोटो

लखनऊ /बीजेपी ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का मांनो ठेका ही ले रखा है और चुनाव आयोग भी बड़े आसानी से इन को क्लीन चिट भी दे देती है जैसा कि हिंदुस्तान की जनता अब मानने भी लगी है. हद तो देखिए गृह मंत्री साहब लखनऊ में अपने फोटो के साथ चुनाव की पर्चियां बटवा रहे हैं वोट मांग रहे हैं अपने लिए तो जाहिर सी बात है बंदे भी अपने ही भेज रहे होंगे. खुलेआम पैसों की दुरुपयोग अपने चुनाव में करते नजर आ रहे हैं

गृह मंत्री साहब. स्थानीय  सांसद प्रत्याशियों की खिलाफत के बावजूद भी  अभी तक कोई कार्यवाही नहीं. लेकिन वर्तमान सरकार इनकी है तो चुनाव आयोग भी इनके हिसाब से चल रहा है जैसा कि बनारस के मामले में देखा गया. पिछले दिनों आखिर क्या हुआ तेज बहादुर का नॉमिनेशन रद्द कर दिया गया. मीडिया भी वही लिख रही है जैसा वह चाह रहे हैं दूसरी पार्टियों के लिए चुनाव आयोग क्लीन चिट देने से पहले 10 बार वर्तमान सरकार के इशारे को देख रही है वही अपने पार्टी के लोगों के लिए किसी भी तरह का कोई भी कानून का उल्लंघन इनके नजर में उल्लंघन नहीं दिख रहा है.

भाजपा गृह मंत्री साहब को जिताने के लिए पूरी एड़ी चोटी का जोर लगा रखी है लखनऊ के अलग-अलग रिहायशी इलाकों में भाड़े के लोगों ने डोर टू डोर जाकर चुनाव की पर्ची डालनी शुरू कर दी है जिससे यह पता चल सके कि आप को वोट कहां देना है वह भी इनके भाड़े के लोग और अन्य कार्यकर्ता घरों में जाकर व्यवस्थित ढंग से बता रहे हैं. तो सरकारी बंदे वोटर पर्ची लेकर कहीं इन के इशारे पर घर घर जाना अच्छा नहीं समझ रहे होंगे. क्या इसे आचार संहिता का उल्लंघन ना माना जाए. 

लेकिन साहब देश के गृहमंत्री हैं हार जाएंगे तो पार्टी कहां नजर आएगी इसलिए पूरी पार्टी लखनऊ की सड़कों पर अपनी मनमानी करते और आचार संहिता का उल्लंघन करते देखे जा सकते हैं. इस बार और स्थानीय लोगों ने भाजपा के इन करतूतों की वजह से मोर्चा खोल रखा है और बताते हैं कि बीएलओ के द्वारा वोटर पर्ची ना डलवा कर अपने लोगों के द्वारा घर घर  वोटर पर्ची  बटवाई जा रही है जिसमें  मोदी शाह  और गृह मंत्री खुद उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री के फोटो के साथ साथ वोटर पर्ची लिस्ट छपा कर वोट देने और ना देने की बातों का फायदा नुकसान बता रहे हैं.

जो कार्य गृह मंत्री साहब अपने भाड़े के लोगों से करवा रहे हैं शायद यह कार्य क्षेत्र के बीएलओ का होता है और इस तरह की पर्ची बांटना सरासर आचार संहिता का उल्लंघन ही है लेकिन देखना यह होगा कि क्या चुनाव आयोग इन वोटर पर्ची का संज्ञान लेकर कार्रवाई करती है या एक बार फिर लोगों के अंदर चुनाव आयोग के लिए असंतुष्टि ही दिखेगी. 

क्षेत्रीय नेताओं की मांग

शैलेंद्र तिवारी लखनऊ  उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से मांग कर रहे हैं कि इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए खुले आम उड़ाई जा रही आचार संहिता का उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. 

दरअसल ये वोटर की पर्ची है इस वोटर की पर्ची को बांटने के लिए इन्होंने अपने आदमी लगा रखे हैं और जो सरकारी पर्ची बनी है बीएलओ के द्वारा बूथ लेवल ऑफिसर के द्वारा जो पर्चियां डोर टू डोर बटनी चाहिए है वह नहीं पड़ रही हैं इसलिए क्योंकि इन्हें अपना प्रचार करना है इस पर्ची के माध्यम से वोट और निशान दिखाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है. लगभग लगभग 20 लाख की संख्या में एक पर्ची पर ₹5 का खर्चा माना जाए एक करोड़ रूपया खर्च कर दिया इन्होंने इसकी जांच हो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए भारतीय चुनाव आयोग से मांग है. 

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