अलीगढ़ की टॉप खबरे

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प्रेमिका ने प्रेमी के ऊपर फेंका तेजाब मेडिकल में भर्ती 


अलीगढ़।

थाना क्वार्सी क्षेत्र में एक युवक के ऊपर उसकी प्रेमिका ने एकतरफा प्यार में डाला तेजाब युवक को गंभीर हालत में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती या उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

जीवनगढ़ इलाके के एक युवक पर उसकी प्रेमिका ने तेजाब फेंक दिया। हमले में युवक का चेहरा और उसके दोस्त का पैर झुलस गया। राहगीरों की सूचना पर आए परिवारीजन दोनों को जेएन मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे। इधर, पुलिस ने युवती को उसके घर से दबोच लिया। पूछताछ में युवती ने युवक पर शादी के वादे से मुकरने और फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

फैजान पुत्र जफर निवासी जीवनगढ़ गली-1, क्वार्सी आमिर निशा बाजार में स्थित कपड़े की दुकान पर काम करता है। उसके डेढ़ साल से इलाके की एक लड़की से प्रेम संबंध थे। परिवारीजनों के मुताबिक युवती फैजान पर शादी का दबाव बना रही थी। जबकि वह शादी नहीं करना चाहता था। एक माह से दोनों में बातचीत नहीं हो रही थी।इससे वह गुस्से में थी। शाम साढे़ छह बजे फैजान अपने दोस्त जमन के साथ गली में स्थित परचून की दुकान पर खड़ा था। इसी दौरान युवती आई और उसने फैजान पर तेजाब से हमला कर फरार हो गई। फैजान का चेहरा और जमन का पैर तेजाब से झुलस गया। दोनों को जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।

थाना पुलिस से मामले की शिकायत की है। क्वार्सी थाना इंस्पेक्टर के मुताबिक युवती को हिरासत में ले लिया है। वह युवक पर शादी से मुकरने और फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगा रही है। फिलहाल लिखित तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

 

बहिष्कार के बीच राजकुमार सहयोगी ने लहराया भाजपा का परचम
अलीगढ़। विधायक राजवीर दिलेर द्वारा छोड़ी गई इगलास विधानसभा सीट पर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी का परचम लहराया। वहीं मतदान के दिन मचे रहे बहिष्कार के शोर में 1098 मतदाताओं ने नोटा का भी प्रयोग किया है।

स्थिति यह है कि दो प्रत्याशियों पर नोटा भारी पड़ा है। यहां के दो प्रत्याशियों भाईचारा पार्टी के विकास कुमार को 505 एवं स्वतंत्र जनता राज पार्टी के पुष्पेंद्र सिंह को 1087 वोट मिले जो नोटा से कम हैं। उप चुनाव में नोटा पर 1098 वोट पड़े।
पार्टी प्रत्याशी कुल वोट
भारतीय जनता पार्टी राजकुमार सहयोगी 75673
बहुजन समाज पार्टी अभय कुमार 49736
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस उमेश कुमार 10795
स्वतंत्र जनता राज पार्टी पुष्पेंद्र सिंह 1087
लोकदल मुकेश कुमार 4796
भाईचारा पार्टी विकास कुमार 505
राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी हरीश कुमार धनगर 2762
कुल वैलेड वोट - 145354
रिजेक्टेड वोट - 05
नोटा - 1098
कुल - - 146457
टेंडर वोट - कोई नहीं

राजकुमार सहयोगी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अभय कुमार बंटी को 25759 वोटों से हराया 

छुट्टा गोवंश व विकास के मुद्दे को लेकर मतदान बहिष्कार के शोर के बीच इगलास विधानसभा क्षेत्र के उप चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी राजकुमार सहयोगी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बहुजन समाज पार्टी के अभय कुमार बंटी को 25759 वोटों के अंतर से हरा दिया। भाजपा प्रत्याशी सहयोगी को कुल 75472 वोट मिले, जबकि अभय कुमार को 49713 वोट मिले। गुरुवार की सुबह धनीपुर मंडी पर मतगणना का काम शुरू हुआ और दोपहर तीन बजे तक सभी मतों की गणना हो गई। तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी उमेश दिवाकर को 10786 वोट मिले।

यह सीट भाजपा के विधायक रहे राजवीर दिलेर को भाजपा के हाथरस लोकसभा सीट से सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर कुल सात प्रत्याशियों ने दावेदारी की थी। कुल 33 राउंड चली मतगणना में पहले तीन राउंड में बसपा के अभय कुमार ने बढ़त बनाई।

