तीन दर्जन से अधिक व्यापारी को मिला फर्जी बिल

तीन दर्जन से अधिक व्यापारी को मिला फर्जी बिल
  • विधुत विभाग ने न किया पड़ताल और भेज दिया बकायें बिल की नोटिस
  • 2015 में विधुत कनेक्शन कटा और 2019 तक का मिल गया बिल
  • अधिशाषी अभियंता नहीं सुनने को तैयार, अधीक्षण अभियंता का मोबाइल स्वीच ऑफ

स्वतंत्र प्रभात

 

 

अमेठी।

अधिशाषी अभियंता अमेठी के कार्यशैली में बदलाव आया और बिना विधुत उपभोग के 40 उपभोक्ताओं को पच्चास लाख के पार चार वर्षा का विधुत बकाया बिल भेज दिया है। यहीं नहीं एक दो उपभोक्ताओं को वसूली की नोटिस भी जारी कर दी। वर्ष 2015 के पहलें उपभोक्ता अमेठी पावर हाउस से कनेक्शन लिये थे लेकिन रानी सुषमा मार्केट रेलवें स्टेशन के प्रबंधन में सभी दुकानदारों के विधुत आपूर्ति की जिम्मेदारी स्वयं ले ली।

उपभोक्ताओं का विधुत कनेक्शन जनवरी 2015 में विच्छेदन करा दिया था लेकिन विधुत विभाग अपना उपभोक्ता मानकर विधुत बकाया का बिल जनवरी 2019 तक बिल बकाया भेजा है। जबकि मार्केट के दुकानदार रानी सुषमा मार्केट के प्रबंधन को विधुत सप्लाई के एवज में प्रत्येक माह भुगतान जमा कर रहे है। विधुत विभाग के बिल आने से उपभोक्ताओं में खलबली मच गयी है वहीं अधिशाषी अभियंता, उपखण्डीय विधुत अधिशाषी अधिकारी, अवरअभियंता और लाईनमैन किसी भी बात का जबाव देने को राजी नहीं। 

शहर के रानी सुषमा मार्केट के 40 उपभोक्ता दुकानदारों का कनेक्शन जनवरी 2015 में पं्रबधन ने विधुत विभाग से कटवा दिया। और विधुत आपूर्ति मार्केट के प्रबंधन से व्यवस्था शुरू हो गयी। चार साल बाद विधुत विभाग ने न तो मार्केट का सत्यापन किया न ही विधुत आपूर्ति की व्यवस्था का लेखा-जोखा लिया। और न ही मीटर रीडर विधुत विभाग का मार्केट में गया। अधिशाषी अभियंता अमेठी द्वितीय छैलबिहारी ने उपभोक्ताओं को 2015 से 2019 तक का विधुत बिल बकाया का बिल भेज दिया।

दो उपभोक्ताओं को वसूली की नोटिस जारी कर दी। एक उपभोक्ता का विधुत बिल एक लाख पन्द्रह हजार के वसूली के नोटिस भेजी गयी। इस सम्बंध  में जब उपभोक्ता ने अधिशाषी अभियंता छैलबिहारी से मुलाकात कर शिकायत किया तो अधिशाषी अभियंता  ने कहा कि विधुत कनेक्शन का विच्छेदन फर्जी है और बकाया बिल जमा करना होगा। यह बात सुनकर उपभोक्ता रानी सुषमा मार्केट के प्रबधंन से बात किया तो प्रबधंन ने कहा कि जब बिजली मैं दे रहा हॅू तो समस्या का निस्तारण मैं करूगॉ लेकिन बिना विधुत उपभोग के विधुत बकाया बिल कैसे आ रहा हैं यह तो आश्चर्य भरी बात है। 

इस सम्बंन्ध में लाईनमैन रामधन यादव से बात किया तो उन्होनें ने कहा कि ऐसी शिकायत एसडीओ और एससीएन से करें वहीं निस्तारण करेंगे। हम तो सिर्फ शिकायत का निस्तारण करते है कि बिजली मिली की बिजली कटी। अवर अभियंता अतुल सोनी से बात हुई तो उन्होंने कहा कागज लेकर आआें जानकारी हासिल करें तभी कुछ कह सकते है। बिना विधुत उपभोग के विधुत बिल चार वर्षा का कैसे आ रहा है। उन्होंने कहा उच्चाधिकारियों से शिकायत करों वहीं शिकायत का निस्तारण करेंगे। 

एसडीओ धरमराज सिंह ने कहा  कि अभी मुझे पूरा चार्ज नही मिला है और विधुत आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी मिली है। इसके अलावा कुछ भी नही बता सकता। अधिशाषी अभियंता द्वितीय छैलबिहारी से जब दूरभाष पर बात हुई तो उन्होंने कहा कि विधुत बकाया रानी सुषमा मार्केट के उपभोक्ताओं का है इसकी कोई जानकारी नही उपभोक्ताओं की सूची मेरे पास नही वर्ष 2015 से वर्ष 2019 तक का विधुत कनेक्शन का बकाया मिला है तो उपभोक्ता जमा करें।

जब उनसे सवाल हुआ कि मार्केट में बिजली की आपूर्ति नही हुई और चार वर्षो तक बकाया पच्चास लाख के पार वसूली के लिए भेज दिया। आखिर यह गैरजिम्मेदारी किसकी है। तो उन्होंने कहा कि जो भी शिकायत है उपभोक्ता करें विभाग जांच करवाएगा। 

अधीक्षण अभियंता अमेठी पीके ओझा के मोबाइल नम्बर 8004915109 पर बात हुई तो विभाग के मुखिया का मोबाइल नम्बर स्वीच ऑफ मिला और शिकायत पर बात नही हो पाई। इस मामलें में रानी सुषमा मार्केट के प्रबधंन का काम देख रहें प्राचार्य डॉ त्रिवेणी सिंह ने कहा कि 23 मई के बाद शिकायत के निस्तारण पर अमल करूगा कि विधुत विभाग बिना जांच पडताल के विधुत बिल बकाया चार वर्षो का कैसे भेज रहा है। 

उपभोक्ता अखिलेश ने अपनी शिकायत विधुत विभाग के टोलफ्री नम्बर 18001800440 पर शिकायत दर्ज करायी। जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि आपकी शिकायत का पंजीकरण नम्बर 1805191940 पर दर्ज हो चुकी है और मामलें की जांच शुरू है।

Support to Swatantra Prabhat Media

T & C Privacy

Comments