कन्जर्वेशन प्रोपोगेशन एंड जेनेटिक इम्प्रूवमेंट आफ साहीवाल कैटल इन ईसटर्न यूपी के तहत 16 साहीवाल गायें क्रय की गईं।

कन्जर्वेशन प्रोपोगेशन एंड जेनेटिक इम्प्रूवमेंट आफ साहीवाल कैटल इन ईसटर्न यूपी के तहत 16 साहीवाल गायें क्रय की गईं।

मिल्कीपुर -अयोध्या।


नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोद्या के पशुचिकित्सा विज्ञान एवं पशु पालन महाविद्यालय द्वारा संचालित परियोजना कन्जर्वेशन प्रोपोगेशन एंड जेनेटिक इम्प्रूवमेंट आफ साहीवाल कैटल इन ईसटर्न यूपी के तहत 16 साहीवाल गायें क्रय की गईं। प्रीयोजना के तहत अब तक साहीवाल प्रजाति की प्योर नस्ल के 30 गाय की की जा चुकीं हैं। महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो वी के सिंह ने बताया कि साहीवाल नस्ल के दूध की गुणवत्ता, उत्पादकता व इनके नर पशुओं का कृषि में बेहतर उपयोग हमारे पशुपालकों व किसानों के आर्थिक दृष्टिकोण से अत्यंत उपयोगी है। इसी कारण विश्वविद्यालय द्वारा अपने कार्यछेत्र के जनपदों में साहीवाल प्रजाति के विकास व पालन हेतु यह योजना चलाई जा रही है।

अधिष्ठाता डॉ वी एन सिंह का कहना है कि साहीवाल प्रजाति की गायों का दूध ए2 टाइप का होता है जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत स्वास्थ्यवर्धक है। डॉ सिंह ने कहा की विश्वविद्यालय की डेयरी में शुद्ध साहीवाल गायों की उपलब्धता से अब गुणवत्तायुक्त साहीवाल पशुओं की ब्रीडिंग सम्भव हो सकेगी।

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