प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में अध्यापक अपनी उपस्थिति हस्ताक्षर कई दिन पहले ही कर देता

प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में अध्यापक अपनी उपस्थिति हस्ताक्षर कई दिन पहले ही कर देता

प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में अध्यापक अपनी उपस्थिति हस्ताक्षर कई दिन पहले ही कर देता

स्कूलों से अक्सर अध्यापक रहते हैं गायब

 ऐसे अध्यापक को कठोर दंड न दिया गया ,तो बच्चों को जिंदगी होगी बर्बाद

अयोध्या।

 हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के एक परिषदीय स्कूल में तैनात शिक्षक इतना एडवांस निकला कि अध्यापक हाजिरी रजिस्टर में तीन दिन का हस्ताक्षर 3 दिन पहले ही कर देता है

इस तरह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ही नहीं अधिकारियों को भी दे रहा है बहुत बड़ा धोखा
।  सरकार जहाँ प्राथमिक स्कूलों में मरम्मत व अन्य निर्माण कार्य करवा कर स्कूलों को निजी स्कूलों की तरह मार्डन बना रही है

व बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए शिक्षक को अच्छा वेतन भी दे रही है सरकार हर तरह से सरकारी स्कूलों को एक अच्छा स्कूल बनाने का कार्य करके ,बच्चों के पढ़ाई के लिए हर तरह से विकास का कार्य कर रही है

वहीं कुछ शिक्षक स्कूलों से रहते हैं गायब वह अपनी हाजिरी पहले ही बना लेते हैं इस तरह का घिनौना काम करके बेसिक शिक्षा अधिकारी से लेकर सरकार तक को धोखा दे रहे हैं

वहीं एक शिक्षक ने भी एडवांस हाजिरी लगाकर शिक्षा विभाग को चर्चा का केन्द्र बना दिया है।बीएसए अमिता सिंह ने रामपुर जोहन प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक इमरान अहमद से अध्यापक उपस्थिति पंजिका में एडवांस में हस्ताक्षर बनाने से संबंधित स्पष्टीकरण मांगा है।

हालांकि सूत्रों की मानें तो कुछ नेता शिक्षक उपस्थिति पंजिका पर एडवांस हस्ताक्षर करने वाले शिक्षक  को कार्रवाई से बचाने के लिए अधिकारियों और नेताओं को खुश करने में लग गये है। ऐसे शिक्षक  नेतागिरी करके  अपने आप को  गुंडा माफिया से कम नहीं समझते  वह हर जगह दादागिरी दिखा कर अधिकारियों को दबाव बनाकर अपने आप को और अपने शिक्षक लोगों को कार्रवाई से बचाते रहते हैं  ऐसे शिक्षक गुंडे माफिया को कठोर कार्रवाई करके  उनको कठोर से कठोर दंड ना दिया गया तो ऐसे ही दबंगई व नेतागिरी करते रहेंगे  जिससे  बच्चों का भविष्य अंधकार की तरफ जाएगा।

 ऐसे ही तमाम प्राथमिक व जूनियर हाई स्कूल के शिक्षक स्कूल से अक्सर रहते हैं गायब और किसी तरह अपनी सेटिंग करते हाजिरी लगवा लेते हैं इस तरह बच्चों को साथ पढ़ाई के नाम पर खिलवाड़ अक्सर होता रहता है

मामला जब अधिकारियों के संज्ञान में आता है तो एक दो शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करके व कार्रवाई करने को लेकर एक-दो दिन तक मामला गर्म रहता है उसके बाद फिर अधिकारी अपना लेनदेन करके मामले को रफा-दफा कर देते हैं इस तरह शिक्षक जगत में यह बहुत घिनौना खेल है

ऐसे खेल को जल्दी ने रोका गया तो स्कूल के बच्चे के भविष्य के अंधकार में डूबता रहेगा ऐसे तमाम ब्लॉक हैं मसौधा,रानीबाजार ,रुदौली बेलसर ,सोहावल ,मिल्कीपुर,मवई क्षेत्र के शिक्षक गण अक्सर स्कूलों से गायब रहते हैं अगर कभी कभार चेकिंग होती है तो कई मास्टर गायब मिलते हैं

इस तरह बहुत से ऐसे स्कूल हैं कि अध्यापक और अध्यापिका सिर्फ 30 दिन में 10 दिन ही से ज्यादा नहीं जाते हैं और सरकार से महीने की पूरी तनख्वाह लेते हैं इस तरह बिना बच्चों को पढ़ाएं वह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करके और सरकार को धोखा देकर वेतन लेते रहते है ऐसे शिक्षक को अगर जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई करके सजा नही दिया गया तो बच्चों की जिंदगी बर्बाद होती रहेगी कोई भी पढ़ लिख नही पायेगा।

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