इस धनतेरस पर नई सामग्री खरीदारी का उपयुक्त समय जाने आचार्य कौशलेंद्र पांडेय जी से*

इस धनतेरस पर नई सामग्री खरीदारी का उपयुक्त समय जाने आचार्य कौशलेंद्र पांडेय जी से*

इस धनतेरस पर नई सामग्री खरीदारी का उपयुक्त समय जाने आचार्य कौशलेंद्र पांडेय जी से 

"कार्तिकस्यासिते पक्षे त्रयोदश्यां निशामुखे।
     यमदीपं बहिर्दद्यादपमृत्युः विनश्यति।।""


अर्थात्---स्कन्दपुराण का मत है कि कार्तिककृष्णपक्ष की त्रयोदशी के निशामुख (शायं) में घर के बाहर यम का दीपक दे (जलाए) तो अपमृत्यु का भय समाप्त हो जाता है...।।
इस वर्ष 25 अक्टूबर शुक्रवार को धूमधाम से महालक्ष्मीपूजन आदि करके बर्तन एवं सोने चान्दी के आभूषण आदि अपने सामर्थ्य के अनुसार खरीदकर मनाया जाता है वस्तुतः धन त्रयोदशी एवं धन्वन्तरि जयन्ती का आपस मे गहरा सम्बन्ध है तथा समुद्र मन्थन में जिस कलश के साथ लक्ष्मी का अवतरण हुआ था उसी के प्रतीक स्वरूप ऐश्वर्य वृद्धि के लिए बर्तन इत्यादि खरीदने की परम्परा चल पडी है और इसे शुभता का प्रतीक भी माना जाता है........।

इस वर्ष विशेष खरीददारी का मुहुर्त 

धनतेरस तिथि - शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2019

धनतेरस पूजन मुर्हुत - शाम 07:08 बजे से रात 08:14 बजे तक

प्रदोष काल - शाम 05:39 से रात 08:14 बजे तक

वृषभ काल - शाम 06:51 से रात 08:47 बजे तक

त्रयोदशी तिथि प्रारंभ - सुबह 07:08 बजे (25 अक्टूबर 2019) से

 

त्रयोदशी तिथि समाप्त - दोपहर 03:46 बजे, (26 अक्टूबर 2019)  तक शुभप्रद रहेगा......।।
नूतन बर्तन या आभूषण आदि लेते समय अहंकार का भाव कदापि न आने दे अपितु मन मे यह पवित्र भाव रखे की माँ लक्ष्मी की कृपा स्वरूप यह समृद्धि पात्र आपके घर आ रहा है तथा उस समय आप महालक्ष्मी जी का ध्यान करते हुऐ ""ऊँ महालक्ष्म्यै नमः""इस मन्त्र का स्मरण करते हुए प्रसन्न मन से घर जाकर अपने घर के मन्दिर में उसे स्थापित करके माता लक्ष्मी को प्रणाम करके ही उसे प्रयोग मे लाऐं.......

  दीपावली के आसान प्रयोग

    प्रयोग के पूर्व एक सलाह घर मे कल से यानि धनतेरस से दीपावली तक परिवार मे कोई कलह ना हो । ध्यान रखे 

दीपावली पूजन के समय एकाक्षी नारियल की भी पूजा करें और इसे हमेशा देवी लक्ष्मी के साथ पूजा स्थान में रखें

लक्ष्मी पूजन में पीले रंग की कौड़ियों को प्रयोग करें। इससे देवी लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न होती हैं।

दीपावली के दीन पीपल के पत्ते पर कुमकुम लगाकर उस पर लड्डू रखें और हनुमान को भोग लगाएं। इससे आय में आ रही बाधा दूर होती हैl

दीपावली की मध्य रात्रि के बाद घंटी बजाएं। कहते हैं इससे नकारात्मक शक्तियां और द‌रिद्रता घर में नहीं ठहरती।

दीपावली की रात चांदी की कटोरी में कपूर जलाकर देवी लक्ष्मी की आरती धन वृद्धि में सहायक होती है।

स्फटिक का श्रीयंत्र लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रखें।

दीपावली के दिन किसी मंदिर में झाडू का दान करें।

दीपावली की मध्य रात्रि में चौराहे पर दीपक जलाकर रख आएं। लौटते समय पीछे मुड़कर नहीं देखें।

लक्ष्मी माता की मूर्तिके सामने नौ बाती वाली दीपक जलाएं और दीपक जलाने के लिए घी का प्रयोग करें। कहते हैं इससे जल्दी धन लाभ मिलता है और आर्थिक मामले में उन्नति होतीहै l

काली हल्दी देवी लक्ष्मी को अर्पित करें और पूजा के बाद हल्दी को लाल कपड़े में बांधकर धन रखने के स्थान में रखें।

दीपावली की रात पीपल के पत्ते पर दीप जलाकर जल में प्रवाहित करने से आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

तुलसी के पौधे पर लाल या पीले रंग का वस्त्र चढ़ाएं और इसकी जड़ में एक घी का दीप जलाकर रखें। यह व्यवस्था करें कि दीप रात भर जलता रहे।

दीपावली पूजन के बाद काले तिल हाथ में लेकर घर के सभी सदस्य के सिर से सात बार घुमाकर फेंक दें। माना जाता है कि इससे धन की हानि रुक जाती है।

किसी सुहागन स्त्री को सुहाग सामग्री दान करें।

दीपावली पूजन के समय अपामार्ग की जड़ देवी लक्ष्मी के पास रखें और पूजन के बाद उसे अपनी दायीं बाजू में बांध लें। महिलाओं को बायीं बाजू में बांधना चाहिए। इससे कार्य एवं धन में आने वाली बाधा दूर होती है। नजर दोष का प्रभाव भी हटता है।


     
ज्योतिष सेवा केन्द्र लखनऊ

आचार्य कौशलेन्द्र पाण्डेय जी

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