बड़े वाहनों का अयोध्या में प्रवेश वर्जित है तो कैसे आते हैं या वाहन जिम्मेदार कौन

बड़े वाहनों का अयोध्या में प्रवेश वर्जित है तो कैसे आते हैं या वाहन जिम्मेदार कौन

रिपोर्टर - पंकज शुक्ला  अयोध्या 

अयोध्या।

बस व ट्रक का अयोध्या में आना वर्जित है आखिर कैसे आते हैं या वाहन और लगता है जाम सड़क पर प्रतीदिन हो रही दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण अधिकांश लोगों में ट्रैफिक सेन्स का अभाव का होना है। आज आलम यह है कि जल्दबाजी और हड़बड़ी में हर कोई अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंचना चाहता है ,इसके लिए वह शार्टकट और यातायात के नियमों की अनदेखी करने से भी बाज नही आता ।

अधिकांश लोगों को या तो जानकारी नही है,या फिर वे जानते हुए भी सड़क पर तिराहों-चौराहों को भी अपने दाहिने-बाये, आगे-पीछे देखे बिना ही द्रुत गति से अपने वाहन को क्रॉस करते हैं। देखा  तो यहाँ तक जाता है कि लोग किसी भी वहां को ओवरटेक करते समय यह भी भूल जाते हैं उन्हें उस वाहन को अपने दाहिने से ओवरटेक करना चाहिये या बाये से ,और तीव्र गति से अपने बाये से ओवरटेक करते समय तब दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं जब आगे का वाहन अपने बाये टर्न करता है ।

  ये मूर्खता नही तो और क्या कही जायेगी की लोग हाइवे सहित अन्य मार्गो पर अपने आगे चल रहे छोटे-बडे वाहनों से सटकर  अपना वाहन दौड़ाते हैं, इस स्थिति में  जरा  सी भी चूक अविलंब दुर्घटना का सबब बन जाती है। सवाल उठता है , दोषी कौन ? इसके अतिरिक्त तमाम महानुभाव शराब पी करके बाइक को उल्टा सीधा चलाते हैं फिर दुःखद ,दर्दनाक, असामयिक मृत्यु होती है । अब चर्चा करते हैं उस सच्चाई की जिसे जानते सभी हैं पर उसके बिरुद्ध आवाज कोई नहीं उठाता, आखिर क्यों ?

सड़क दुर्घटनाओं में यातायात पुलिस कहाँ तक जिम्मेदार है? नो इंट्री एरिया में यातायात पुलिस बड़े वाहनों ट्रकों , प्राइवेट बसों का प्रवेश क्यों  कराती हैं?  उत्तर साफ है, वाहनों से अवैध वसूली करके । क्या पुलिस के बरिष्ठ अधिकारी इस तथ्य से अनभिज्ञ हैं,शायद नहीं , फिर वसूली  करने वालों के खिलाफ कार्यवाई क्यों नही? तब तो ये भी उतने ही दोषी हैं जितने वसूली करने वाले । सड़क की दोनों पटरियों पर चार पहिया वाहन पार्क किये जाते हैं, यातायात पुलिस के जवान खड़े देखते रहते हैं, ना तो मना करते है,ना। 

हटाते हैं, मूकदर्शक बने रहते हैं । सड़क पर जाम लगता है, आवागमन बाधित होता है। अयोध्या में मंगलवार एवं शनिवार को मुख्य मार्ग पर प्रबुद्ध वयापारी अपनी मिष्ठान की बिक्री के लिये दो पहिया वाहनों को दोनों पटरियों पर  खड़ा कर भयंकर जाम लगाने का कार्य करते हैं । सभी प्रसासनिक अधिकारी उसी जाम से गुजरते हैं , नजरें फेर लेते हैं ,फिर तो अतिक्रमण हटाना निरर्थक ही साबित हुआ । अंततः यही कहना सही होगा , जब तक हम स्वयं नहीं सुधरेंगे, तब तक देश नहीं सुधरेगा

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