हमें दूसरे की भावनाओं को आहत नहीं करना है

हमें दूसरे की भावनाओं को आहत नहीं करना है

हर धर्म दूसरे का सम्मान सिखाता है हमें दूसरे की भावनाओं को आहत नहीं करना है सर्वोच्च न्यायालय का फैसला को स्वीकार करते हैं भाईचारा बनाकर रहना है।

(हाजी मोहम्मद रईस क्षेत्रीय)

Comments