लेकिन इसके बाद पांचवें राउंड में भाजपा के राजकुमार सहयोगी ने बढ़त बना ली। इसके बाद बढ़त बनाए रखने का सिलसिला जारी रहा। मुख्य प्रत्याशियों के अलावा स्वतंत्र जनता राज पार्टी के पुष्पेंद्र कुमार को 1086 वोट मिले। लोकदल के मुकेश कुमार को 473 वोट मिले। भारतीय भाईचारा पार्टी के विकास उर्फ विकास कुमार को 503 और शोषित समाज पार्टी के हरीश कुमार धनगर को 2762 वोट मिले। रिटर्निंग आफिसर एसडीएम इगलास एके सिंह ने राजकुमार सहयोगी को जीत का प्रमाण पत्र दिया। चुनाव जीतने के बाद राजकुमार सहयोगी ने कहा कि वह अपनी जीत का श्रेय जनता को देते हैं।

 

कांग्रेस समेत पांच प्रत्याशियों की हुई जमानत जब्त
अलीगढ़। इगलास विधानसभा उपचुनाव के निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम इगलास अंजनी कुमार सिंह ने परिणाम की घोषणा करते हुए भाजपा के प्रत्याशी राजकुमार सहयोगी को निर्वाचित घोषित करते हुए प्रमाण पत्र दिया। विजय प्राप्त करने के बाद राजकुमार सहयोगी ने मीडिया से रूबरू हो कर कहा कि यह मेरी जीत नहीं है यह जीत जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा,सांसद अलीगढ़,सांसद हाथरस,सभी विधायकों,पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ ही क्षेत्री जनता की जीत है।

उपचुनाव में कांग्रेस सहित पांच प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा पाये।कुल मतदाताओं 3,74,733 में से 39.06 फीसदी मतदाताओं ने मतदान में भाग लिया। यानि 1,46,457 मत पड़े। इसमें भाजपा प्रत्याशी राज कुमार सहयोगी को 75,673 मत,बसपा प्रत्याशी अभय कुमार को 49,736 मत,कांग्रेस के प्रत्याशी उमेश् कुमार को 10795 मत, लोकदल के प्रत्याशी मुकेश कुमार को 4796 मत,स्वतंत्र जनता पार्टी के प्रत्याशी पुष्पेन्द्र सिंह को 1087 मत,भारतीय भाई चारा पार्टी के विकास कुमार को 505 मत,राष्ट्रीय समाज शोषित पार्टी के हरीश कुमार को 2762 मत मिले।  

 

शहर में 80 बकायेदार


अमुवि पर नगर निगम का करोड़ो बकाया, होगें नोटिस चस्पा
अलीगढ़। राजस्व वसूली में पिछड़ रहे नगर निगम ने बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बड़े बकायेदारों की सूची बना ली गई है, जो उनके प्रतिष्ठान व वार्डों में चस्पा कराई जाएगी। बड़े बकायेदारों में शामिल एएमयू पर 13.77 करोड़ व डीआइओएस दफ्तर पर 18.70 लाख रुपये गृहकर, जलकर, ड्रेनेज कर के बकाया हैं।


शहर में 80 बकायेदारों पर नगर निगम का करोड़ों रुपया फंसा है, जिसे निकालने के लिए नगर आयुक्त व सहायक नगर आयुक्त ने खुद कमान संभाली है। बड़े बकायेदार अफसरों के रडार पर हैं। अगस्त में नगर निगम ने एएमयू को नोटिस भेजकर बकाया जमा करने को कहा था, लेकिन जमा नहीं हुआ। बुधवार को इसी नोटिस का हवाला देते हुए कर निर्धारण अधिकारी ने डिमांड नोटिस भेजा है। इसमें कहा है कि ऐसे 12 नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन बकाया जमा नहीं कराया गया। इसे तत्काल जमा कराएं।


डीआइओएस दफ्तर पर बकाया रकम भी वर्षों से जमा नहीं की गई। इसमें गृहकर 5.72 लाख, जलकर 4.11 लाख व डे्रनेज कर 2.06 लाख रुपये है। 6.80 लाख रुपये ब्याज है। सहायक नगर आयुक्त राजबहादुर सिंह ने बताया कि बकायेदारों से टीम प्रतिदिन संपर्क कर रही है। बकायेदारों की सूची उनके वार्डों में चस्पा कराएंगे।

 

धनतेरस पर न खरीदें लोहा,आ सकता हैं शनि के प्रकोप
अलीगढ़। ानतेरस के दिन लोहे से बनी कोई चीज़ न खरीदें। ज्योतिष के अनुसार लोहा को शनि का कारक माना जाता है। इसलिए इस दिन लोहे की कोई चीज़ खरीदने से शनि के प्रकोप आप पर आ सकता है।

