अयोध्या में दो दिवसीय समरसता कुम्भ का आयोजन।

अयोध्या में दो दिवसीय समरसता कुम्भ का आयोजन।

रिपोर्टर-विकास कुमार अस्थाना

अयोध्या में दो दिवसीय समरसता कुम्भ का आयोजन।

अयोध्या।

प्रयागराज कुम्भ से पहले भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में दो दिवसीय समरसता कुम्भ का आयोजन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अवध विश्वविद्यालय के परिसर में उदघाटन कर किया गया।

समरसता कुम्भ में देश भर से हजारो की संख्या में साधु -सन्त व गणमान्य अतिथिगण शामिल हुए। सीएम योगी ने समरसता कुम्भ से जुड़ी पुस्तक का लोकार्पण किया। सीएम योगी ने मंच से सम्बोधित करते हुए कहा की समरसता कुम्भ में आये हुए साधु संतो व अतिथियों का राम की नगरी में अभिनंदन करता हूँ

देश व दुनिया में कुम्भ के सन्देश के लिये समरसता कुंभ का आयोजन किया गया है अयोध्या में आयोजित इस समरसता कुम्भ से देश व दुनिया को मानव कल्याण से जुड़ा एक बड़ा सन्देश दिया जा सकता है उन्होंने कहा की कुम्भ भारतीय संस्कृति में मानवता का सबसे बड़ा मिलन स्थल है मानवता के इस संगम कुम्भ में किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होता है

योगी आदित्यनाथ ने कहा की पहला वैचारिक कुम्भ बाबा विश्वनाथ की धरती बनारस में सम्पन्न हुआ, दूसरा नारी शक्ति से जुड़ा वैचारिक कुम्भ कृष्ण की नगरी मथुरा में आयोजित किया गया, तीसरा वैचारिक समरसता कुम्भ आज़ राम की नगरी अयोध्या में आयोजित किया जा रहा है

चौथा वैचारिक कुम्भ लखनऊ में होगा व पांचवा वैचारिक कुम्भ का आयोजन प्रयाग में किया जायेगा। यौगि ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा की दोगले चरित्र वाला व्यक्ति कभी सफल नहीं हो सकता है अब तो लोग अपना जनेऊ दिखाकर गोत्र भी बताने लगे है हम राहुल गाँधी की तरह नया गोत्र बनाने लगे,

जनेऊ दिखाने लगे, तो दुर्गति तो होनी ही है विदेशी जूठन खाकर भारत में बैठकर भारत की संस्कृति को कुछ लोगो द्वारा कोसा जा रहा है जिनका स्वंय का इतिहास 2000वर्ष पुराना नहीं वो आज़ हमारे दस हजार वर्ष पुराने इतिहास को बता रहे हैं उन्होंने कहा की सनातन धर्म से वास्ता ना रखने वाले शबरीमाला मन्दिर में जन भावना की ख़िलाफत कर रहे हैं

आयोजित कुम्भ को बदनाम करने के लिये तथाकथित बुद्दजीवीयो के जरिये साजिश रची जा रही है व तथाकथित बुद्दजीवी साजिशों का शिकार हो रहे हैं एक साजिश के तहत कुंभ को पर्यावरण विरोधि और जन विरोधी करार दिया जा रहा है जबकी कुम्भ में तो लोग स्वतः स्फूर्त बढ़ चढ़कर बिना किसी भेदभाव के जरिये पहुंचते हैं कुम्भ नारी शक्ति का केन्द्र है

और सभी धर्मों की अदभुत समरसता का केन्द्र है और कुम्भ विरोधी साजिशों को नाकाम करने के लिये वैचारिक कुम्भ का आयोजन किया जा रहा है यूनेस्को ने कुम्भ को भारत की अमूर्त धरोहर की मान्यता दी है इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है उनके विशेष प्रयासो के चलते ही यूनेस्को ने कुम्भ को आज़ यह दर्जा दिया है सीएम योगी ने कहा की तुलसी जैसे वृक्षों की पूजा करने वाले हम सनातन धर्मीयो से बड़ा प्रकृति प्रेमी कौन हो सकता है

वर्षो पहले हमारे पूर्वजों ने अक्षयवट का संरक्षण किया उन्होंने कहा कुम्भ में पहली बार संगम तट पर स्थित किले में आस्था के केन्द्र अक्षयवट का भी दर्शन कराया जायेगा।योगी ने कहा की पशु पक्षियों और पेड़ो पर संगीत का सकारात्मक असर पड़ता है मैने अपनी गौशाला की तरफ़ भजनो के स्पीकर रख उनके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव देखे हैं

उन्होंने कहा की ईश्वर की सर्वोत्तम कृति मनुष्य के साथ किया जाने वाला भेदभाव एक विकृति है वेद की अधिकतर ऋचाएँ दलितो के पूर्वज ऋषियों ने रची है वाल्मीकि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि है लेकिन फ़िर भी लोग उनके समाज से छुआछूत करते हैं हमारे भारतीय समाज व संस्कृति ने कभी छुआछूत व भेदभाव को कभी महत्व नहीं दिया मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने भी कभी छुआछूत की भावना को नहीं माना।

अयोध्या विवाद पर योगी ने बोला की मन्दिर मामले को लेकर कोर्ट में वहीं लोग गये जो कभी मन्दिर नहीं गये होंगें। उन्होंने कहा की आज़ फेसबुक और गूगल हमारे उपनिषद और पुराणों से अधिक प्रामाणित नहीं है और हमे फेसबुक व गूगल के ज्ञान से उबरना होगा। योगी ने कहा की अयोध्या की धरती से ये सन्देश जाना चाहिये की कुम्भ पर्यावरण विरोधी नहीं हितैषी है।इस अवश्या पर प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री, डा.महेंद्र सिंह, आरएसएस सदस्य भय्या जी,

सांसद लल्लू सिंह, कुलपति मनोज दीक्षित, मेयर ऋषिकेश उपाध्यय, भाजपा अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारीगण व सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद थे।

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