पर्यावरण प्रदूषण के कारण रोगों में हो रही वृद्धिःप्रो. हसीब

पर्यावरण प्रदूषण के कारण रोगों में हो रही वृद्धिःप्रो. हसीब

अलीगढ़।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अजमल खां तिब्बिया कालिज के इलाज बित तदबीर विभाग द्वारा विभिन्न राज्यों के मेडीकल आफीसर्स के लिए तिब्बिया कालिज सभागार में आयोजित कंटीन्यूइंग मेडीकल एजूकेशन (सीएमई) में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए यूपी यूनिवर्सिटी मेडिकल साइंसेज सैफई इटावा के कुलपति प्रोफेसर राजकुमार ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हो रही प्रगति के बावजूद अनेक रोग ऐसे हैं जिनको पूर्ण रूप से नियंत्रित नहीं किया जा सका है।

उन्होंने कहा कि भारत में उच्चरक्तचाप, डायबिटीज़ और कैंसर आदि के मामले बढ़े है। प्रोफेसर राजकुमार ने कहा कि भारत में अनेक चिकित्सा पद्धति मौजूद हैं। ऐसे में आवश्यकता इस बात की है कि इनमें सहयोगात्मक शोध को बढ़ावा दिया जाए और गैर संचारी रोगों के इलाज के प्रभावी तरीके खोजे जांए। उन्होंने पारम्परिक चिकित्सा की उपलब्धियों पर भी चर्चा की विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां वर्तमान विज्ञान असहाय प्रतीत होता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सह कुलपति प्रोफेसर अख्तर हसीब ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण के कारण रोगों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में औषधीय पौधे मौजूद हैं जिनसे अनेक रोगों का इलाज संभव है। सहकुलपति ने कहा कि आध्ुनिक चिकित्सा से जुड़े चिकित्सक प्राकृतिक उत्पादों का भी सहारा लेते हैं। उन्होंने कहा कि यूनानी चिकित्सा में अनेक गंभीर रोगों का इलाज उपलब्ध है।

मानद अतिथि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय में आयुर्वेद सलाहकार डाक्टर डीसी कटोच ने कहा कि परम्परागत थेरेपी को उपचार के लिए प्रयोग में लाये जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम को यूनानी मेडीसन संकाय के डीन एवं सीएमई के आयोजन अध्यक्ष प्रोफेसर एमएमएच सिद्दीकी, एके तिब्बिया कालीज के प्राचार्य सऊद अली खान ने भी संबोधित किया। उपस्थितजनों का आभार सह आयोजन सचिव प्रोफेसर मुहम्मद अनवर ने जताया। कार्यक्रम का संचालन डा० अब्दुल अज़ीज़ खान ने किया।

आयोजन समिति द्वारा मेहमानों को प्लांटर के रूप में एक इको फे्रंडली स्मृति चिन्ह भी भेंट किये गये।सीएमई में उ०प्र० सहित बिहार, तामिलनाडू, कर्नाटक,मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों के मेडीकल आफीसर्स भाग ले रहे हैं।   

Comments