अवस्थी ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पं. आदित्य नारायन अवस्थी बताते हैं कि धनतेरस का हिंदू धर्म में खास महत्व है। इसी दिन से दीवाली का त्योहार शुरू हो जाता है और इस दिन खासतौर पर लोग खरीददारी करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन खरीददारी करना शुभ होता है।

तभी तो मकान की बुकिंग से लेकर गाड़ियां और जेवर इस दिन खरीदना शुभ माना जाता है। लोग अपनी क्षमता अनुसार सोने-चांदी से लेकर पीतल के बर्तन तक इस दिन खरीदते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि इस दिन कुछ ऐसी चीज़ें भी हैं जिसे खरीदना अशुभ होता है? यदि नहीं जानते तो यह आर्टिकल पढ़िए और धनतेरस पर इन चीज़ों को खरीदने की भूल मत करिएगा।


- धनतेरस के दिन लोहे से बनी कोई चीज़ न खरीदें। ज्योतिष के अनुसार लोहा को शनि का कारक माना जाता है। इसलिए इस दिन लोहे की कोई चीज़ खरीदने से शनि के प्रकोप आप पर आ सकता है।


- लोहे की तरह ही एल्युमिनियम पर भी राहु का प्रभाव होता है। इसलिए एल्युमिनियम के बर्तन या कोई सामन धनतेरस के दिन घर न लाएं। यह अशुभ होता है।
- आमतौर पर लोग इस दिन स्टील के बर्तन खरीद लेते हैं जो सही नहीं है। स्टील भी राहु का कारक है। इसलिए इस दिन स्टील के बर्तन घर लाना शुभ नहीं होता। धनतेरस के दिन प्राकृतिक धातुएं ही शुभ होती हैं जबकि स्टील मानव निर्मित है।


- कांच से बनी सुंदर चीज़ें देखकर आपका मन भी ललचा जाता है, लेकिन धनतेरस के दिन इन्हें खरीदने की भूल न करें। कांच का संबंध राहु से होता है। 
- इस दिन काले रंग की कोई भी वस्तु खरीदकर घर न लाएं। काला रंग हिंदू धर्म में शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए धनतेरस के शुभ पर काले रंग का कोई सामान न खरीदें।


- दीवाली में उपहार लेने-देने की परंपरा है, लेकिन धनतेरस के दिन किसी को कोई गिफ्ट न दें। ऐसा इसलिए क्योंकि किसी के लिए उपहार लेने के लिए आप अपने पैसे खर्च करते और वह भी धनतेरस के दिन यानी आप अपने घर की लक्ष्मी किसी और को दे रहे हैं। जो बहुत ही अशुभ माना जाता है। इसलिए गिफ्ट्स कभी भी धनतेरस के दिन न खरीदें। उसके पहले या बाद में खरीद लें।


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क्या खरीदना है शुभ?
- सोना-चांदी, खासतौर पर चांदी खरीदना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह धन के देवता कुबेर को प्रिय है।
- इस दिन पानी भरने का कोई बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है।
- इस दिन गणेश और लक्ष्मी की अलग-अलग मूर्तियां खरीद सकतें है जिनकी दीवाली के दिन पूजा होती है।
- इस दिन खील-बताशे और मिट्टी के दीयें खरीदें।
- लक्ष्मी जी का श्री यंत्र खरीदना भी शुभ माना जाता है।
- इसके अलावा घर की जरूरत का सामान जैसे फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मिक्सर-ग्राइंडर, डिनर सेट और फर्नीचर इस दिन खरीदा जा सकता है।
- धनतेरस के दिन नया झाड़ू खरीदना चाहिए। मान्यता है कि झाड़ू दरिद्रता को दूर करता है।

 

चैराहों पर बजेगा बैंड-बाटेंगे कपड़े के थैले, कूड़ेदान और मिट्टी के दीप 


अलीगढ़।

नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने इस बार दीपावली से पूर्व धनतेरस को उत्सव की तरह मनाए जाने का निर्णय लिया है उनके इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य लोगों के दिल और दिमाग में स्वच्छता, नो पॉलीथिन और नगर निगम आपके साथ खड़ा है हर दम हर पल है। अपने इसी उद्देश्य को लेकर नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल कल धनतेरस को दीपावली की तरह आम नागरिक के साथ गले मिलकर उनकी खुशियों में शामिल होकर उनके साथ इको फ्रेंडली रूप में मनाने का निर्णय लेते हुए महानगर के चार प्रमुख स्थान जिनमें क्वारसी चैराहा सेंटर प्वाइंट चैराहा रेलवे रोड चैराहा वह दिल्ली गेट चैराहा शामिल है।

