अन्नदाता ’सम्मान’ निधि के लिए खा रहा ’ठोकर’

अन्नदाता ’सम्मान’ निधि के लिए खा रहा ’ठोकर’


-छह महीने से किसान लगा रहे उपकृषि निदेशक कार्यालय के चक्कर
-सभी की एक ही शिकायत सही नहीं हो पा रहा है अकाउंट नम्बर


मथुरा

अन्नदाता सम्मान निधि के लिए ठोकरें खा रहा है। आधार से अकाउंट लिंक अनिवार्य होने के बाद 2लाख 64 हजार किसानों में से सिर्फ 42 हजार किसानों को ही तीसरी किश्त का भुगतान हो सका था। अकाउंट से आधार लिंक कराने के बाद किसानों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। अब नई समस्या अकाउंट नम्बर सही नहीं होने की आ रही है। उपकृषि निदेशक कार्यालय पर सोमवार को बडी संख्या में पहुंचे किसानों ने बताया कि वह छह छह महीने से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं

लेकिन उनका अकाउंट नम्बर ही सही नहीं हो पा रहा है। आकाउंट नम्बर सही नहीं होने से उन्हें सम्मान निधि की किश्त नहीं मिल पा रही है। बरौली से आये किसान रवि कुमार ने बताया कि वह छह महीने से किसान सम्मान निधि की किश्त के लिए लगातार कार्यालय आ रहे हैं। हर बार उन्हें यही कह दिया जाता है कि उनका अकाउंट नम्बर गलत है इस लिए किश्त नहीं आ पा रही है। नेट पर भी आकाउंट नम्बर गलत आ रहा है। भुडरसू से आये युवा किसान राजू का कहना था

कि हमने अपनी पासबुक की पफोटो स्टेट और कार्यालय में कई महीने पहले ही जमा कर दी थी। इसके बाद दो किश्त आ गईं लेकिन उनका अकाउंट नम्बर ही सही नहीं हो पा रहा है। इस बार पांचवीं बार आया हूं उन्होंने बताया कि हमने तो अपने हाथ से नम्बर भीड नहीं किये हैं। कार्यालय के कर्मचारियों ने ही फीडिंग की है। सही कराने पर भी कभी एक नम्बर घटा देते हैं तो कभी बढा देते हैं। प्रत्येक कार्य दिवस पर सम्मान निधि की किश्त पाने की उम्मीद में बडी संख्या में आते हैं लेकिन उन्हें निराश ही लौटना पडता है। किसानों का कहना है कि उन्हें आश्वासन दे दिया जाता है कि उनका अकाउंट इस बार सही कर दिया जाएगा लेकिन वह नेट पर देखते हैं तो अकांउट गलत मिलता है।
 

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