आज से घर-घर खोजे जायेंगे टीबी रोगी  डेढ़ लाख आबादी के स्वास्थ्य की होगी स्क्रीनिंग 

आज से घर-घर खोजे जायेंगे टीबी रोगी  डेढ़ लाख आबादी के स्वास्थ्य की होगी स्क्रीनिंग 

आज से घर-घर खोजे जायेंगे टीबी रोगी 
डेढ़ लाख आबादी के स्वास्थ्य की होगी स्क्रीनिंग 


60 टीमें टीबी के मरीजों को खोजने के लिए देगी घर-घर दस्तक 


22 अक्टूबर तक चलेगा सघन टीबी रोगी खोज अभियान 

संवादाता- नरेश गुप्ता

औरैया 09 अक्टूबर 2019 । 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 तक भारत को टीबी रोग से मुक्त करने के लक्ष्य के साथ जिला क्षय रोग विभाग एक बार फिर सघन टीबी रोगी खोज अभियान शुरू कर रहा है । यह अभियान 10 से 22 अक्टूबर तक चलेगा, लगभग एक लाख 50 हज़ार लोगों के स्वास्थ्य की जाँच की जायेगी। कुल 60 गठित टीमें घर-घर जाकर टीबी के मरीजों को खोज कर उनका बलगम लेकर जाँच के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर देंगी और टीबी की पुष्टि होने पर उस मरीज का फ़ौरन इलाज शुरू कर दिया जायेगा |
 

क्षय रोग पूरे विश्व के लिए एक जटिल समस्या बनी हुई है, विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा उपलब्ध कराये गए आँकड़ों के अनुसार विश्व के कुल टीबी मरीज़ों का 27 प्रतिशत भारत में हैं जोकि विश्व में प्रथम स्थान पर है।  
जिला क्षय रोग अधिकारी, डॉ नवीन कुमार मिश्रा ने बताया कि यह सक्रीय टीबी रोगी खोज अभियान का इस वित्तीय वर्ष का दूसरा चरण है। जिसमें जनपद  की कुल आबादी (लगभग 14.9 लाख) की 10 प्रतिशत की स्क्रीनिंग की जाएगी। जिस हेतु अधिकतम टीबी रोगी मिलने वाले संभावित स्थानों को चिन्हित किया गया है। इस अभियान का आरम्भ जनपद में 10 अक्टूबर यानि ब्रहस्पतिवार से होगा और 22 अक्टूबर तक 10 दिन चलेगा। 

 

उन्होंने बताया कि टीबी का एक मरीज 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर देता है, इसलिए टीबी के मरीज के जल्दी पहचान होने के बाद तत्काल उपचार शुरू होना जरूरी है। उन्होंने अपील की कि आपके आपके स्वाथ्य की जानकारी प्राप्त करने हेतु पहुंचने वाली टीम का पूरा सहयोग कर टीबी रोग को ख़त्म करने के अभियान में एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनें। उन्होंने बताया की टीबी के लक्षणों में दो सप्ताह से अधिक खांसी , दो सप्ताह तक बुखार , वजन का घटना , भूख न लगना , बलगम में खून आना आदि हैं। कहा की घर के किसी भी सदस्य को उक्त में से कोई भी लक्षण हो तो टीम के सदस्यों को स्वास्थ्य की जानकारी  अवश्य दें।  
 

रोजाना 50-60 घरों में जाएगी एक टीम :
डॉ मिश्रा के अनुसार 3 सदस्यी टीम 50 से 60 घरों का भ्रमण कर संभावित मरीजों के बलगम के नमूने इकठ्ठा करेगी एवं टीबी रोग पाए जाने पर तत्काल इलाज़ पर रखा जायेगा। कुल 12 सुपरवाइजर एवं सेक्टर चिकित्साधिकारी इस अभियान में कार्य करेंगे। टीबी के लक्षण होने पर टीम बलगम का सेंपल लेगी और उसकी जांच भी कराएगी।

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