इन जगहों पर नगर निगम अधिकारियों कर्मचारियों के साथ व्यापारी व क्षेत्रीय दुकानदारों के साथ मिलकर लोगों को फ्रेंडली दीपावली मनाने के लिए मिट्टी के बने हुए दीप कपड़े के बने हुए थैले व दो कूड़ेदान वितरित करेगा।

नगर आयुक्त ने कहा इको फ्रेंडली दीपावली मनाने के लिए अधिक से अधिक मिट्टी के बने हुए दीप जलाएं ताकि माननीय मुख्यमंत्री महोदय की मंशा के अनुरूप इस उद्योग से जुड़े लोगों का उद्धार हो सके उन्होंने कहा मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप नगर निगम द्वारा महानगर के विभिन्न क्षेत्रों से प्रजापति समाज के लोगों से जो इस उद्योग से जुड़े हुए हैं उनसे मिट्टी के बने हुए दिए क्रय किए गए हैं लोगों को बांटने के लिए उन्होंने अपील की कि अधिक से अधिक मिट्टी से बने हुए दीप जलाएं और देश को पॉलिथीन मुक्त बनाने में अपना योगदान देकर अपने भविष्य को सुरक्षित करें।

 

राष्ट्रीय लोक अदालत 14 दिसम्बर को


अलीगढ़।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव तूलिका बन्धु ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार दिनांक 14 दिसम्बर दिन शनिवार को जिला मुख्यालय एवं तहसील स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि लोक अदालत में फौजदारी के शमनीय वाद, धारा 138 एनआई एक्ट, धन वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, श्रम, विद्युत, जलकर, पारिवारिक, वैवाहिक, भूमि अर्जन अधिनिन्न, सेवा सम्बन्धी, राजस्व एवं दीवानी वाद एवं अन्य प्रकृति के मामले तथा प्री-लिटिगेशन के मामले जो न्यायालय में लम्बित न हो आदि का निस्तारण आपसी सुलह समझौते/सहमति के आधार पर किया जाएगा। बन्धु ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में संबंधित न्यायालयों के पीठासीन अधिकारी अधिक से अधिक वादों का निस्तारण करें ताकि लोगो को त्वरित न्याय मिल सके।

उन्होंने कहा कि  सभी विभाग अपने स्तर से राष्ट्रीय लोक अदालत का वृहद रूप से  प्रचार प्रसार भी करेंगें। साथ ही सूचनापट््ट पर राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन की सूचना एवं कार्यालय के बाहर वैनर अवश्य लगाया जाये ताकि और बेहतर प्रचार हो सके।

 

सट्टा और कुट्टू कर रहा लोगों को बर्बाद
अलीगढ़। समाज के कुट्टू और सट्टा कोढ़ की तरह फैलता ही जा रहा है, इसकी चपेट में आकर हजारों घर बर्बाद हो गये और कितने लोग मौत के मुंह में समा गये हैं,तथा बहुत से घर बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं,लेकिन जिला प्रशासन कुट्टू (जिजंर) की बिक्री और सट्टे की खाईबाड़ी पर रोक लगाने में बौना साबित हो रहा है। 
साहब. कुट्टू, शराब व सट्टे ने हमें बर्बाद कर दिया है। मुहल्ले के बच्चों से लेकर नौजवान तक इसकी गिरफ्त में हैं। कई की मौैत भी हो चुकी है।


स्थानीय लोगों का कहनााहै कि सुबह से लेकर शाम तक कई स्थानों पर बिक्री: शहर में बिना किसी रोक-टोक के कई स्थानों पर कुट्टू (टिंचर) की अवैध बिक्री हो रही है। मीनाक्षी पुल के नीचे, रसलगंज, इंदिरा नगर खैर रोड, खैर अड्डा बस स्टैंड, सराय लवरिया, हाथरस अड्डा, सराय मानसिंह, सराय गढ़िया, तुर्कमान गेट, बिहारी नगर, कबीर नगर, नगला मल्लाह, जीवनगढ़ आदि स्थानों पर बिक्री हो रही है।

 

