आयुक्त के औचक निरीक्षण में खामियां उजगार

 आयुक्त के औचक निरीक्षण में खामियां उजगार


आयुक्त के औचक निरीक्षण में खामियां उजगार


जिम्मेदार कर्मचारी, अधिकारी अपने पटल के नही दे सके जबाब


तालबेहट। Sunil tripathi

आयुक्त झांसी मण्डल सुभाष चन्द शर्मा ने जिले शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व खण्ड विकास कार्यालय का जिले के आलाधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान जहां स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अपने पटल की जानकारी नही दे पाए वहीं विकास खण्ड कार्यालय में जिम्मेदार अधिकारियों को कमियां पाए जाने पर कड़ी फटकार मिली।


सुबह करीब 10 बजे आयुक्त झांसी मंडल, जिलाधिकारी समेत जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी सामुदायिक केन्द्र पहुंचे। जहां एक्सरे रूम, रक्त परीक्षण केन्द्र का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से जानकारियां ली। इसके बाद आयुष्मान मित्र कक्ष का निरीक्षण किया जहां तैनात कर्मचारी आयुष्मान योजना से संबंधित जानकारी भी नही दे सका।

जिस पर उन्होनें स्वास्थ्य अधीक्षक डा0 नरेन्द्र कुमार अधीक्षक को निर्देश दिया कि जिन कर्मचारियों को अपने पटल की जानकारी तक नही है उन्हे तैनात कैसे कर दिया। इसके बाद पोषण पुर्नवास केन्द्र का निरीक्षण किया जहां तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों से शिशु के वजन व जननी सुरक्षा संबंधी जानकारी पूछी तथा उनको दिए जा रहे आहार संबंधी जानकारी ली।

जिस पर महिला कर्मचारी उत्तर नही दे सके दे। जिसके बाद उन्होनें ओपीडी में आए मरीजों से बात की तथा उन्हे आयुष्मान संबंधी जानकरियों से अवगत कराया। निरीक्षण के उपरंात उन्होनें सीएमओ डा0 प्रताप सिंह, केन्द्र अधीक्षक डा0 नरेन्द्र कुमार केा एक सप्ताह में सुधार लाने के निर्देश दिए।

इसके बाद अधिकारियों का काफिला विकाखण्ड कार्यालय पहुंचा जहां सबसे पहले उन्होनें सहायक समाज कल्याण अधिकारी एस0आर यादव से बृद्वा, दिव्यांग, विधवा पेंशन की ग्राम बार जानकारी मांगी जिस पर वह नही दे सके इसके बाद उन्होनें बैंकों द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति के ग्रामीण बेरोजगारों को दिए ऋण संबंधी जानकारी मांगी जिस पर सहायक समाज कल्याण अधिकारी नही दे सके।

जिस पर उन्होनें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि कैसे मिलेगा ग्रामीणों को रोजगार यदि आप को काम नही करना तो घर बैठा दे..।

इसके बाद विकास खण्ड अधिकारी ज्योति रानी कौशिक से चौहदवें वित्त  आयोग, राज्य वित्त आयोग की धनराशि का खर्च का ब्यौरा, परसंपत्ति रजिस्ट्रर, पंजिका रजिस्ट्रर संबंधी समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारियां मांगी। जिस पर बीडीओ ज्योति रानी जानकारी नही दे सकी जिस पर कड़ी फटकार लगाते हुए एक सप्ताह में विकास खण्ड कार्यालय की कमियों में सुधार लाने के निर्देश दिए।

वहीं एडीओ पंचायत संतोष गौतम की पत्रावलियां देख संतुष्ट नजर आए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पाण्डेय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 प्रताप कुमार, अपर जिलाधिकारी अनिल मिश्र, अपर एसपी अवधेश विजेता, जिला विकास अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी पियूष चंद राय समेत जिले के अधिकांश विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।


गौ आश्रय स्थल का किया निरीक्षण, ईओ पंकज सिंह को लगी फटकार


झांसी मंडलायुक्त द्वारा गौ आश्रय केन्द्र का निरीक्षण किया गया जिसमें उपस्थित कर्मचारी ने बताया कि गौवशों की सेवा के लिए दस कर्मचारी तैनात है  तथा पशु डाक्टर पशुओं की देखरेख करता है। मगर पशु डाक्टर पी0के खरे अनुपस्थित पाए गए वहीं दवाओं का प्रबंध भी बेहतर नही था। जिस पर उन्होनें पशु डाक्टर को निलंबित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान उन्होनें पशुओं की संख्या रजिस्ट्रर आदि देखा तथा व्यवस्थापक ईओ नगर पंचायत पंकज सिंह को निर्देश दिए कि प्रतिदिन गौवशों को हरा चरा भूसा दिया जाए तथा पानी आदि का बेहतर प्रबंध किया जाए। गौवंश स्थल में भूख प्यास से बीमार पाए गए पशुओं पर ईओ पंकज सिंह को कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार लाने के निर्देश दिए।


पशु उप चिकित्साधिकारी को चिल्लाने पर किया निंलबित


विकासखण्ड के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल के समक्ष चिल्ला कर बोलने तथा बार बार मना करने के बाद भी बोलेने के कारण पशु डाक्टर के निलंबन के आदेश दिए। निरीक्षण के दौरान उपपशु चिकित्साधिकारी द्वारा चिल्ला कर बताया जा रहा था कि कान्हा आश्रय केन्द्र, मण्डी की अस्थाई गौशाला में गौवशं भूख प्यास के अभाव में मर रहे है। उन्हे अकेले दवाए देने से कुछ नही होगा उनको पर्याप्त भूसा, दाना, पानी चाहिए जो नही मिल रहा भूख प्यास से गौवंश मर रहे।

 पशु डाक्टर ने ईओ नगर पंचायत पंकज सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद भी चुप न होने पर जिलाधिकारी योगेश शुक्ल ने अनुशासन हीनता पर डाक्टर के निलंबित कर दिया।


ग्राम पंचायत में बैठक कर रहे अधिकारी को प्रतिकूल टिप्पणी


निरीक्षण के दौरान कमिश्रर ने जब प्रभारी एडीओ आईएसडी वीरेन्द्र बरौदिया की जानकारी ली तो विकास खण्ड अधिकारी उनकी उपस्थिति की जानकारी नही दे पाई प्रभारी एडीओ ग्राम प्रधान के साथ ग्राम रजपुरा में आयोजित ग्राम विकास योजना में बैठे हुए थे। जिस पर आयुक्त ने उन्हे कारण बताओ नोटिस जारी किया।


फरियादियों ने सुनाई शिकायतें


ग्राम पंचायत रजावन के दिव्यांग एवं बुजुर्गो ने कमिश्रर से शौचालय निर्माण की गुहार लगाते हुए ग्राम विकास अधिकारी व प्रधान पर भृष्ट्राचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। जिस पर उन्होनें ग्रामीणों के शिकायती पत्र लेकर मुख्य विकास अधिकारी को निस्तारण के निर्देश दिए।

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