न्यायिक व्यवस्था को तेज गति मिलने से लोगों को समय पर न्याय मिलेगा - केजी बाला

न्यायिक व्यवस्था को तेज गति मिलने से लोगों को समय पर न्याय मिलेगा - केजी बाला

                  रिपोर्टर - धर्मेन्द्र राघव

अलीगढ़,उ०प्र० -

देश के पूर्व मुख्य न्यायधीश तथा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष केजी बाला कृष्णन ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के राजनीतिक विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन समारोह में बीजक भाषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि न्यायिक व्यवस्था को तेज गति प्रदान किया जाना चाहिये ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके।
“न्याय पसन्द भारत की ओरः चुनौतियाँ एवं संभावनाऐं” विषय पर आयोजित होने वाले दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में नामचीन स्कालर तथा विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
यूनिवर्सिटी पोलीटैक्निक सभागार में उपस्थितजनों को सम्बोधित करते हुए न्यायमूर्ति बाला कृष्णन ने कहा कि हमारी जेलों में बंद लोगों में 67.5 प्रतिशत संख्या ऐसे लोगों की है जो विचाराधीन कैदी हैं तथा उनके मुकद्दमे विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं। पूर्व मुख्य न्यायधीश ने कहा कि भारत अकेला ऐसा देश है जहा उक्त स्थिति पाई जाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी मुकद्दमें में आरोपों की सुनवाई दो वर्ष के अन्दर प्रारंभ हो जानी चाहिये ताकि दोषी होने या न होने का शीघ्र निर्णय हो जाए तथा समाज को असली अपराधियों से राहत प्राप्त हो।
अपने अध्यक्षीय भाषण में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के सेवानिवृत प्रोफेसर आनंद कुमार ने कहा कि वर्तमान में न्याय की कल्पना में विकास की कल्पना के विरूद्व खड़ा कर दिया गया है जबकि वास्तविक्ता यह है कि किसी भी समाज तथा देश ने न्याय एवं स्वतंत्रता के उसूलों के साथ ही विकास का पद पाया है। दोनों कल्पनाऐं साथ साथ चलती हैं।
उद्घाटन समारोह के बाद ‘‘भारत में समाजिक न्याय के संस्थागत तथा नीतिगत आवश्यकताऐं” विषय पर एक पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया जिसमें प्रोफेसर गुरूप्रीत महाजन, प्रोफेसर आनंद कुमार, प्रोफेसर जोया हसन, प्रोफेसर संजीव कुमार एचएम तथा प्रोफेसर असमर बेग ने अपने विचार व्यक्त किये।

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