अयोध्या में पिता की करतूतों से परेशान पुत्र ने की पिता की हत्या

अक्सर देखा गया है कि पुत्र की करतूतों से पिता परेशान होता है लेकिन अयोध्या में पिता की करतूतों से परेशान पुत्र ने पिता की हत्या कर दी। पुत्र ने अपनी जीवन की सारी कमाई पिता को देता रहा और पिता अपने दूसरे पुत्रों पर सारा पैसा खर्च करता रहा। 

सौतेले व्यवहार से क्षुब्ध व जमीन खरीदने के लिए जब पिता ने पुत्र को पैसा नहीं दिया तो पुत्र ने जोश में आकर पिता की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी हालांकि बाद में उसे अपनी गलती का एहसास भी हुआ।आइए आपको बताते हैं कि एक पुत्र ने अपने पिता की हत्या कैसे और क्यों की।


 थाना पटरंगा के कोपेपुर गांव के पास सरयू नदी के कछार इलाके में 18 जून को बुजुर्ग मोहम्मद सहीम कुरेशी का शव लहूलुहान हालत में मिला था। पुत्र अली मोहम्मद ने अपने पिता की हत्या का मुकदमा अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखवाया था लेकिन जब पुलिस ने विवेचना की तो मामला कुछ और ही निकला। पुलिस ने सहीम कुरैशी के कत्ल के इल्जाम में उसके बड़े पुत्र अली मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी अली मोहम्मद कोलकाता के एक होटल में वेटर का काम करता था और अपनी सारी कमाई पिता को भेजा करता था। पुत्र अली मोहम्मद जब अपना मकान बनाने के लिए अयोध्या कोपेपुर गांव पहुंचा तो उसने पिता से जमीन खरीदने के लिए पैसे की मांग की और कहा कि कुछ मदद करें ताकि वह भी अपना मकान बना सके। 

उसने अपनी कमाई का पैसा देने का हवाला भी दिया कि जो पैसा उसने दिया उसमें से कुछ हिस्सा उसको भी दे लेकिन पिता मोहम्मद मोहम्मद सहीम कुरेशी इंकार कर दिया। आरोपी अली मोहम्मद की पत्नी भी अपने पति को कोसती रही कि तुम जिंदगी भर पिता की सेवा करते रहे और अब जब तुम्हारी बारी आई है तो पिता पैसा देने से इनकार कर रहा है। इसी बात से परेसान 17 जून को अली मोहम्मद ने अपने पिता मोहम्मद शरीफ कुरैशी से झगड़ा किया।

 झगड़ा करने के बाद जब पिता गांव से निकलकर सरयू नदी की तरफ आ गया तो पुत्र अली मोहम्मद भी उसका पीछा करते हुए उसके पास गया। नदी के पास भी पिता-पुत्र की तू तू मैं मैं हुई उसके बाद पुत्र ने जोश में आकर पिता को गिरा कर उसकी पीठ पर बैठकर चाकू से उसका गला रेत दिया और उसका शव कछार के पानी में फेंक दिया। दूसरे दिन 18 जून को उसका शव पानी के ऊपर आया तो लोगों की जानकारी हुई।

 खुद पुत्र ने रोते हुए अज्ञात के खिलाफ थाना पटरंगा में पिता की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था लेकिन अली मोहम्मद को भी शक हो गया था कि पुलिस उसी पर शक कर रही थी और वह भागने की फिराक में था लेकिन तभी पटरंगा पुलिस के चंगुल में अली मोहम्मद फस गया और सारी घटना कबूल कर ली।

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