रूपापुर की सिद्धार्थ एकेडमी में थाईलैंड से आई समाजसेवी ने बच्चों को जीवनयापन के दिये टिप्स

रूपापुर की सिद्धार्थ एकेडमी में थाईलैंड से आई समाजसेवी ने बच्चों को जीवनयापन के दिये टिप्स

रूपापुर की सिद्धार्थ एकेडमी में थाईलैंड से आई समाजसेवी ने बच्चों को जीवनयापन के दिये टिप्स ब्लाक भरखनी के रूपापुर चौराहे पर बने सिद्धार्थ एकेडमी ऑफ एजुकेशन में थाईलैंड से आई एक समाजसेवी महिला ने विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को आर्ट आफ लिविंग सिखाई।

उन्होंने बच्चों को बताया कि जीवन की असल सच्चाई क्या है।उन्होंने बच्चों को बताया की अच्छा जीवन जीने के लिए सबसे जरूरी है कि हम स्वस्थ रहें और स्वस्थ रहने के लिए हमे स्वच्छ रहना होगा।पढ़ाई में भी हम तभी अब्बल आ सकते हैं जब हम स्वस्थ होंगे।उन्होंने अंग्रेजी में बच्चो को बताया कि sound mind lived in around body मतलब स्वस्थ शरीर मे ही स्वस्थ मस्तिष्क रहता है।

उन्होंने केवल स्कूल तक ही अपने प्रयास को सीमित नही रखा उन्होंने विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के गांवों में भी जाकर उनकी समस्याएं देखी व सुनी व उनका निदान भी बताया ।विद्यालय क्षेत्र के गांव जैसे हजारी की मड़ैया व निजमाखेड़ा ,रूपापुर,चक आदि गांवों में जाकर लोंगो के रहन सहन व जीवन स्तर को देखा और उन्हें गंदगी व बीमारी से बाहर निकल कर एक अच्छा जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने गांव में मुख्यतः पीने के लिए प्रदूषित पानी के उपयोग ना करने व कैसे हम निशुल्क पेयजल प्लांट लगा सकते हैं

इसके बारे में बताया ताकि लोगों का जीवनस्तर बदल सके।उन्होंने गांवो की महिलाओं को साक्षर व सशक्त बनाने के लिए भी कोई प्रोजेक्ट शुरू करने की भी बात की। उनका ये पहला आगमन नही है।इससे पहले भी कई बार और भी लोग आ चुके हैं।और समाज के लोंगो को लाभ भी दे चुके हैं।

इस स्व नेक और समाज के हित के कार्यो के लिए विद्यालय के प्रवन्धक विजय कुशवाहा का बहुत योगदान रहा है।उन्होंने लाख विपरीत परिस्थितियों के होते हुए भी अपना नेकी का इरादा नही बदला और निरन्तर समाजसेवा में कार्यरत रहे और लोंगो की मदद की।

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