अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें और उर्दू ज़बान ज़रुर पढ़ायें शाफे किदवई

अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें और उर्दू ज़बान ज़रुर पढ़ायें शाफे किदवई
  • राव कुल्हरी को सम्मानित करते उर्दू टीचर्स एसोसिएशन के प्रो. शाफे किदवई

अलीगढ़।

उ0प्र0 उर्दू टीचर्स एसोसिएशन अलीगढ़ के तत्वाधान में  उर्दू और शिक्षा दिवस का संयुक्त आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रो0 शाफे क़िदवई ने की और मुख्य अतिथि स्वास्ती राव कुल्हरी पत्नी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौजूद रही। विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रो0 शकील समदानी और तहसीन अली असारवी रहे।

प्रोग्राम कन्वीनर कुंवर नसीम शाहिद और संचालन कलीम त्यागी ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि स्वास्ती राव कुल्हरी ने कहा कि उर्दू बहुत मीठी और प्यारी ज़बान है जिससे मैं बहुत प्यार करती हूँ। उन्होंने कहा कि आज देश के अन्दर कौमी यकजहती (साम्प्रदायिक सौहार्द) की ज़रुरत है

जिसकी पूर्ति ऐसे प्रोग्राम के ज़रिए भी की जा सकती है। उन्होंने आयोजकों को इस शानदार प्रोग्राम के लिए मुबारकबाद दी । और सभी से आहवान किया कि अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें और उर्दू ज़बान ज़रुर पढ़ायें।

अध्यक्षीय भाषण में प्रो0 शाफे क़िदवई ने भी इस प्रोग्राम के मुबारकबाद देते हुए कहा कि ऐसे प्रोग्राम हमेशा होते रहने चाहिए। इससे बच्चों की हौसला अफ़ज़ाई होती है और बच्चों और अभिभावकों में तालीम और उर्दू ज़बान के फ़रोग का ज़ज़बा पैदा होता है।

प्रो0 शकील समदानी ने कहा कि आज हम सबको अल्लामा इक़बाल और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के पैग़ाम को आम करने की ज़रुरत है। उन्होंने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने तालीम और मुल्क में भाई चारा पैदा करने के लिए अपनी सारी ज़िन्दगी दां पर लगा दी ।

इसी तरह अल्लाम इक़बाल ने नौजवानों के अंदर अपने शायरी से ऐसी रुह फूंकी जिसको अपनाने से कामयाबी की मंज़िलों को तय किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज माँए अपने बच्चों को अख़लाक़ और तहज़ीब का सबक़ नहीं सिखा रही है जिसकी वजह से कौ़म के बच्चों के अन्दर बिगाड़ बढ़ता जा रहा है।

इस मौक़े पर मुख्य अतिथि स्वास्ती राव कुल्हरी को अल्लामा इक़बाल एवॉर्ड एवं अध्यक्षता कर रहे  प्रो0 शाफे क़िदवई को मौलाना आज़ाद तालीम एवॉर्ड से नवाज़ा गया। प्रो0 शकील समदानी और तहसीन अली असारवी को भी सम्मानित किया गया।

इसके अलावा आर्दश अध्यापकों में जुनैद सिद्दिक़ी, भुवनेन्द्र सिंह प्र0अ0 को भी सम्मानित किया गया। शिक्षा के मैदान में काम करने वाले फैजुर्रहमान, शरीफर्रहमान और निज़ामुद्दीन, आरफीन, अबीरा रिज़वान, अदीबा रहमान, राफे निज़ाम अब्दुल हन्नान, हम्दान लायबा और हुमा ज़हीर को भी एवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया।

प्रोग्राम में कलीम त्यागी, अब्दुल क़दीर, हमीद हसन, साबिर अली, अफज़ाल अहमद, शाने आलम, फुरक़ान मिर्ज़ा, खलीकुल इस्लाम आदि के अलावा सैकडों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

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