विभागीय मिलीभगत से हरियाली को बर्बाद कर रही अवैध आरा मशीनें


अलीगढ़।

पर्यावरण की सुरक्षा एवं वन संपदा को बढ़ाने के लिए सरकार व अन्य संसाधनों के माध्यम से प्रतिवर्ष लाखों पौधे लगाए जाते हैं। लेकिन वहीं विभागीय लापरवाही व अवैध आरा मशीनों के संचालन से जनपद में हरियाली पर धड़ल्ले से आरा चल रहा है। कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। आलम यह है कि दो वर्षों में महज सात आरा मशीनों पर कार्रवाई की गई, लेकिन वे पुलिस विभाग के खेल से पुनः संचालित होने लगती हैं। जिससे कार्रवाई धरातल पर नहीं आ रही है। जनपद में वन अच्छादन बढ़ाने के लिए वन विभाग के अलावा अन्य संसाधनों से लाखों पौधे लगाए जा रहे हैं और वन विभाग के माध्यम से इस वर्ष ही आठ लाख से अधिक पौधे रोपे गए।

इसके अतिरिक्त इसके बारे में जागरूक भी किया जाता है। वन विभाग की शिथिलता के कारण अवैध आरा मशीन संचालकों के माध्यम से हरे व फलदार वृक्षों को काट लिया जाता है। इस अवैध कारोबार को बढ़ावा देने में आरा मशीनों के संचालकों की भूमिका होती है। इन वृक्षों के अवैध कटान पर रोक लगाने में विभाग का रवैया भी संतोषजनक नहीं है। 
सूत्रों के मुताबिक जिन अवैध आरा मशीन पर कार्रवाई विभाग करता है उन मशीनों पर विभागीय कर्मियों एवं पुलिसिया खेल में जीवनदान मिल जाता है। इस वर्ष अभी तक किसी भी आरा मशीनों में छापामारी नहीं की गई है और न ही प्राथमिक दर्ज की गई है। जनपद में कुल 69 आरा मशीनों को लाइसेंस प्राप्त हुआ है। शेष अवैध रूप से संचालित है। इस बावत डीएफओ गंगा शरण ने बताया कि अवैध आरा मशीनों को कतई नहीं संचालित होने देना है। सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है।
 

फर्नीचर व्यवसाय से मिल रहा गोरख धंधे को हवा


अधिकतर अवैध आरा मशीने गांव स्तर पर ऐसे स्थानों पर है जहां पर छापेमारी के लिए विभाग को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं जनपद में दर्जनों आरा मशीनें संचालित हैं लेकिन विभाग इस बावत अभियान चलाने में विफल साबित हो रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार छापेमारी के पूर्व ही संचालकों को जानकारी मिल जाती है और वे बच निकलने में कामयाब हो जाते हैं।

मुख्यालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में फर्नीचर की दुकान संचालक ही अवैध रूप से वृक्षों को काट लेते हैं। इससे अवैध आरा मशीनों को संजीवनी मिल जाती है।
जिले में स्थापित आरा मशीनों के लाइसेंस नवीनीकरण में विभाग के कृपापात्र पर संचालित हो रहा है। शासन से निर्देश न मिलने पर एक वित्तीय वर्ष बीत गया किसी भी आरा मशीन का लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पाया। वहीं इस वर्ष भी कोई निर्देश न मिलने पर विभाग संचालकों से ऑनलाइन आवेदन तो मांग रहा है, लेकिन किसी भी आवेदन को पूरा नहीं किया जा रहा है।

पर्यावरण की सुरक्षा एवं वन संपदा को बढ़ाने के लिए सरकार व अन्य संसाधनों के माध्यम से प्रतिवर्ष लाखों पौधे रोपे जाते हैं, लेकिन वहीं विभागीय लापरवाही व अवैध आरा मशीनों के संचालन से जनपद में हरियाली पर धड़ल्ले से आरा चल रहा है। कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। इतना ही नहीं नए नियमों के चलते पंजीकृत 69 आरा मशीनों का लाइसेंस का नवीनीकरण इस वर्ष भी नहीं हो पाया है।

इसमें विभागीय संलिप्तता के चलते उन्हें संचालित किया जा रहा है। वहीं तीन वर्षों में महज कुछ आरा मशीनों पर कार्रवाई की गई, लेकिन वे पुलिस विभाग तथा वन विभाग के खेल से पुनः संचालित होने लगती हैं। जिससे कार्रवाई धरातल पर नहीं आ रही है।

वन विभाग की शिथिलता के कारण अवैध आरा मशीन संचालकों के माध्यम से हरे व फलदार वृक्षों को काट लिया जाता है। इस अवैध कारोबार को बढ़ावा देने में आरा मशीनों के संचालकों की भूमिका होती है। विभाग का रवैया भी संतोषजनक नहीं है। 

इनका कहना है..डीएफओ श्रीधर त्रिपाठी ने बताया कि अवैध आरा मशीनों को कतई नहीं संचालित होने देना है। सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। शासन से नए नियमों का निर्देंश मिलते ही लाइसेंस बनाने के साथ नवीनीकरण भी होगा।


 

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