अयोध्या मंडल कारागार उपद्रवियों कैदियों के कब्जे में । कैदियों ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट जेल उड़ाने की दी धमकी

अयोध्या मंडल कारागार उपद्रवियों कैदियों के कब्जे में । कैदियों ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट जेल उड़ाने की दी धमकी

संवाददाता_

दिलराज सोनकर

अयोध्या की खास रिपोर्ट

मंडल कारागार में बंद कैदियों ने अंदर से गेट बंद किया प्रशासन मनाने में जुटे-

 अयोध्या

बड़ी खबर अयोध्या से है।एक बार फिर उत्तर प्रदेश की एक जेल सुर्खियों में आ गया है। वो है अयोध्या का मंडल कारागार। लगभग 6 घंटे अयोध्या मंडल कारागार उपद्रवियों कैदियों के कब्जे में रहा।

यही नहीं कैदियों के गुट ने दूसरे गुट पर जमकर हमला बोला जिसमें 7 कैदी घायल हो गए यही नहीं 6 घायल कैदी को कैदियों के गुट ने बंधक बनाकर 6 घंटे तक जिला प्रशासन को असहाय बनाये रखा। 6 घंटे के मान मनौव्वल के बाद घायल कैदियों को पुलिस प्रशासन निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कर सकी।

इस बीच उपद्रवियों कैदियों ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट की भी धमकी दी थी कि अगर पुलिस प्रशासन ने जबरदस्ती की तो ब्लास्ट कर जेल को उड़ा देंगे


     बवाल और भ्रष्टाचार के मामले में उत्तरप्रदेश की जेलें पहले से ही बदनाम है।एक बार फिर अयोध्या मंडल कारागार बवाल व भ्रष्टाचार के चलते सुर्खियों में आ गया है। सुबह लगभग 9 बजे कैदियों के दो गुट में भीषण मारपीट हुई जिसमें 8 कैदी घायल हुए एक कैदी तो चंगुल से निकल कर बाहर आ गया लेकिन बाकी 7 कैदी उपद्रवियों के चंगुल में ही रहे।

बैरिक बंद कर उपद्रवी कैदियों ने गैस सिलेंडर रखकर ब्लास्ट की धमकी दे डाली जिसके बाद मंडल कारागार को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सभी थानों की पुलिस मंडल कारागार में घुसकर एक्शन लेने के मूड में आ गई लेकिन जब देखा कि 7 घायल कैदियों बवाली कैदियों के चंगुल में है तो उन्हें मनाना ही बेहतर समझा।

मनाने के बाद सभी सातों घायल कैदियों को जिला में भर्ती कराया गया और बाकी कैदियों को उनकी बैरिक में बंद कर दिया गया। अब सुनिए कि आखिर मंडल कारागार में ऐसा क्या हुआ कि 6 घंटे तक मंडल कारागार अराजकता के माहौल में रहा। दरअसल आजमगढ़ से आए एक कैदी सुल्तानपुर जेल बंद एक कैदी से बात कर रहा था।

इसकी शिकायत सजायाफ्ता कैदी लंबरदार ने जेल अधीक्षक से की।यह मुखबिरी लंबरदार कैदी भोला को भारी पड़ गई। खार खाए कैदियों ने लंबरदार भोला की पिटाई कर दी जिसके बाद जेल के कैदी दो गुट में तब्दील हो गए और फिर शुरू हुआ खूनी मंजर। बवाली कैदियों ने रसोई के सारे बर्तन तोड़ दिए।

सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए बैरिक को बंद कर दिया गया जिसके बाद घायल कैदियों को कब्जे में रखकर जेलर व जेल अधीक्षक के भ्रष्टाचार को जिला प्रशासन के सामने रखा।

काफी मान मनुहार के बाद कैदियों को उनके बैरक में वापस भेजा गया। डीएम ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं वहीं मौके पर पहुंची डीआईजी जेल श्रीपर्णा गांगुली ने भी जांच शुरू कर दी है।

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