नाथूराम गोडसे की फांसी को बलिदान दिवस के रूप में मनाया 

नाथूराम गोडसे की फांसी को बलिदान दिवस के रूप में मनाया 

अलीगढ़। 15 नवंबर 1949 को महात्मा गां का व करने वाले नाथूराम गोडसे को फांसी दिए जाने वाली तारीख को अखिल भारत हिन्दू महासभा ने बलिदान दिवस के रूप में मनाया।

इस मौके पर संगठन ने नाथूराम गोडसे को महान विचारक बताया और  भारत के नमंत्री से गोड्से को भारत रत्न देने की भी मांग की।

देश उपा│यक्ष गजें₩ पाल ᅦसह आर्य ने कहा  कि नाथूराम गोडसे की देशभ बहुत बड़ी थी उन्होंने अपने आप को कुर्बान कर के देश को बचा लिया।

हम गोडसे और सावरकर के उपासक हैं।  

आज सावरकर को भारत रत्न देने की मांग हो रही है निश्चित रूप से आने वाले भविष्य में गोड्से का नाम भी भारत रत्न के लिए आएगा।

जिला│यक्ष कुंज बिहारी मिश्रा ने कहा पीआर गां जैसों की वजह से ही देश में जेएनयू जैसे शिक्षण संस्थान खड़े हैं

और सरकार अपंग और अपाहिज होकर उनका कुछ नह￈ बिगाड़ पा रही गोड्से के सिद्धांतों पर चलकर ही इस समस्या का समा न संभव है ताकि कभी कोᅢ छात्र स्वामी विवेकानंद का अपमान ना करें।

मंडल अयक्ष विजय जी शर्मा ने कहा देश गोड्से के रास्ते पर चलने बालों से ही सुरक्षित रह सकता है गां वादियों से नह￈

इस अवसर पर वेद काश शर्मा, संजय ,हरिशंकर शर्मा, राजीव भोला,आकाश पंडित ,महेश बरौला, आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे

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